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MP Board Result:16 वर्ष का सबसे अच्छा रिजल्ट,CM बोले-बेटियों के साथ जनजातीय जिलों के बच्चों का शानदार प्रदर्शन
Wed, 15 Apr 2026 11:58 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 15 Apr 2026 11:58 AM IST
सार
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषित किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार का रिजल्ट 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ रहा है। जिसमें बेटियों और जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों का प्रदर्शन शानदार रहा। जो बच्चे सफल नहीं हो पाए उनको मई माह में दोबारा मौका मिलेगा।
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सीएम मोहन यादव 10वीं-12वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम की मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को घोषणा की। 10वीं कक्षा का रिजल्ट 73.42 प्रतिशत और 12वीं कक्षा का परिणाम 76.01 प्रतिशत रहा। इस बार भी दोनों परीक्षाओं में छात्राओं ने बाजी मारी है। 12वीं का रिजल्ट तो 16 साल का सर्वश्रेष्ठ रिजल्ट रहा। हाईस्कूल परीक्षा में पन्ना के गुनौर के सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने टॉप किया है। उन्हें 500 अंकों में से 499 नंबर हासिल हुए। इसी तरह हायर सेकंडरी में वाणिज्य समूह की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में जगह बनाई है। उन्होंने 500 में से 494 अंक प्राप्त किए। इस बार के रिजल्ट में जनजातीय जिलों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। सीएम ने कहा कि माता-पिता और बच्चे जान लगाकर परीक्षा की तैयारी करते हैं। इस बार का परीक्षा परिणाम के तुरंत बाद एक और परीक्षा मई में होने वाली है। हमारे जमाने में एक ही परीक्षा हुआ करती थी। अगर कोई असफल हुआ तो उसका पूरा साल खराब हो जाता था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा नीति-2020 लागू की। उसी का परिणाम है कि हम बच्चों का साल बचा लेते हैं। यह परीक्षा परिणाम स्वर्णिम मध्यप्रदेश की नई गाथा पेश कर रहा है।
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संसाधनों की कमी की चुनौती के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने परिणाम को “सुखद और गौरवशाली” बताते हुए इसके पीछे कई अहम कारण गिनाए। उन्होंने कहा कि इस बार जनजातीय जिलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है। कठिन परिस्थितियों, संसाधनों की कमी और परीक्षा केंद्रों की दूरी जैसी चुनौतियों के बावजूद इन छात्रों ने अपनी प्रतिभा से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ा है। मेरिट सूची में भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 10वीं और 12वीं दोनों ही कक्षाओं में सरकारी स्कूलों के परिणाम बेहतर रहे हैं। उन्होंने नकल के मामलों में कमी को भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही कहा कि इस वर्ष का परीक्षा परिणाम पिछले 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दर्शाता है, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। सीएम ने कहा कि यह रिजल्ट नारी सशक्तिकरण को समर्पित है।
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5 मई के बाद दोबारा परीक्षा का मिलेगा मौका
वहीं, शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां किसी कारणवश असफल होने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा का अवसर प्रदान किया जाता है। ऐसे में जिन विद्यार्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं आया है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें आगे फिर मौका मिलेगा। आगामी 5 मई के बाद यह परीक्षा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विशेष लक्ष्य तय कर पूरी प्रक्रिया को अत्यंत अनुशासित तरीके से संपन्न किया गया। परीक्षा के दौरान कैमरे और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती गई तथा निर्धारित समय सीमा में परिणाम तैयार किए गए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परिणाम जारी करने से पहले व्यापक स्तर पर क्रॉस चेकिंग और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई। हर स्तर पर जांच सुनिश्चित की गई, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ग्रामीण और आदिवासी जिलों में विशेष फोकस किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
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संसाधनों की कमी की चुनौती के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन
मुख्यमंत्री ने परिणाम को “सुखद और गौरवशाली” बताते हुए इसके पीछे कई अहम कारण गिनाए। उन्होंने कहा कि इस बार जनजातीय जिलों के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है। कठिन परिस्थितियों, संसाधनों की कमी और परीक्षा केंद्रों की दूरी जैसी चुनौतियों के बावजूद इन छात्रों ने अपनी प्रतिभा से उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार भी बेटियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए छात्रों को पीछे छोड़ा है। मेरिट सूची में भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने निजी स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 10वीं और 12वीं दोनों ही कक्षाओं में सरकारी स्कूलों के परिणाम बेहतर रहे हैं। उन्होंने नकल के मामलों में कमी को भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही कहा कि इस वर्ष का परीक्षा परिणाम पिछले 16 वर्षों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दर्शाता है, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव का संकेत है। सीएम ने कहा कि यह रिजल्ट नारी सशक्तिकरण को समर्पित है।
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5 मई के बाद दोबारा परीक्षा का मिलेगा मौका
वहीं, शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां किसी कारणवश असफल होने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा का अवसर प्रदान किया जाता है। ऐसे में जिन विद्यार्थियों का परिणाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं आया है, उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, उन्हें आगे फिर मौका मिलेगा। आगामी 5 मई के बाद यह परीक्षा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विशेष लक्ष्य तय कर पूरी प्रक्रिया को अत्यंत अनुशासित तरीके से संपन्न किया गया। परीक्षा के दौरान कैमरे और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए पूरी पारदर्शिता और सावधानी बरती गई तथा निर्धारित समय सीमा में परिणाम तैयार किए गए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि परिणाम जारी करने से पहले व्यापक स्तर पर क्रॉस चेकिंग और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की गई। हर स्तर पर जांच सुनिश्चित की गई, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे और छात्रों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में ग्रामीण और आदिवासी जिलों में विशेष फोकस किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा वहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
