फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   MP BJP Politics: Deliberation in BJP on the names of district presidents including Indore News in Hindi

MP BJP Politics: अपनों को सत्ता, इस पर अड़े MP-मंत्री, जिलाध्यक्षों के नाम में देरी का असर प्रदेशाध्यक्ष पर

Wed, 22 Jan 2025 10:29 AM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: उदित दीक्षित Updated Wed, 22 Jan 2025 10:29 AM IST
सार

MP BJP Politics: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर और इंदौर ग्रामीण  में अब तक जिला अध्यक्ष के नाम का एलान नहीं हो सका है। इसी तरह निवाड़ी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भी पेंच फंसा हुआ है। जानिए, कहां फंसा है पेंच?

विज्ञापन
MP BJP Politics: Deliberation in BJP on the names of district presidents including Indore News in Hindi
भाजपा में नामों को लेकर फंसा पेंच। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्य प्रदेश भाजपा अपने संगठन का विस्तार कर रही है। इसे लेकर पार्टी की ओर से बीते दिनों लगातार एक के बाद एक सूची जारी कर जिला अध्यक्षों का एलान किया गया। लेकिन, 18 जनवरी के बाद से जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा पर ब्रेक लग गया। इस देरी का असर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम के एलान पर भी हो रहा है। 

विज्ञापन


विज्ञापन


बता दें कि पार्टी अब तब 57 जिला अध्यक्षों के नामों का एलान कर चुकी है, जबकि 62 नामों की घोषणा होनी हैं। ऐसे में अभी पांच जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा होना बाकी है। चार दिन से भाजपा की ओर से कोई सूची जारी नहीं की गई, जिससे यह साफ है कि यहां सियासी पेंच फंसा हुआ है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इन जिलों में मुख्यमंत्री, मंत्री और सांसद अपने पत्ते (समर्थक नेता) फिट करने की कोशिश कर रहे हैं। आइए, अब विस्तार से जानते हैं कि कहां और किसलिए जिला अध्यक्ष के नाम की घोषणा में देरी हो रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा पर इसका असर कैसे बजेगा? 
विज्ञापन
विज्ञापन


सबसे पहले जानिए कहां अटके हैं जिला अध्यक्ष के नाम
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर और इंदौर ग्रामीण  में अब तक जिला अध्यक्ष के नाम का एलान नहीं हो सका है। इसी तरह निवाड़ी, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा में भी पेंच फंसा हुआ है। 

इंदौर में विजयवर्गीय और सिलावट आमने सामने
इंदौर शहर और इंदौर ग्रामीण के जिला अध्यक्षों के नाम का एलान भी अभी बाकी है। यहां दो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसी सिलावट अपने समर्थक चाहते हैं। दोनों मंत्रियों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है। मंत्री विजयवर्गीय उनके खास समर्थक चिंटू वर्मा को रिपीट कराना चाहते हैं। वे वर्तमान में जिलाध्यक्ष भी हैं। तुलसी सिलावट कलोता समाज के अंतरदयाल को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं। उनके नाम पर विधायक उषा ठाकुर और मनोज पटेल भी राजी हैं। अंतरदयाल का नाम केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी आगे बढ़ाया है। उधर, इंदौर में वर्तमान अध्यक्ष गौरव रणदिवे फिर अध्यक्ष बनने के लिए भोपाल तक जोर लगा रहे हैं। मंत्री विजयवर्गीय ने दीपक जैन टीनू का नाम आगे बढ़ाया है। उनकी दूसरी पसंद सुमित मिश्रा है, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के समय से भाजपा का काम कर रहे मुकेश राजावत को संगठन के कुछ नेता नगर अध्यक्ष की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। ऐसे में प्रदेश में सबसे ज्यादा घमासान इंदौर के दो पदों पर ही मचा है। 
 
सांसद और मुख्यमंत्री अपने-अपने को पद दिलाने में लगे  
छिंदवाड़ा का जिला अध्यक्ष कौन होगा यह सवाल सियासी गलियारों में लगातार घूम रहा है? राजनीति में दिलचस्पी रखने वालों की जुबान पर शेष राव यादव और टीकाराम चंद्रवंशी का नाम है। माना जा रहा है कि इन दो नामों में से किसी एक पर पार्टी की मोहर लगेगी। लोकसभा चुनाव में कार्यवाहक जिला अध्यक्ष नियुक्त किए गए शेष राव यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के समर्थन से अपनी कुर्सी बचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, लोकसभा चुनाव में नकुलनाथ को हराकर पहली बार सांसद बने विवेक बंटी साहू टीकाराम चंद्रवंशी को जिला अध्यक्ष बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सीएम और सांसद के बीच फंसे पेंच के कारण नाम के एलान में देरी हो रही है।  

सीएम ने नाम बढ़ाया, मंथन जारी    
करीब छह साल पहले मप्र के नक्शे पर जिला बनकर उभरे निवाड़ी को भी अब तक भाजपा का जिला अध्यक्ष नहीं मिला है। संगठन में पूर्व मंत्री स्वर्गीय सुनील नायक के भाई गणेशी लाल नायक के नाम पर सहमति बनती नजर आई थी। लेकिन, सीएम डॉ. मोहन यादव की ओर से पूर्व विधायक डॉ. शिशुपाल सिंह यादव का नाम आगे बढ़ा दिया गया। इसके अलावा जिला महामंत्री रोहिन राय और पूर्व मंडल अध्यक्ष आकाश अग्रवाल का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। ऐसे में संगठन नामों पर मंथन कर रहा है, जिला अध्यक्ष की कुर्सी किसे मिलेगी, यह अब तक साफ नहीं है।  
        
दो दिग्गज मंत्रियों के बीच उलझा नाम
नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष को लेकर तिकड़ी फंसी हुई नजर आ रही है। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल के छोटे भाई जालम सिंह पटेल का नाम जिला अध्यक्ष पद के लिए सामने आया था, लेकिन बाद में पटेल खेमे की ओर से महिला नेत्री बीना ओसवाल का नाम आगे कर दिया गया। वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह राजीव सिंह पटेल को अध्यक्ष बनाने के लिए दम लगा रहे हैं। ऐसे में जिला अध्यक्ष का नाम दो दिग्गज मंत्रियों के बीच फंसा नजर आ रहा है। 

वीडी शर्मा की विदाई, नए नाम का होना है एलान  
यह माना जा रहा है कि प्रदेश के 62 जिला अध्यक्षों के नाम के एलान के बाद प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा की घंटी बजेगी। वीडी शर्मा के बाद भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष मिल सकता है। वर्तमान अध्यक्ष वीडी शर्मा का कार्यकाल एक बार बढ़ाया जा चुका है। ऐसे में इसकी संभावना काफी कम है कि उनका कार्यकाल फिर बढ़ाया जाए। लेकिन, फिलहाल भाजपा जिला अध्यक्षों के एलान पर ही फंसी है, जिसका असर प्रदेश अध्यक्ष के एलान पर भी पड़ रहा है।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed