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Bhopal News: केरवा क्षेत्र में बाघ दिखने से फैली दहशत, देर रात राहगीर ने कैमरे में किया कैद
Sun, 26 Nov 2023 10:02 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 26 Nov 2023 10:02 PM IST
सार
भोपाल में टाइगर का दिखना आम हो गया है। बाघ का एक नया वीडियो सामने आया है। इसमें बाघ सड़क पार करते हुए दिखाई दे रहा है। केरवा क्षेत्र का ये वीडियो चार दिन पुराना बताया जा रहा है।
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भोपाल के केरवा एरिया में सड़क पर घूमता दिखा बाघ।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
भोपाल के केरवा क्षेत्र में एक बार फिर टाइगर घूमते हुए देखा गया है। इतना ही नहीं यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई है। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। बाघ का वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो रात ढाई बजे के आसपास कार में बैठकर बनाया गया है और करीब चार दिन पहले का है। वीडियो में बाघ केरवा डैम की तरफ जाने वाली रोड पर चहल कदमी करते हुए दिखाई दे रहा है। बता दें, यह क्षेत्र रिहायशी है। यहां बड़ी संख्या में लोग निवास करते हैं। यहां कई छोटे बड़े घर हैं। इतना ही नहीं कई नामचीन लोगों के बंगले यहां हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की कोठी भी यहां है। वन प्राणी विशेषज्ञों के मुताबिक भोपाल के आसपास 20 से ज्यादा टाइगर हैं। इनका कुनबा लगातार बढ़ रहा है।
वन विभाग ने दिया था यह प्रस्ताव
भोपाल के डीएफओ आलोक पाठक के मुताबिक वन विभाग पहले से ही यहां बाघ की मौजूदगी की बात कहता आया है। इतना ही नहीं विभाग ने नगर निगम को रात में ये रोड बंद करने का प्रस्ताव भी दिया था। ये बाघ विचरण क्षेत्र है। ऐसे में आम जन के यहां घूमने से हादसा होने की संभावना है।
पहले भी दिखे बाघ
ये कोई पहला मौका नहीं है जब टाइगर को इस तरह से देखा गया है। भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में बाघ पहले भी देखे जा चुके हैं। इसके पहले अगस्त में भोज यूनिवर्सिटी में कुलपति के चेंबर के बाहर ही बाघ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। इसके पहले कोलार के एक गांव में बाघ देखा गया था। कलियासोत और केरवा क्षेत्र में भी बाघ देखे गए थे।
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वन विभाग ने दिया था यह प्रस्ताव
भोपाल के डीएफओ आलोक पाठक के मुताबिक वन विभाग पहले से ही यहां बाघ की मौजूदगी की बात कहता आया है। इतना ही नहीं विभाग ने नगर निगम को रात में ये रोड बंद करने का प्रस्ताव भी दिया था। ये बाघ विचरण क्षेत्र है। ऐसे में आम जन के यहां घूमने से हादसा होने की संभावना है।
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पहले भी दिखे बाघ
ये कोई पहला मौका नहीं है जब टाइगर को इस तरह से देखा गया है। भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों में बाघ पहले भी देखे जा चुके हैं। इसके पहले अगस्त में भोज यूनिवर्सिटी में कुलपति के चेंबर के बाहर ही बाघ सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। इसके पहले कोलार के एक गांव में बाघ देखा गया था। कलियासोत और केरवा क्षेत्र में भी बाघ देखे गए थे।
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