{"_id":"63708a74412643029d32d2b5","slug":"conversion-of-children-separated-from-their-parents-in-raisen-children-home-fir-lodged-against-the-operator","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: कोरोनाकाल में माता-पिता से बिछड़े बच्चों का शिशु गृह में धर्मांतरण, संचालक के खिलाफ FIR दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: कोरोनाकाल में माता-पिता से बिछड़े बच्चों का शिशु गृह में धर्मांतरण, संचालक के खिलाफ FIR दर्ज
Sun, 13 Nov 2022 11:41 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Sun, 13 Nov 2022 11:41 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित एक शिशु गृह में बच्चों के कथित तौर पर धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। यहां रह रहे तीन बच्चों की पहचान में छेड़छाड़ कर संचालक ने उनका नया आधार कार्ड बनवा दिया।
विज्ञापन
राष्ट्रीय बाल आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने जांच के आदेश दिए हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजधानी भोपाल से लगे रायसेन जिले में शिशु गृह में रह रहे तीन बच्चों के कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। शिशु गृह के संचालक ने कोरोनाकाल में परिजनों से बिछड़े बच्चों का धर्म बदलकर उनका आधार कार्ड बनवा दिया, वहीं आधार कार्ड में बच्चों के माता पिता के नाम की जगह खुद का नाम लिखवा दिया है। मामला सामने आने के बाद शिशु गृह के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं, राष्ट्रीय बाल आयोग भी मामले पर सक्रिय हो गया है। जानकारी के बाद अधिकारियों ने शिशु गृह का रिकॉर्ड जब्त कर लिया है।
मामला रायसेन जिले के गौहरगंज स्थित सरकारी अनुदान प्राप्त एक शिशु गृह का है। यहां कोरोना काल के दौरान 2020 में तीन बच्चे जिनमें एक लड़का और दो लड़कियां शामिल हैं, तीनों बच्चे भोपाल के पास भटकते मिले थे। बच्चे अपने माता पिता से बिछड़ गए थे, जिसके चलते भोपाल कल्याण समिति ने उन तीनों बच्चों को रायसेन बाल कल्याण समिति को सौंप दिया था। बाद में बच्चों के माता-पिता मिलने तक इन्हें गौहरगंज के गोदी शिशु गृह में भेज दिया गया। इस संस्था का संचालन नवजीवन सामाजिक संस्था द्वारा किया जाता है।
हाल ही में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिशु गृह के संचालक हसीन परवेज ने बच्चों के नाम बदल दिए और उनका नया आधार कार्ड बनवाया, जो कि बच्चों के नए नाम से है और उसमें बच्चों का धर्मांतरण कर दिया गया है। बच्चों के माता पिता के नाम में परवेज ने खुद का नाम दर्ज कराया है।
विज्ञापन
ऐसे हुआ खुलासा
कुछ वक्त पहले NCPCR अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मौखिक शिकायत मिलने पर शिशु गृह का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने जब बच्चों से बात की तो बच्चों ने खुद बताया कि पहले उनका नाम कुछ और था, लेकिन बाद में उनका नाम बदल दिया गया। बच्चों की पहचान में बदलाव की बात सामने आने के बाद उन्होंने मामले की जांच की बात कही है। रिकॉर्ड जब्त करने के आदेश दिए। बच्चों की उम्र चार से छह साल के बीच की बताई जा रही है। वहीं, इस मामले पर संचालक का कहना है कि जो शख्स बच्चों को छोड़ने आया था, उसने बच्चों के नाम दूसरे धर्म के बताए थे। एक बच्चे के पिता की जानकारी मिल गई है, जबकि उसकी मां की तलाश की जा रही है, बच्चे का पिता दमोह में रहता है।
विज्ञापन
मामला रायसेन जिले के गौहरगंज स्थित सरकारी अनुदान प्राप्त एक शिशु गृह का है। यहां कोरोना काल के दौरान 2020 में तीन बच्चे जिनमें एक लड़का और दो लड़कियां शामिल हैं, तीनों बच्चे भोपाल के पास भटकते मिले थे। बच्चे अपने माता पिता से बिछड़ गए थे, जिसके चलते भोपाल कल्याण समिति ने उन तीनों बच्चों को रायसेन बाल कल्याण समिति को सौंप दिया था। बाद में बच्चों के माता-पिता मिलने तक इन्हें गौहरगंज के गोदी शिशु गृह में भेज दिया गया। इस संस्था का संचालन नवजीवन सामाजिक संस्था द्वारा किया जाता है।
विज्ञापन
हाल ही में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शिशु गृह के संचालक हसीन परवेज ने बच्चों के नाम बदल दिए और उनका नया आधार कार्ड बनवाया, जो कि बच्चों के नए नाम से है और उसमें बच्चों का धर्मांतरण कर दिया गया है। बच्चों के माता पिता के नाम में परवेज ने खुद का नाम दर्ज कराया है।
विज्ञापन
ऐसे हुआ खुलासा
कुछ वक्त पहले NCPCR अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो मौखिक शिकायत मिलने पर शिशु गृह का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उस दौरान उन्होंने जब बच्चों से बात की तो बच्चों ने खुद बताया कि पहले उनका नाम कुछ और था, लेकिन बाद में उनका नाम बदल दिया गया। बच्चों की पहचान में बदलाव की बात सामने आने के बाद उन्होंने मामले की जांच की बात कही है। रिकॉर्ड जब्त करने के आदेश दिए। बच्चों की उम्र चार से छह साल के बीच की बताई जा रही है। वहीं, इस मामले पर संचालक का कहना है कि जो शख्स बच्चों को छोड़ने आया था, उसने बच्चों के नाम दूसरे धर्म के बताए थे। एक बच्चे के पिता की जानकारी मिल गई है, जबकि उसकी मां की तलाश की जा रही है, बच्चे का पिता दमोह में रहता है।
