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Bhopal: भोपाल में संविदा कर्मचारियों का अनूठा प्रदर्शन, काले कपड़ों में, ठंड में छोटे बच्चों के साथ बैठे
Fri, 03 Jan 2025 04:58 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Fri, 03 Jan 2025 04:58 PM IST
सार
कुक्कुट विकास निगम के संविदा कर्मचारी वेतन वृद्धि और संविदा नीति लागू करने की मांग को लेकर तीसरे दिन काले कपड़े पहनकर अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिवारों के साथ विरोध दर्ज किया।
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संविदा कर्मचारियों के साथ उनके बच्चे विरोध दर्ज कराते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कुक्कुट विकास निगम के संविदा कर्मचारियों का वेतन वृद्धि और संविदा नीति लागू करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। प्रदर्शनकारियों ने काले कपड़े पहनकर, हाथों में स्लोगन लिए, अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिवारों के साथ कुक्कुट विकास निगम मुख्यालय (वैशाली नगर, भोपाल) के सामने विरोध दर्ज किया। कड़ाके की ठंड और विषम परिस्थितियों के बावजूद उनकी लड़ाई जारी है।
दैनिक जीवन चलाना मुश्किल
धरने में बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और परिवारों को दैनिक जीवन चलाना मुश्किल हो गया है। निगम मंडल की चुप्पी और ठोस जवाब न मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश है।
बच्चे भी न्याय की लड़ाई में शामिल
संघ के एक सदस्य ने कहा कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे इस सर्द मौसम में हमारे साथ बैठकर न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि हमारे बच्चों और परिवारों के भविष्य की लड़ाई है। हम निवेदन करते हैं कि हमारी आवाज़ को जनता और प्रशासन तक पहुंचाने में मदद करें।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
1. वेतन वृद्धि आदेश जारी करें: 19 जुलाई 2024 की बोर्ड बैठक में लिया गया निर्णय अब तक लंबित है।
2. संविदा नीति लागू करें: सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायित्व और वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. बकाया वेतन का भुगतान: कर्मचारियों का छह महीने का बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए।
प्रदर्शन का प्रभाव
- सेंट्रल सीमेन स्टेशन और अन्य इकाइयों में कामकाज पूरी तरह ठप।
- निगम को अब तक करोड़ों का आर्थिक नुकसान।
- पशुपालन सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव।
- बच्चों की पढ़ाई और परिवारों के जीवन पर गंभीर संकट।
प्रदेश व्यापी आंदोल की चेतावनी
कर्मचारियों ने कहा है कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी स्तर पर और भी उग्र रूप लेगा। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती। यह संघर्ष केवल हमारी मांगों का नहीं है, यह हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है। हम अपनी अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
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दैनिक जीवन चलाना मुश्किल
धरने में बैठे कर्मचारियों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है और परिवारों को दैनिक जीवन चलाना मुश्किल हो गया है। निगम मंडल की चुप्पी और ठोस जवाब न मिलने से कर्मचारियों में आक्रोश है।
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बच्चे भी न्याय की लड़ाई में शामिल
संघ के एक सदस्य ने कहा कि हमारे छोटे-छोटे बच्चे इस सर्द मौसम में हमारे साथ बैठकर न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। यह सिर्फ हमारी नहीं, बल्कि हमारे बच्चों और परिवारों के भविष्य की लड़ाई है। हम निवेदन करते हैं कि हमारी आवाज़ को जनता और प्रशासन तक पहुंचाने में मदद करें।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
1. वेतन वृद्धि आदेश जारी करें: 19 जुलाई 2024 की बोर्ड बैठक में लिया गया निर्णय अब तक लंबित है।
2. संविदा नीति लागू करें: सभी संविदा कर्मचारियों को स्थायित्व और वित्तीय सुरक्षा प्रदान की जाए।
3. बकाया वेतन का भुगतान: कर्मचारियों का छह महीने का बकाया वेतन तुरंत जारी किया जाए।
प्रदर्शन का प्रभाव
- सेंट्रल सीमेन स्टेशन और अन्य इकाइयों में कामकाज पूरी तरह ठप।
- निगम को अब तक करोड़ों का आर्थिक नुकसान।
- पशुपालन सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव।
- बच्चों की पढ़ाई और परिवारों के जीवन पर गंभीर संकट।
प्रदेश व्यापी आंदोल की चेतावनी
कर्मचारियों ने कहा है कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी स्तर पर और भी उग्र रूप लेगा। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती। यह संघर्ष केवल हमारी मांगों का नहीं है, यह हमारे बच्चों के भविष्य का सवाल है। हम अपनी अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
