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Bhopal: आरजीपीवी में 7 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएसयूआई का प्रदर्शन, भ्रष्टचारियों पर एक्शन लेने की मांग
Mon, 14 Jul 2025 06:47 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 14 Jul 2025 06:47 PM IST
सार
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल में अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई ने 3 घंटे प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में किया गया।
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एनएसयूआई का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी), भोपाल में अनियमितताओं को लेकर एनएसयूआई ने 3 घंटे प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन भोपाल जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में किया गया ।एनएसयूआई का दावा है कि प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन हरकत में आ गया है। एनएसयूआई की 7 सूत्रीय मांगों में सबसे पहली कार्रवाई करते हुए उप कुलसचिव प्रोफेसर राजेश भार्गव को पीएचडी प्रभारी के पद से हटा दिया गया है। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय 10 जुलाई को ही ले लिया गया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े किए
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने इस कार्रवाई को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े किए उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश में पुरानी तारीख (10 जुलाई) में हस्ताक्षर कर आदेश जारी किया गया, जबकि यह निर्णय एनएसयूआई के दबाव के बाद लिया गया है। इस संबंध में एनएसयूआई ने कुलपति के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है और इसे भ्रम फैलाने और सत्य छुपाने का प्रयास बताया है।
पुरानी तारीख डाल का बचाव कर रहा विश्वविद्यालय
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यह कार्रवाई एनएसयूआई के संघर्ष का परिणाम है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पुरानी तारीख डालकर अपने बचाव का प्रयास कर रहा है। एनएसयूआई ने इस प्रकरण में भी कुलपति से पारदर्शिता की मांग की है।अक्षय तोमर ने कहा कि एनएसयूआई की प्रमुख मांगें जिन पर कार्रवाई की मांग की गई जिसमें से प्रथम और द्वितीय बिंदु पर तत्काल कार्यवाही की गई ।
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यह भी पढ़ें-विधानसभा का घेराव करेगा दलित पिछड़ा समाज संगठन, बोले- ओबीसी को 27% नहीं, 52% आरक्षण दे सरकार
एनएसयूआई की प्रमुख 7 मांगे
1. एनएसयूआई की मांग पर पीएचडी प्रभारी प्रोफेसर राजेश भार्गव को हटाने की कार्रवाई गई ।
2. एनएसयूआई की मांग पर करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) की 14 जुलाई 2025 आज की प्रस्तावित बैठक को तत्काल स्थगित किया गया ।
3. शिक्षकों के साथ हुई घटना पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई हो।
4. भ्रष्टाचार में संलिप्त प्रो. संजय शिलाकरी को विभागाध्यक्ष पद से हटाया जाए।
5. व्यापम आरोपी सुधीर सिंह भदौरिया के खिलाफ छात्रों के नंबरों में हेराफेरी, सीएलसी के एडमिशन में गडबड़ी की जांच हो।
6. बिना विज्ञापन संविदा नियुक्ति एवं वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो।
7. सिविल ब्रांच की कंसल्टेंसी व वित्तीय गड़बड़ियों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो।
यह भी पढ़ें-CM का टैक्समास मुख्यालय दौरा,बोले- MP प्रमुख वस्त्र उत्पादन राज्यों में से एक
एनएसयूआई का दो टूक अल्टीमेटम
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि शेष मांगों पर भी 10 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होती तो उग्र प्रदर्शन करेंगे एनएसयूआई विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी । प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस यातेन्द्र राजपूत अमित हाटिया अनिमेष गोल्डी लक्की चौबे आरजीपीवी अध्यक्ष हिमांशु तिवारी समर शिद्की समेत सैकड़ों छात्र शामिल थें ।
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विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े किए
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने इस कार्रवाई को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल खड़े किए उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रार द्वारा जारी आदेश में पुरानी तारीख (10 जुलाई) में हस्ताक्षर कर आदेश जारी किया गया, जबकि यह निर्णय एनएसयूआई के दबाव के बाद लिया गया है। इस संबंध में एनएसयूआई ने कुलपति के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई है और इसे भ्रम फैलाने और सत्य छुपाने का प्रयास बताया है।
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पुरानी तारीख डाल का बचाव कर रहा विश्वविद्यालय
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि यह कार्रवाई एनएसयूआई के संघर्ष का परिणाम है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन पुरानी तारीख डालकर अपने बचाव का प्रयास कर रहा है। एनएसयूआई ने इस प्रकरण में भी कुलपति से पारदर्शिता की मांग की है।अक्षय तोमर ने कहा कि एनएसयूआई की प्रमुख मांगें जिन पर कार्रवाई की मांग की गई जिसमें से प्रथम और द्वितीय बिंदु पर तत्काल कार्यवाही की गई ।
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एनएसयूआई की प्रमुख 7 मांगे
1. एनएसयूआई की मांग पर पीएचडी प्रभारी प्रोफेसर राजेश भार्गव को हटाने की कार्रवाई गई ।
2. एनएसयूआई की मांग पर करियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) की 14 जुलाई 2025 आज की प्रस्तावित बैठक को तत्काल स्थगित किया गया ।
3. शिक्षकों के साथ हुई घटना पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई हो।
4. भ्रष्टाचार में संलिप्त प्रो. संजय शिलाकरी को विभागाध्यक्ष पद से हटाया जाए।
5. व्यापम आरोपी सुधीर सिंह भदौरिया के खिलाफ छात्रों के नंबरों में हेराफेरी, सीएलसी के एडमिशन में गडबड़ी की जांच हो।
6. बिना विज्ञापन संविदा नियुक्ति एवं वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो।
7. सिविल ब्रांच की कंसल्टेंसी व वित्तीय गड़बड़ियों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो।
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एनएसयूआई का दो टूक अल्टीमेटम
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि शेष मांगों पर भी 10 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होती तो उग्र प्रदर्शन करेंगे एनएसयूआई विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी । प्रदर्शन में प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस यातेन्द्र राजपूत अमित हाटिया अनिमेष गोल्डी लक्की चौबे आरजीपीवी अध्यक्ष हिमांशु तिवारी समर शिद्की समेत सैकड़ों छात्र शामिल थें ।
