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Weather: प्रदेश के कई क्षेत्रों में हुई बारिश, ज्यादातर जिलों में मौसम रहा साफ, कल एक्टिव होगा एक नया सिस्टम
Sun, 18 Aug 2024 07:06 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 18 Aug 2024 07:06 PM IST
सार
रविवार को भारी बारिश से राहत रही प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश हुई ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा। 19 अगस्त से एक और सिस्टम एक्टिव हो रहा है जिससे मानसून की गतिविधियां तेज होगी और 20 तारीख से पूरा प्रदेश में बारिश शुरू होगी।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में रविवार को भारी बारिश से राहत रही प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश हुई ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून द्रोणिका मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है जो कि बांग्लादेश के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र तक जा रही दक्षिण बांग्लादेश पर चक्रवती पर संरक्षण भी बना हुआ है। 19 अगस्त से एक और सिस्टम एक्टिव हो रहा है जिससे मानसून की गतिविधियां तेज होगी और 20 तारीख से पूरा प्रदेश में बारिश शुरू होगी।
मौसम विभाग का अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग ने मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है जिसके अनुसार शहडोल, रीवा, जबलपुर, सागर, ग्वालियर एवं चंबल संभाग जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा बैतूल, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला एवं बालाघाट जिलों में भी मध्यम वर्षा हो सकती है। शेष इलाकों में कहीं-कहीं रिमझिम फुहारें पड़ सकती है। 21 अगस्त से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होगी।
जाने 24 घंटों में प्रदेश में कहां कितनी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों केदौरान प्रदेश के ग्वालियर में 54.6, सीधी में 43.6, पचमढ़ी में 29, मंडला में 27.4 और बैतूल में 13.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहा।
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जाने कैसीं हैं मौसन गतिविधियां
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण बांग्लादेश और उसके आसपास के इलाकों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके धीरे-धीरे उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 19 अगस्त तक बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल के गंगीय इलाकों में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों के दौरान इसके गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उससे सटे बिहार और उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य प्रदेश में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। मानसून की द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, सतना, रांची से होकर गुजरते हुए दक्षिण बांग्लादेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बरकरार है। पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण से पश्चिम मध्य अरब सागर तक द्रोणिका बनी हुई है। तेलंगाना से सटे उत्तर आंतरिक कर्नाटक पर चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। तेलंगाना से सटे उत्तर आंतरिक कर्नाटक पर चक्रवाती परिसंचरण से केरल और आंतरिक तमिलनाडु में कोमोरिन क्षेत्र तक द्रोणिका बनी है।
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मौसम विभाग का अगले 24 घंटे के लिए अलर्ट
मध्य प्रदेश मौसम विभाग ने मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है जिसके अनुसार शहडोल, रीवा, जबलपुर, सागर, ग्वालियर एवं चंबल संभाग जिलों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा बैतूल, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला एवं बालाघाट जिलों में भी मध्यम वर्षा हो सकती है। शेष इलाकों में कहीं-कहीं रिमझिम फुहारें पड़ सकती है। 21 अगस्त से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियों में वृद्धि होगी।
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जाने 24 घंटों में प्रदेश में कहां कितनी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले 24 घंटों केदौरान प्रदेश के ग्वालियर में 54.6, सीधी में 43.6, पचमढ़ी में 29, मंडला में 27.4 और बैतूल में 13.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम ज्यादातर शुष्क रहा।
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जाने कैसीं हैं मौसन गतिविधियां
मौसम विभाग के मुताबिक दक्षिण बांग्लादेश और उसके आसपास के इलाकों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके धीरे-धीरे उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 19 अगस्त तक बांग्लादेश और उससे सटे पश्चिम बंगाल के गंगीय इलाकों में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद अगले 3-4 दिनों के दौरान इसके गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और उससे सटे बिहार और उत्तर प्रदेश और उससे सटे मध्य प्रदेश में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। मानसून की द्रोणिका बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, सतना, रांची से होकर गुजरते हुए दक्षिण बांग्लादेश और उसके आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव वाले क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। पश्चिम राजस्थान और उसके आसपास के इलाकों में चक्रवाती परिसंचरण बरकरार है। पश्चिम राजस्थान के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण से पश्चिम मध्य अरब सागर तक द्रोणिका बनी हुई है। तेलंगाना से सटे उत्तर आंतरिक कर्नाटक पर चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। तेलंगाना से सटे उत्तर आंतरिक कर्नाटक पर चक्रवाती परिसंचरण से केरल और आंतरिक तमिलनाडु में कोमोरिन क्षेत्र तक द्रोणिका बनी है।
