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एमपी: दीपावली से पहले चंबल में होगा औद्योगिक सम्मेलन, एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र की तैयारी
Fri, 16 Oct 2026 11:00 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:00 PM IST
सार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना में उद्यमियों से संवाद के दौरान दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की। चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर भी चर्चा हुई, वहीं ग्लास विनिर्माण इकाई में 1500 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 2000 रोजगार मिलने की संभावना है।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार दीपावली से पहले संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना में उद्यमियों से संवाद के दौरान इसकी घोषणा की। उन्होंने चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। सरकार का जोर निवेश बढ़ाने, नए उद्योग स्थापित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करने पर है। जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित संवाद में करीब 20 उद्यमियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने उद्योगों के संचालन, विस्तार, निर्यात और सरकारी विभागों से मिले सहयोग के अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए सरकार हरसंभव सहायता देगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में नए औद्योगिक क्षेत्रों और क्लस्टर के विकास के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी योजनाबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा।
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ग्लास यूनिट में 1500 करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री ने एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना की। कंपनी को करीब 27 एकड़ जमीन आवंटित की गई है और निर्माण कार्य जारी है। परियोजना में लगभग 1500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लास जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देकर प्लास्टिक का उपयोग कम करने की दिशा में काम किया जा सकता है।
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पराली से उपयोगी उत्पाद बनाने पर जोर
बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की बायोमास पैलेट्स निर्माण संबंधी पहल का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि अपशिष्ट का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पराली प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। वहीं, सिनोरिया फार्मा के कपिल सत्यवानी ने बताया कि चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा उपकरण बनाने वाली उनकी इकाई का निर्माण पूरा हो चुका है। करीब छह करोड़ रुपये के निवेश वाली इस इकाई में दीपावली तक उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पोरसा और सबलगढ़ सहित क्षेत्र के अन्य स्थानों पर औद्योगिक गतिविधियां बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार होने से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
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ग्लास यूनिट में 1500 करोड़ का निवेश
मुख्यमंत्री ने एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई की सराहना की। कंपनी को करीब 27 एकड़ जमीन आवंटित की गई है और निर्माण कार्य जारी है। परियोजना में लगभग 1500 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। इससे करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लास जैसे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देकर प्लास्टिक का उपयोग कम करने की दिशा में काम किया जा सकता है।
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पराली से उपयोगी उत्पाद बनाने पर जोर
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