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IISF 2023: विज्ञान मेले में शराब का क्या काम, फिर भी हो गई डिस्प्ले, अफसरों को पता तक नहीं
Thu, 26 Jan 2023 11:36 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 26 Jan 2023 11:36 AM IST
सार
भोपाल के मौलाना आजाद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (मैनिट) में आठवां इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल आयोजित हुआ। सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर केंद्रीय मंत्री तक पहुंचे। इस बीच वहां गोवा की फैनी यानी शराब भी स्टॉल पर प्रदर्शित की जाती रही।
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गोवा की फैनी का साइंस फेस्टिवल में प्रदर्शन किया गया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में आबकारी नीति को लेकर सियासी घमासान मचा है। इस बीच, मैनिट में आठवें इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्ट में शराब प्रदर्शित की गई। वह भी गोवा की फेनी। न आबकारी विभाग को भनक लगी, न ही आयोजकों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया।
मध्यप्रदेश की आबकारी नीति कहती है कि शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का प्रदर्शन या विज्ञापन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद इतने बड़े आयोजन में गोवा की फेनी (शराब) बिकना सवाल खड़े कर रहे हैं। साइंस एक्सपो डोम में गोवा से आई एक संस्था ने हर्बल मिर्च, नेचरल तरीके से पकाए केलों के साथ ही काजू और नारियल से बनी फैनी भी प्रदर्शित की। इनमें 40 से 43 प्रतिशत अल्कोहल था, जो इसके डिस्प्ले पर भी है। अब साइंस फेस्टिवल में प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मध्यप्रदेश आबकारी एक्ट 1915 के अनुसार शराब का किसी भी माध्यम से प्रदर्शन अपराध है। इसमें छह माह तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
भारत सरकार ने जीआई टैग दिया
फेस्टिवल में गोवा की फेनी का स्टॉल लगाने वाले दीपक ने बताया कि फैनी को भारत सरकार की तरफ से जीआई टैग मिला हुआ है। इस वजह से उसके प्रमोशन के लिए साइंस फेस्ट में आए हैं।
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जानकारी लेकर ही कुछ कह पाऊंगा
इस मामले में आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि वह इस मामले में जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। वह किसलिए लेकर आए हैं। हालांकि आबकारी एक्ट के अनुसार शराब का प्रदर्शन नहीं हो सकता।
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मध्यप्रदेश की आबकारी नीति कहती है कि शराब या किसी भी प्रकार के मादक पदार्थ का प्रदर्शन या विज्ञापन प्रतिबंधित हैं। इसके बावजूद इतने बड़े आयोजन में गोवा की फेनी (शराब) बिकना सवाल खड़े कर रहे हैं। साइंस एक्सपो डोम में गोवा से आई एक संस्था ने हर्बल मिर्च, नेचरल तरीके से पकाए केलों के साथ ही काजू और नारियल से बनी फैनी भी प्रदर्शित की। इनमें 40 से 43 प्रतिशत अल्कोहल था, जो इसके डिस्प्ले पर भी है। अब साइंस फेस्टिवल में प्रदर्शन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मध्यप्रदेश आबकारी एक्ट 1915 के अनुसार शराब का किसी भी माध्यम से प्रदर्शन अपराध है। इसमें छह माह तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
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भारत सरकार ने जीआई टैग दिया
फेस्टिवल में गोवा की फेनी का स्टॉल लगाने वाले दीपक ने बताया कि फैनी को भारत सरकार की तरफ से जीआई टैग मिला हुआ है। इस वजह से उसके प्रमोशन के लिए साइंस फेस्ट में आए हैं।
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जानकारी लेकर ही कुछ कह पाऊंगा
इस मामले में आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि वह इस मामले में जानकारी लेने के बाद ही कुछ कह पाएंगे। वह किसलिए लेकर आए हैं। हालांकि आबकारी एक्ट के अनुसार शराब का प्रदर्शन नहीं हो सकता।
