कोरोना की मार से आहत जनता को 'शिव' राहत, बजट में न कोई नया कर, न बढ़ेगी किसी की दर
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शिवराज सरकार के चौथे कार्यकाल का पहला बजट आज (2 मार्च) मध्यप्रदेश विधानसभा में पेश किया गया। इस दौरान वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने एलान किया कि बजट में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश पर फोकस किया गया है। इसके तहत सरकार न तो कोई नया कर लगाएगी और न ही पुराने करों में इजाफा करेगी। वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कई अहम योजनाओं की भी घोषणा की।
24 हजार शिक्षकों की होगी भर्ती
यहां पढ़ें पूरा बजट भाषण
नर्मदा एक्सप्रेसवे का खाका तैयार
वित्त मंत्री ने कहा कि चंबल के लिए अटल प्रोग्रेस-वे है, लेकिन अब पूर्व से पश्चिम को जोड़ने के लिए नर्मदा एक्सप्रेसवे का खाका तैयार किया गया है। इस नए एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योग विकसित करने की भी योजना है, जिसके लिए 2 लाख 40 हजार करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। वहीं, बजट में भोपाल के गैस पीड़ितों की पेंशन जारी रखने का एलान किया गया। बता दें कि गैस पीड़ितों के लिए केंद्रीय पेंशन योजना बंद हो चुकी है। ऐसे में राज्य सरकार ने अपने स्तर से पेंशन उपलब्ध कराने की बात कही है।
किसानों पर भी फोकस
मध्यप्रदेश के बजट में किसानों पर भी फोकस किया गया है। वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि किसानों को बिना ब्याज के ऋण देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। हमने किसान सम्मान निधि योजना लागू की है। किसानों को छह हजार रुपये मिल रहे हैं। 78 लाख किसानों को आठ हजार करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। सीएम शिवराज ने इस योजना को टॉपअप करते हुए किसान कल्याण योजना में चार हजार रुपये और बढ़ाए हैं। इसके तहत राज्य में किसानों को 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
हर घर में पहुंचेगा पेयजल
वित्तमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने प्रदेश को 19 हजार 353 करोड़ की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी। इससे चार क्षेत्रों में नए मिशन शुरू किए जाएंगे। अधोसंरचना में रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। शिक्षा व स्वास्थ्य में अतिरिक्त प्राविधान किए गए हैं। 2441 करोड़ रुपये से नई सड़कें बनेंगी। जल संसाधन में 6 हजार 436 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन से हर घर में पेयजल पहुंचाया जाएगा। 5000 करोड़ रुपये की ग्रामीण और 6436 करोड़ रुपये शहरी परियोजना स्वीकृत किए गए हैं। शहरी जल जीवन मिशन का गठन किया जाएगा। 5962 करोड़ रुपये पेयजल पर खर्च होंगे।
प्रदेश में बनेंगे नौ मेडिकल कॉलेज
बजट भाषण के दौरान प्रदेश में नौ मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की गई। वित्तमंत्री ने बताया कि श्योपुर, राजगढ़, मंडला, सिंगरौली, नीमच, मंदसौर, दमोह, छतरपुर और सिवनी में नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। हालांकि, महेश्वर का नाम नहीं होने पर कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विजयालक्ष्मी साधौ ने आपत्ति जताई। इसके अलावा 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट के लिए पांच आदिवासी बहुल जिलों में ट्रांसपोर्ट सर्विस का नया प्रयोग किया जाएगा। बैतूल के आठनेर, उमरिया के पाली, बालाघाट के बिरसा, झाबुआ और धार जिले के धरमपुरी में अगले सत्र से अंचल के स्टूडेंट को बस या अन्य यातायात सुविधा के जरिए घर से स्कूल तक लाया व ले जाया जाएगा।
मत्स्य पालकों की आय होगी दोगुनी
बजट में मत्स्य पालकों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा औद्योगिक उत्पादन बढ़ाकर 25 फीसदी करने की भी योजना है। वित्तमंत्री ने बताया कि सीएम स्वरोजगार योजना शुरू की जाएगी। पर्यटन केंद्र में होम स्टे की सुविधा शुरू की जाएगी। पन्ना में डायमंड म्यूजियम बनाया जा रहा है। वहीं, छतरपुर में जटाशंकर में रोपवे का निर्माण किया जाएगा। पीएम स्ट्रीट वेंडर योजना में सात प्रतिशत से अधिक का ब्याज राज्य सरकार देगी। वोकल फॉर लोकल से रोजगार के अवसर बढ़ाएंगे। 1400 करोड़ रुपये का राजस्व रेत से प्राप्त होगा। 250 आबादी वाले आदिवासी गांव को पीएम सड़क योजना से जोड़ा जाएगा।
बजट के बड़े आंकड़ों पर डालिए नजर
- 2,41,375 करोड़ रुपये का है वित्त वर्ष 2020-21 का बजट।
- 35,977 करोड़ रुपये ज्यादा है, पिछले वर्ष से।
- 4.5 फीसदी हो सकता है राजकोषीय घाटा।
- 1,72,971 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए रखे गए।
- 44,152 करोड़ रुपये की राशि पूंजीगत व्यय के लिए रखी।
- 1,12,521 करोड़ रूपये सामाजिक आर्थिक उत्थान की योजनाओं पर खर्च का अनुमान।
1,169 करोड़ रुपये के घाटे का बजट
वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि वर्ष 2021-22 की कुल प्राप्तियां 2,15,954 करोड़ रूपये तथा कुल व्यय 2,17,123 करोड़ रूपये होने का अनुमान है। इस तरह शुद्ध लेन-देन का अंतर 1,169 करोड़ रूपये ऋणात्मक है।
जीडीपी के 4.5 प्रतिशत होगा राजकोषीय घाटा
वर्ष 2021-22 में राजकोषीय घाटा 50,938 करोड़ रूपये अनुमानित है। यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.5 प्रतिशत अनुमानित है। चालू वित्त वर्ष में 8,293 करोड़ रूपये का राजस्व घाटा अनुमानित है।
केंद्र से 2000 करोड़ अतिरिक्त मिलने की उम्मीद
14वें वित्त आयोग द्वारा केंद्रीय करों में राज्यों का अलग अलग हिस्सा लगाने लगाने के फार्मूले के तहत मध्य प्रदेश के लिए 7.548 प्रतितशत की हिस्सेदारी तय की गई थी। मध्य प्रदेश द्वारा 15वें वित्त आयोग को इस हिस्सेदारी को बढ़ाने के लिए अपने मूल ज्ञापन तथा अतिरिक्त ज्ञापन में ठोस तर्क प्रस्तुत किए थे। वित्त आयोग ने 2020-21 से वर्ष 2025-26 की अवधि के लिए केंद्रीय करों में मप्र की हिस्सेदारी बढ़ाकर 7.85 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इससे वर्ष 2021-22 में मध्यप्रदेश को केन्द्रीय करों की लगभग 2,000 करोड़ रूपये अतिरिक्त राशि प्राप्त होना अनुमानित हैं
कोरोना से घटा पांच प्रतिशत राजस्व
वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण वर्ष 2019-20 की तुलना में वर्ष 2020-21 के पुनरीक्षित अनुमान अनुसार राज्य के स्वयं के कर एवं करेतर राजस्व में लगभग 5.05 प्रतिशत की कमी होना संभावित है। लेकिन विशेष प्रयासों से राजस्व एवं गैर कर-राजस्व प्राप्ति वर्ष 2020-21 के बजट अनुमान की तुलना में लगभग 33 प्रतिशत अधिक होने का अनुमान है।
हर पंचायत में राशन दुकान, महिलाएं करेंगी संचालन
मप्र की हर ग्राम पंचायत में एक राशन की दुकान खुलेगी और एक तिहाई दुकानें महिलाएं संचालित करेंगी। हर जिले में महिला पुलिस थाना प्रारंभ होगा। बजट में लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 900 करोड़ रूपये से अधिक के प्रावधान सहित महिलाओं के लिए कुल 10,674 करोड़ की राशि का प्रावधान राज्य सरकार के महिला कल्याण के लक्ष्य का परिचायक है।
