विवादित पोस्टर: सनातनी हिंदू श्रमिकों से काम कराने की अपील, विरोध के बाद भोपाल जिला प्रशासन ने हटवाया
भोपाल के जहांगीराबाद चौराहे पर एक विवादित पोस्टर ने शहर में हंगामा मचा दिया। इस पोस्टर में केवल हिंदू श्रमिकों से काम कराने की अपील की गई थी, जिसमें विभिन्न पेशेवर कामों के लिए हिंदू श्रमिकों के नाम और संपर्क जानकारी प्रकाशित की गई थी। पोस्टर को लेकर मुस्लिम समाज ने कड़ी आपत्ति जताई, यह आरोप लगाते हुए कि यह समाज में दरार पैदा करने की कोशिश है।
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भोपाल के जहांगीराबाद चौराहे पर केवल हिंदू श्रमिकों से काम कराने की अपील वाला एक विवादित पोस्टर चर्चा का विषय बना। पोस्टर में केवल हिंदू श्रमिकों से काम कराने की अपील की गई है। इसके विरोध के बाद प्रशासन ने पोस्टर को हटा दिया। पोस्टर में पेंटर, मैकेनिक, हेयर कटिंग सैलून, हलवाई, टेलर, कारपेंटर, प्लंबर, मशीन मैकेनिक, शटरिंग कारीगर, फल-सब्जी विक्रेता, इलेक्ट्रीशियन, ड्राइवर, जिम ट्रेनर और योग टीचर समेत अन्य पेशों से जुड़े हिंदू श्रमिकों के नाम और उनके मोबाइल नंबर भी प्रकाशित किए गए हैं। पोस्टर पर "सनातन हिंदू श्रम साधक" और "केवल हिंदू बंधुओं के नाम" जैसे संदेश लिखे गए हैं। पोस्टर महिला जागौरी समिति की तरफ से लगाया गया था।
इस पोस्टर को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि भोपाल हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का शहर रहा है, जहां सभी समुदाय एक साथ रहते हैं। ऐसे पोस्टर से समाज में दरार पैदा करने की कोशिश की जा रही है। मुस्लिम समाज के नेताओं ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और पोस्टर को हटाने की मांग की। उनका यह भी कहना था कि ऐसे विभाजनकारी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। इस विरोध के बाद गुरुवार दोपहर एक बजे प्रशासन ने पोस्टर हटा दिया।
महिला जागौरी समिति की अध्यक्ष साधना नंदू यादव ने बताया कि इस पोस्टर का उद्देश्य केवल हिंदू सनातनी भाई-बहनों को रोजगार दिलाना था। उनका कहना था कि परंपरागत काम करने वालों को काम मिले, यही इस पहल का उद्देश्य था। उन्होंने कहा कि पहले कुछ काम विशेष समाजों से जुड़े होते थे और इस पोस्टर में 200 नामों की सूची इसलिए लगाई गई थी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि विभिन्न पेशेवर काम करने वाले हिंदू श्रमिकों को रोजगार मिल सके।
