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भोपाल में ई-रिक्शा व्यवस्था फेल: 9 महीने बाद भी रूट तय नहीं, सड़कों पर लग रहा जाम, RTO को भेजा गया रूट प्लान

Fri, 23 Jan 2026 06:59 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 23 Jan 2026 06:59 PM IST
सार

भोपाल में ई-रिक्शा संचालन पूरी तरह अव्यवस्थित बना हुआ है। कलेक्टर के निर्देशों के 9 महीने बाद भी रूट और स्टैंड तय नहीं हो सके हैं, जिससे शहरभर में जाम और हादसों का खतरा बढ़ गया है। 13 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा बिना तय नियमों के चल रहे हैं। अधिकारी रूट प्लान RTO को भेजने की बात कह रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला न होने से सड़क व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।

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E-rickshaw system fails in Bhopal: Routes not finalized even after 9 months, causing traffic jams on the roads
ई-रिक्शा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में ई-रिक्शा संचालन पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुका है। कलेक्टर के निर्देशों को 9 महीने बीत जाने के बाद भी ई-रिक्शा के रूट फाइनल नहीं हो सके हैं। नतीजा यह है कि शहर की सड़कों पर जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अब अधिकारी यह कहकर जवाब दे रहे हैं कि रूट प्लान RTO को भेज दिया गया है।
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जहां सवारी मिली, वहीं रिक्शा जाम की सबसे बड़ी वजह
बिना तय रूट और स्टैंड के चल रहे ई-रिक्शा जहां सवारी मिलती है, वहीं रुक जाते हैं। इससे पीछे चल रहे वाहन अचानक ब्रेक लगाने को मजबूर होते हैं और देखते ही देखते जाम लग जाता है। पुराने भोपाल की तंग गलियों से लेकर नए भोपाल की व्यस्त सड़कों तक हालात बिगड़े हुए हैं।
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नाबालिग चालकों का खतरा, सुरक्षा मानक गायब
कई इलाकों में नाबालिग बच्चों द्वारा ई-रिक्शा चलाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्कूली बच्चों तक को इन ई-रिक्शा में ढोया जा रहा है, जबकि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आती।
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कलेक्टर के निर्देश, लेकिन अमल नहीं
25 अप्रैल 2025 को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर कौशैलेंद्र सिंह ने इलाकेवार ई-रिक्शा रूट तय करने के निर्देश दिए थे। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन 9 महीने बाद भी न रूट तय हुए और न स्टैंड चिन्हित किए गए।

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13 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा, नियम आज भी अधर में
भोपाल की सड़कों पर इस समय 13 हजार से अधिक ई-रिक्शा बिना परमिट, बिना तय रूट और बिना निर्धारित स्टैंड के दौड़ रहे हैं। हर महीने करीब 150 नए ई-रिक्शा जुड़ रहे हैं, लेकिन संचालन के नियम अब तक लागू नहीं हो सके हैं।

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अधिकारी बोले फैसला अब RTO के हाथ
एडिशनल डीसीपी ट्रैफिक संजय सिंह पंवार ने बताया कि ई-रिक्शा रूट का ड्राफ्ट तैयार कर RTO को भेज दिया गया है। RTO द्वारा सेक्टर तय किए जाने के बाद ही रूट का अंतिम आवंटन होगा। हालांकि तब तक राजधानी की सड़कों पर फैल रही अव्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सवाल बना हुआ है। 9 महीने बाद भी ई-रिक्शा नीति जमीन पर नहीं उतर सकी है। अब सबकी नजर RTO के फैसले पर टिकी है कि आखिर कब रूट तय होंगे और कब भोपाल की सड़कों को जाम से राहत मिलेगी।
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