फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Geeta returned from Pakistan 8 years ago gave her 8th class exam

MP: पाकिस्तान से 8 साल पहले लौटी गीता ने 8वीं कक्षा की परीक्षा दी, आत्मनिर्भर बनना चाहती है मूक-बधिर युवती

Wed, 22 May 2024 05:57 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 22 May 2024 05:57 AM IST
सार

गीता का असली नाम राधा है। 20 साल पहले वह भटककर पाकिस्तान पहुंच गई थी। पाकिस्तान रेंजर्स को लाहौर रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस में अकेली मिली थी। 26 अक्तूबर, 2015 को पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज के प्रयासों से मूक-बधिर गीता को भारत लाया गया था।

विज्ञापन
Geeta returned from Pakistan 8 years ago gave her 8th class exam
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock

विस्तार

पाकिस्तान से भारत लौटी गीता एक बार फिर सुर्खियों में है। वह राजा भोज स्कूल में कक्षा 8वीं की परीक्षा देने के लिए मंगलवार को भोपाल पहुंची, जहां उसने अपना पहला संस्कृत का पेपर दिया।

विज्ञापन

33 साल की मूक-बधिर गीता ने अनुवादक गजेंद्र प्रोहित के माध्यम से कहा, मैं आत्मनिर्भर बनना चाहती हूं और सरकारी नौकरी कर एक वरिष्ठ स्तर की अधिकारी बनने की इच्छा रखती हूं। मैंने सांकेतिक भाषा भी सीखी है। मैं जीवन में आगे बढ़ना चाहती हूं, ताकि लोगों की प्रेरणा बन सकूं। अपने जीवन को संघर्षपूर्ण बताते हुए गीता ने कहा कि मेरी मां बहुत गरीब हैं और वह एक झोपड़ी में रहती हैं। इसलिए मेरा लक्ष्य एक घर बनाना है। इसके लिए मैंने पढ़ाई शुरू की और मैं लगातार पढ़ रही हूं। पहला पेपर देने के बाद खुशी जाहिर करते हुए गीता ने कहा, मंगलवार को मेरा पहला पेपर था। मैं बहुत उत्साहित थी। मैंने कड़ी मेहनत से पढ़ाई की और मुझे विश्वास है कि मैं परीक्षा पास करूंगी। ब्यूरो

विज्ञापन

सुषमा के प्रयास से आईं थीं भारत
गीता का असली नाम राधा है। 20 साल पहले वह भटककर पाकिस्तान पहुंच गई थी। पाकिस्तान रेंजर्स को लाहौर रेलवे स्टेशन पर समझौता एक्सप्रेस में अकेली मिली थी। 26 अक्तूबर, 2015 को पूर्व विदेश मंत्री दिवंगत सुषमा स्वराज के प्रयासों से मूक-बधिर गीता को भारत लाया गया था। पाकिस्तान से भारत लौटने के बाद गीता 5 साल तक मध्य प्रदेश के इंदौर में रहीं। इस दौरान उनके माता-पिता को खोजा गया था। गीता अभी महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर (औरंगाबाद) जिले में रहती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed