MP News: छात्रसंघ चुनाव पर कोरोना का साया, उच्च शिक्षा मंत्री बोले- अभी कोविड का तीसरा दौर, बाद में होगा फैसला
मध्यप्रदेश में पांच साल पहले अप्रत्यक्ष प्रणाली से छात्रसंघ चुनाव हुए थे। वहीं प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराए हुए 19 साल हो गए हैं। लंबे समय से छात्र संगठन प्रदेश के कॉलेजों में प्रत्यक्ष रूप से चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
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मध्यप्रदेश के सरकारी कॉलेजों में इस बार भी छात्रसंघ चुनाव नहीं होने की संभावना है। चुनाव नहीं कराने के पीछे सरकार ने कोरोना का हवाला दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कोरोना का अभी तीसरा दौर चल रहा है। कोविड की स्थिति सामान्य होने के बाद ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में बात कर कोई फैसला लिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मंत्री मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कोरोना की स्थिति समान्य होने पर छात्रसंघ चुनाव कराने की बात कही। बता दें कि प्रदेश में सरकारी आठ यूनिवर्सिटी हैं। 1327 प्राइवेट और सरकारी कॉलेज हैं। छात्रसंघ चुनाव नहीं होने से छात्र निराश नजर आ रहे हैं।
एबीवीपी ने लिखा नेताओं को पत्र
एबीवीपी ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की है। एबीवीपी के प्रांत संगठन मंत्री प्रवीण शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने चुनाव कराने की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री और दूसरे नेताओं को पत्र लिखा है।
19 साल पहले हुए थे प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव
प्रदेश के कॉलेजों में 2017 में अप्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराए थे। उस समय छात्र संगठनों ने राज्य सरकार से चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की मांग की थी। इसे खारिज कर दिया गया था। प्रत्यक्ष प्रणाली से आखिरी बार 2003 में छात्र संघ चुनाव हुए थे। तब से अब तक लगातार छात्र संगठनों के नेता प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं।
