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Bhopal Crime: एक करोड़ की ठगी के सरगना से साठगांठ के आरोप में गिरी गाज, ऐशबाग टीआई सहित चार पुलिसकर्मी निलंबित
Wed, 05 Mar 2025 05:37 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 05 Mar 2025 05:37 PM IST
सार
Bhopal Crime: ऐशबाग थाना पुलिस पर अपराधियों से साठगांठ के आरोप लगे, जिसके चलते थाना प्रभारी जितेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित हुए। अफजल नामक आरोपी के कॉल सेंटर से करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया, अफजल की बेटी फरार है।
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ऐशबाग थाना टीआई समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित कर दिए गए हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
बीते तीन महीने में यह तीसरी बार है जब ऐशबाग थाना पुलिस पर आरोपियों या अपराधियों से साठगांठ के आरोप लगे हैं। पहले के दो मामलों में थाना प्रभारी द्वारा अपने मातहतों को बचाने के लिए की गई लीपापोती से नाराज पुलिस आयुक्त ने कॉल सेंटर खोलकर एक करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी अफजल को पकड़कर भगाने और उसकी बेटी को अभी तक गिरफ्तार नहीं करने में साठगांठ होने पर थाना प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी और दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा थाना प्रभारी पर इसलिए भी नाराज हैं कि एएसआई पवन रघुवंशी कॉल सेंटर पर छापा मारने पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के बाद उन्होंने कॉल सेंटर को सील नहीं किया। इतना ही नहीं कॉल सेंटर संचालक अफजल को साठगांठ के चलते कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से भगाने के आरोप में लाइन अटैच किए गए एएसआई पवन रघुवंशी से ही इस मामले की कार्रवाई कराई गई। पुलिस अधिकारियों की जांच में सामने आया कि एएसआई रघुवंशी को बचाने के लिए ही थाना प्रभारी ने अधिकारियों द्वारा रघुवंशी को थाने से हटाने के बाद उनसे जांच कराई और कार्रवाई का श्रेय उन्हें दिया। इस मामले में चारों निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। इस मामले में ऐशबाग थाना क्षेत्र का एक पुराना सटोरिया, जो पार्षद भी रह चुका है उस पर दस लाख में पुलिस से अफजल की साठगांठ कराने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार प्रभात चौराहे पर स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर देश भर के लोगों को ठगने वाले कॉल सेंटर संचालक अफजल की कंपनी एटीएस पर छापा मारा था। अफजल एटीएस नाम से ही कॉल सेंटर संचालित करता था और अब तक एक करोड़ से अधिक की रकम स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर देशभर के लोगों से ठग चुका है। मुंबई निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद थाना पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कई लोगों ने थाने में अफजल की कंपनी के खिलाफ ठगी की शिकायत की। इस मामले में पहले थाना पुलिस ने हीलाहवाली की। बाद में अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद एएसआई पवन रघुवंशी को कार्रवाई करने के लिए भेजा। एएसआई रघुवंशी ने कार्रवाई कर 87 कम्प्यूटर और 29 सिमें जब्त कर दर्जर भर युवक-युवतियों को पकड़कर थाने ले गए, लेकिन अफजल के बेटे पर 151 की कार्रवाई कर सबको छोड़ दिया। इस मामले में अफजल को कॉल सेंटर में पकड़ने के बाद लेनदेन कर छोड़ने का आरोप भी थाना पुलिस पर लगा था।
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पहले भी लगते रहे हैं ऐशबाग थाना पुलिस पर अपराधियों से मिलीभगत के आरोप
ऐशबाग थाना पुलिस पर पहली बाद अपराधियों को बचाने या उनसे साठगांठ के आरोप नहीं लगे हैं। बीते तीन महीने में यह तीसरी बार है, जब थाने के पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे और कार्रवाई भी हुई। एक युवक ने पुलिसकर्मियों को हफ्ता नहीं देने पर उसके खिलाफ एनडीपीएस का झूठा प्रकरण दर्ज करने का आरोप लगाया था। एक सट्टे के आरोपी की पत्नी ने एएसआई पवन रघुवंशी व अन्य पुलिसकर्मियों पर पति को ब्याज पर पैसे देकर सट्टा चलवाने का आरोप लगाया था। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था, लेकिन पवन रघुवंशी को थाना प्रभारी का संरक्षण होने के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
तीन दर्जन से अधिक बैंक खातों से की जा रही थी ठगी
23 फरवरी को अफजल के कॉल सेंटर पर कार्रवाई मामले में जांच के दौरान पता चला है कि करीब तीन दर्जन से अधिक बैंक खातों के जरिए अफजल ठगी का गिरोह चला रहा था। अफजल के खिलाफ महाराष्ट्र में साइबर ठगी का प्रकरण भी दर्ज है। ठगी में प्रयुक्त तीन खाते अफजल के नाम से संचालित हैं, जबकि बाकी बैंक खाते कॉल सेंटर्स के कर्मचारियों व उसके करीबी रिश्तेदारों के नाम पर संचालित हैं। पुलिस अफजल सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अफजल की बेटी साहिबा की तलाश पुलिस कर रही है। इस मामले में जिन-कर्मचारियों के बैंक खातों का उपयोग ठगी में प्रयुक्त हुआ है, सभी को आरोपी बनाने के निर्देश अधिकारियों ने दिए हैं।
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पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा थाना प्रभारी पर इसलिए भी नाराज हैं कि एएसआई पवन रघुवंशी कॉल सेंटर पर छापा मारने पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के बाद उन्होंने कॉल सेंटर को सील नहीं किया। इतना ही नहीं कॉल सेंटर संचालक अफजल को साठगांठ के चलते कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर से भगाने के आरोप में लाइन अटैच किए गए एएसआई पवन रघुवंशी से ही इस मामले की कार्रवाई कराई गई। पुलिस अधिकारियों की जांच में सामने आया कि एएसआई रघुवंशी को बचाने के लिए ही थाना प्रभारी ने अधिकारियों द्वारा रघुवंशी को थाने से हटाने के बाद उनसे जांच कराई और कार्रवाई का श्रेय उन्हें दिया। इस मामले में चारों निलंबित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की जा रही है। इस मामले में ऐशबाग थाना क्षेत्र का एक पुराना सटोरिया, जो पार्षद भी रह चुका है उस पर दस लाख में पुलिस से अफजल की साठगांठ कराने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है।
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क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार प्रभात चौराहे पर स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर देश भर के लोगों को ठगने वाले कॉल सेंटर संचालक अफजल की कंपनी एटीएस पर छापा मारा था। अफजल एटीएस नाम से ही कॉल सेंटर संचालित करता था और अब तक एक करोड़ से अधिक की रकम स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर देशभर के लोगों से ठग चुका है। मुंबई निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद थाना पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कई लोगों ने थाने में अफजल की कंपनी के खिलाफ ठगी की शिकायत की। इस मामले में पहले थाना पुलिस ने हीलाहवाली की। बाद में अधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद एएसआई पवन रघुवंशी को कार्रवाई करने के लिए भेजा। एएसआई रघुवंशी ने कार्रवाई कर 87 कम्प्यूटर और 29 सिमें जब्त कर दर्जर भर युवक-युवतियों को पकड़कर थाने ले गए, लेकिन अफजल के बेटे पर 151 की कार्रवाई कर सबको छोड़ दिया। इस मामले में अफजल को कॉल सेंटर में पकड़ने के बाद लेनदेन कर छोड़ने का आरोप भी थाना पुलिस पर लगा था।
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पहले भी लगते रहे हैं ऐशबाग थाना पुलिस पर अपराधियों से मिलीभगत के आरोप
ऐशबाग थाना पुलिस पर पहली बाद अपराधियों को बचाने या उनसे साठगांठ के आरोप नहीं लगे हैं। बीते तीन महीने में यह तीसरी बार है, जब थाने के पुलिसकर्मियों पर आरोप लगे और कार्रवाई भी हुई। एक युवक ने पुलिसकर्मियों को हफ्ता नहीं देने पर उसके खिलाफ एनडीपीएस का झूठा प्रकरण दर्ज करने का आरोप लगाया था। एक सट्टे के आरोपी की पत्नी ने एएसआई पवन रघुवंशी व अन्य पुलिसकर्मियों पर पति को ब्याज पर पैसे देकर सट्टा चलवाने का आरोप लगाया था। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था, लेकिन पवन रघुवंशी को थाना प्रभारी का संरक्षण होने के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
तीन दर्जन से अधिक बैंक खातों से की जा रही थी ठगी
23 फरवरी को अफजल के कॉल सेंटर पर कार्रवाई मामले में जांच के दौरान पता चला है कि करीब तीन दर्जन से अधिक बैंक खातों के जरिए अफजल ठगी का गिरोह चला रहा था। अफजल के खिलाफ महाराष्ट्र में साइबर ठगी का प्रकरण भी दर्ज है। ठगी में प्रयुक्त तीन खाते अफजल के नाम से संचालित हैं, जबकि बाकी बैंक खाते कॉल सेंटर्स के कर्मचारियों व उसके करीबी रिश्तेदारों के नाम पर संचालित हैं। पुलिस अफजल सहित 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अफजल की बेटी साहिबा की तलाश पुलिस कर रही है। इस मामले में जिन-कर्मचारियों के बैंक खातों का उपयोग ठगी में प्रयुक्त हुआ है, सभी को आरोपी बनाने के निर्देश अधिकारियों ने दिए हैं।
