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MP में पराली जलाने के मामलें बढ़ें: अप्रैल में 83,659 आग की घटनाएं, 90% पराली से जुड़ी, भोपाल संभाग टॉप पर
Sat, 26 Apr 2025 07:31 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Sat, 26 Apr 2025 07:31 AM IST
सार
देश में पराली जलाने के मामले अभी भी कम नहीं हुए हैं। मध्य प्रदेश पराली जलाने के मामले में शीर्ष पर है। प्रदेश में अप्रैल माह में अब तक आग के 83,659 मामले आए हैं। इसमें 90 प्रतिशत पराली जलाने के हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले में भोपाल संभाग के रायसेन और विदिशा जिले की है।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
गेहूं उत्पादन में मध्य प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है, लेकिन फसल की कटाई के बाद खेतों में पराली जलाने में मध्य प्रदेश टॉप पर है। यह बहुत चिंता की बात है। मध्य प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2025 के बीच प्रदेश में आग की 83,659 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें से 90 प्रतिशत पराली जलाने के मामले हैं। प्रदेश में सबसे ज्यादा आग की घटनों में भोपाल संभाग 20 हजार से ज्यादा मामलों के साथ टॉप पर है। यहां पर भी रायसेन जिला और विदिशा जिले में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। सरकार ने पराली जलाने पर रोक लगाने के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिलों में कलेक्टर जुर्माना के साथ ही एफआईआर तक की कार्रवाई कर रहे है। इसके बावजूद पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे है, जिसका सीधा असर वायु गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई
इन घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रही हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि पराली जलाने की जगह वैकल्पिक उपाय जैसे कि मल्चर मशीन, कंपोस्टिंग, और खेत में अवशेष दबाने जैसी तकनीकें अपनाई जानी चाहिए। प्रशासन द्वारा भी किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किए गए हैं। साथ ही प्रशासन लाउड स्पीकर से जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
संभागवार आग की घटनाओं के प्रमुख आंकड़े (1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2025 तक):
भोपाल संभाग- 20,833
जबलपुर संभाग – 13,448
सागर संभाग – 10,529 मामले
उज्जैन संभाग – 8,694 मामले
ग्वालियर संभाग – 8,648 मामले
इंदौर संभाग – 7,072 मामले
होशंगाबाद संभाग – 5,133 मामले
रीवा संभाग – 3,967 मामले
शहडोल संभाग – 3,270 मामले
चंबल संभाग – 2,065 मामले
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जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई
इन घटनाओं को रोकने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न जिलों में निगरानी और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला प्रशासन, पर्यावरण विभाग की संयुक्त टीमें लगातार क्षेत्र भ्रमण कर रही हैं। पर्यावरणविदों का मानना है कि पराली जलाने की जगह वैकल्पिक उपाय जैसे कि मल्चर मशीन, कंपोस्टिंग, और खेत में अवशेष दबाने जैसी तकनीकें अपनाई जानी चाहिए। प्रशासन द्वारा भी किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किए गए हैं। साथ ही प्रशासन लाउड स्पीकर से जागरूकता अभियान भी चला रहा है।
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संभागवार आग की घटनाओं के प्रमुख आंकड़े (1 अप्रैल से 24 अप्रैल 2025 तक):
भोपाल संभाग- 20,833
जबलपुर संभाग – 13,448
सागर संभाग – 10,529 मामले
उज्जैन संभाग – 8,694 मामले
ग्वालियर संभाग – 8,648 मामले
इंदौर संभाग – 7,072 मामले
होशंगाबाद संभाग – 5,133 मामले
रीवा संभाग – 3,967 मामले
शहडोल संभाग – 3,270 मामले
चंबल संभाग – 2,065 मामले
