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हरदीप पुरी की उम्मीदवारी पर कांग्रेस का हल्लाबोल: प्रदेशभर में फूंकेगी पुतले,पटवारी ने भाजपा से पूछे तीखे सवाल
Fri, 30 Oct 2026 02:55 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:55 PM IST
सार
हरदीप सिंह पुरी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने पर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ प्रदेशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया है। जीतू पटवारी ने नर्सिंग घोटाले, जहरीली शराब और सरकार के तीन साल के कामकाज को लेकर भी दोलन तेज करने के संकेत दिए हैं।
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पीसीसीसी चीफ जीतू पटवारी की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश में राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा भेजने के फैसले पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा को घेरा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा ने एल. मुरुगन का इस्तीफा लेकर उनकी जगह हरदीप पुरी को उम्मीदवार क्यों बनाया? कांग्रेस ने इस फैसले के विरोध में शुक्रवार शाम 5 बजे से प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉक मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर पुतले जलाने की घोषणा की है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने आरोप लगाया कि पुरी का नाम एपस्टीन प्रकरण से जुड़े विवाद में सामने आया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए कि मध्यप्रदेश से उन्हें राज्यसभा भेजने के पीछे क्या वजह है। पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की।
दिल्ली में हुआ फैसला, प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर सवाल
पटवारी ने पूछा कि क्या मध्यप्रदेश में राज्यसभा भेजने के लिए भाजपा को कोई योग्य व्यक्ति नहीं मिला? उम्मीदवार के चयन में प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की भूमिका क्या रही? उन्होंने कहा कि जब राज्यसभा सीट मध्यप्रदेश के हिस्से में है तो इसका फैसला दिल्ली में क्यों किया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि प्रदेश के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर वे चुप क्यों हैं? सरकार के पास बहुमत होने का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश के हितों और सम्मान को नजरअंदाज किया जाए।
एपस्टीन मामले और डेलीगेशन पर पुरी को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने हरदीप पुरी के पुराने बयान और डेलीगेशन में उनकी भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए। पटवारी का आरोप है कि पुरी ने डेलीगेशन में शामिल होने के संबंध में जो जानकारी दी थी, उसके बाद सामने आई तस्वीर ने नए सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पुरी से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। पटवारी ने कहा कि एपस्टीन प्रकरण को लेकर संसद में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हुई है। उन्होंने अमेरिका की ओर से भारत पर टैरिफ को लेकर दबाव, पाकिस्तान से जुड़े बयानों और युद्ध के दौरान भारत की तेल खरीद जैसे विषयों पर भी सवाल उठाए।
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धार्मिक रंग देने की कोशिश का लगाया आरोप
कांग्रेस के प्रदर्शन को सिख समुदाय से जोड़ने संबंधी सवाल पर पटवारी ने कहा कि पार्टी का विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान और मानवता के लिए उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति से जुड़े विवाद पर सवाल उठाने को धर्म से जोड़ना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, भाजपा इस मुद्दे को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रही है।
नर्सिंग मामले में विश्वास सारंग पर निशाना
पटवारी ने नर्सिंग घोटाले को लेकर मंत्री विश्वास सारंग से इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने हजारों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के भविष्य को प्रभावित किया है। कांग्रेस की सरकार बनने पर पूरे मामले की जांच कराने की बात भी कही।
यह भी पढ़ें-एमपी में अर्नब का तांडव अभी बाकी: तापमान में गिरावट, 33 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, कब तक बरसेंगे बादल?
जहरीली शराब मामले में चुनौती
देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए पटवारी ने मुख्यमंत्री को पांच से दस गांवों में साथ चलकर अवैध शराब की बिक्री की स्थिति देखने की चुनौती दी। उन्होंने पूछा कि केमिकल की खरीद और आपूर्ति की जांच पहले क्यों नहीं की गई। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे का नाम सामने आने पर उन्होंने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई व्यक्ति की पहचान नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर होनी चाहिए।
तीन साल के कामकाज पर विभागवार घेरेगी कांग्रेस
प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर कांग्रेस ने विभागवार जवाबदेही तय करने की तैयारी की है। पटवारी ने कहा कि पार्टी अलग-अलग विभागों को लेकर पत्रकार वार्ताएं करेगी। इनमें भ्रष्टाचार, अपराध, सरकारी योजनाओं की स्थिति, मंत्रियों की जवाबदेही और प्रदेश को हुए नुकसान से जुड़े मुद्दे दस्तावेजों के साथ उठाए जाएंगे। भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर भी पटवारी ने पलटवार किया। उन्होंने शिक्षकों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और अन्य विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने और आंदोलन करने का अधिकार है।
दिल्ली मार्च में बड़ी भागीदारी का दावा
पटवारी ने दावा किया कि वोट के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर दिल्ली में होने वाले मार्च में मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश से कार्यकर्ताओं को एकजुट कर दिल्ली ले जाने की तैयारी की गई है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी या नहीं, इस सवाल पर पटवारी ने फिलहाल कोई नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला उचित समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।
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दिल्ली में हुआ फैसला, प्रदेश नेतृत्व की भूमिका पर सवाल
पटवारी ने पूछा कि क्या मध्यप्रदेश में राज्यसभा भेजने के लिए भाजपा को कोई योग्य व्यक्ति नहीं मिला? उम्मीदवार के चयन में प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की भूमिका क्या रही? उन्होंने कहा कि जब राज्यसभा सीट मध्यप्रदेश के हिस्से में है तो इसका फैसला दिल्ली में क्यों किया गया? उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि प्रदेश के सम्मान से जुड़े मुद्दे पर वे चुप क्यों हैं? सरकार के पास बहुमत होने का मतलब यह नहीं है कि प्रदेश के हितों और सम्मान को नजरअंदाज किया जाए।
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एपस्टीन मामले और डेलीगेशन पर पुरी को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने हरदीप पुरी के पुराने बयान और डेलीगेशन में उनकी भागीदारी को लेकर भी सवाल उठाए। पटवारी का आरोप है कि पुरी ने डेलीगेशन में शामिल होने के संबंध में जो जानकारी दी थी, उसके बाद सामने आई तस्वीर ने नए सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पुरी से सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करने को कहा। पटवारी ने कहा कि एपस्टीन प्रकरण को लेकर संसद में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस हुई है। उन्होंने अमेरिका की ओर से भारत पर टैरिफ को लेकर दबाव, पाकिस्तान से जुड़े बयानों और युद्ध के दौरान भारत की तेल खरीद जैसे विषयों पर भी सवाल उठाए।
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धार्मिक रंग देने की कोशिश का लगाया आरोप
कांग्रेस के प्रदर्शन को सिख समुदाय से जोड़ने संबंधी सवाल पर पटवारी ने कहा कि पार्टी का विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं है। उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान और मानवता के लिए उनके योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति से जुड़े विवाद पर सवाल उठाने को धर्म से जोड़ना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, भाजपा इस मुद्दे को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रही है।
नर्सिंग मामले में विश्वास सारंग पर निशाना
पटवारी ने नर्सिंग घोटाले को लेकर मंत्री विश्वास सारंग से इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने हजारों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के भविष्य को प्रभावित किया है। कांग्रेस की सरकार बनने पर पूरे मामले की जांच कराने की बात भी कही।
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जहरीली शराब मामले में चुनौती
देवास में जहरीली शराब से हुई मौतों का मुद्दा उठाते हुए पटवारी ने मुख्यमंत्री को पांच से दस गांवों में साथ चलकर अवैध शराब की बिक्री की स्थिति देखने की चुनौती दी। उन्होंने पूछा कि केमिकल की खरीद और आपूर्ति की जांच पहले क्यों नहीं की गई। कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे का नाम सामने आने पर उन्होंने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई व्यक्ति की पहचान नहीं, बल्कि अपराध के आधार पर होनी चाहिए।
तीन साल के कामकाज पर विभागवार घेरेगी कांग्रेस
प्रदेश सरकार के तीन साल पूरे होने पर कांग्रेस ने विभागवार जवाबदेही तय करने की तैयारी की है। पटवारी ने कहा कि पार्टी अलग-अलग विभागों को लेकर पत्रकार वार्ताएं करेगी। इनमें भ्रष्टाचार, अपराध, सरकारी योजनाओं की स्थिति, मंत्रियों की जवाबदेही और प्रदेश को हुए नुकसान से जुड़े मुद्दे दस्तावेजों के साथ उठाए जाएंगे। भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर भी पटवारी ने पलटवार किया। उन्होंने शिक्षकों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई और अन्य विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने और आंदोलन करने का अधिकार है।
दिल्ली मार्च में बड़ी भागीदारी का दावा
पटवारी ने दावा किया कि वोट के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दे पर दिल्ली में होने वाले मार्च में मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश से कार्यकर्ताओं को एकजुट कर दिल्ली ले जाने की तैयारी की गई है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार उतारेगी या नहीं, इस सवाल पर पटवारी ने फिलहाल कोई नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला उचित समय पर सार्वजनिक किया जाएगा।
