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Bhopal: भोपाल में कल निकलेगी भगवान श्रीजगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, भक्ति और आध्यात्मिकता का होगा दिव्य संगम

Fri, 27 Jun 2025 06:58 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Fri, 27 Jun 2025 06:58 PM IST
सार

भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर द्वारा शनिवार को भगवान श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह इस्कॉन भोपाल द्वारा आयोजित तेरहवां वार्षिक रथयात्रा महोत्सव होगा, जो परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिकता का दिव्य संगम होगा।

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Bhopal: Lord Sri Jagannath's grand Rath Yatra will be held in Bhopal tomorrow, it will be a divine confluence
रथ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर द्वारा शनिवार को भगवान श्रीजगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह इस्कॉन भोपाल द्वारा आयोजित तेरहवां वार्षिक रथयात्रा महोत्सव होगा, जो परंपरा, भक्ति और आध्यात्मिकता का दिव्य संगम होगा। यह रथयात्रा सायं 4:00 बजे भोपाल टॉकीज़ से प्रारंभ होकर हमीदिया रोड, भारत टॉकीज, रोशनपुरा चौराहा, रंगमहल, न्यू मार्केट होते हुए प्लेटिनम प्लाज़ा (माता मंदिर के पास) पर समापन होगी। यात्रा के मार्ग में विभिन्न स्थलों पर रथ कुछ समय के लिए रुकेगा, जहां स्थानीय भक्तों द्वारा परंपरागत तरीके से भगवान का भव्य स्वागत किया जाएगा।
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रथयात्रा में विशेष अतिथि
रथयात्रा में भाग लेने के लिए रूस से वितांक दास एवं द्विजमणि दास, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्री जगन्नाथ भक्ति के प्रचार-प्रसार में सक्रिय हैं, विशेष रूप से भोपाल आ रहे हैं। इस वर्ष रथयात्रा में अंतरराष्ट्रीय कृष्णभावनामृत संघ (इस्कॉन)  जोनल सेक्रेटरी इस्कॉन, महामन दास प्रभुजी विशेष रूप से पधारेंगे। उनके सान्निध्य में यह महोत्सव और भी दिव्य रूप प्राप्त करेगा। इनके अलावा देश-विदेश से हज़ारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति की संभावना है
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रथ की विशेषता
•    रथ की ऊँचाई 27 फीट, चौड़ाई 17 फीट तथा लंबाई 24 फीट है।
•    इसका फाउंडेशन लोहे से एवं कैनोपी व ढांचा सागौन की काष्ठ से निर्मित है।
•    रथ निर्माण में लगभग 2 टन लोहे और 50 घन फीट सागौन की लकड़ी का उपयोग किया गया है।
•    रथ में 6 फीट के विशालकाय लकड़ी के पहिए लगे हैं।
•    रथ की ऊँचाई को आवश्यकता अनुसार हाइड्रोलिक लीवर प्रणाली द्वारा समायोजित किया जा सकता है।
•    कैनोपी पर सुंदर वास्तुशिल्पीय नक्काशी एवं रंगीन कपड़े की सजावट की गई है।


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रथयात्रा की भक्ति परंपरा
रथ पर भगवान श्रीजगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा माता विराजमान होंगे। संकीर्तन के साथ भक्तजन अपने हाथों से रस्सी द्वारा रथ को खींचेंगे। यात्रा मार्ग में हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन, झांकियां, शंख, मृदंग, करताल की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय रहेगा।भगवान को 151 विशेष भोग अर्पित किए जाएंगे तथा विभिन्न स्थानों पर आरती की जाएगी।


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प्रारंभ और समापन 
•    रथयात्रा का शुभारंभ भोपाल नगर निगम की महापौर मालती राय द्वारा आरती के साथ किया जाएगा।
•    रथयात्रा का समापन मध्यप्रदेश शासन की स्वतंत्र प्रभार मंत्री कृष्णा गौर द्वारा आरती एवं आशीर्वचन के साथ संपन्न होगा।

प्रसाद वितरण और महाप्रसाद
•    इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर के भक्तों द्वारा तैयार 500 किलो खाजा प्रसाद यात्रा के दौरान जनसामान्य में वितरित किया जाएगा।
•    रथयात्रा के समापन स्थल (प्लेटिनम प्लाज़ा) पर 5000–7000 श्रद्धालुओं को देसी घी का हलवा महाप्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा।
•    संध्या आरती के उपरांत सभी भक्तों के लिए महाप्रसाद का भव्य आयोजन होगा, जिसमें लगभग 5000 से अधिक श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की गई है।

रथयात्रा का शास्त्रीय महत्व
रथयात्रा महोत्सव की परंपरा हज़ारों वर्षों पुरानी है, जिसका वर्णन स्कंध पुराण, पद्म पुराण एवं अन्य वैदिक ग्रंथों में प्राप्त होता है। शास्त्रों में उल्लेख है कि रथारूढ़ भगवान श्रीजगन्नाथ के दर्शन मात्र से जीव जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। यह उत्सव भगवान द्वारा भक्तों को अपने दिव्य दर्शन देने हेतु बाहर आने का उत्सव है।

विश्वव्यापी रथयात्रा परंपरा
श्रील प्रभुपाद जी द्वारा 1967 में अमेरिका के सानफ्रांसिस्को में पहली बार रथयात्रा आयोजित की गई थी। आज इस्कॉन संस्था द्वारा प्रतिवर्ष विश्व के 1000 से अधिक शहरों में यह रथयात्रा महोत्सव मनाया जाता है, जिससे भारत की वैदिक परंपरा व आध्यात्मिक मूल्यों का वैश्विक प्रचार होता है।
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