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Bhopal News: मध्य प्रदेश की पहली टेलीरोबोटिक सर्जरी, भोपाल में बैठे डॉक्टर ने आगरा के मरीज का किया ऑपरेशन

Thu, 09 Oct 2025 09:04 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Thu, 09 Oct 2025 09:04 PM IST
सार

भोपाल की डॉक्टर ने बिना शहर छोड़े 440 किलोमीटर दूर आगरा में मरीज की सफल सर्जरी कर दिखाई। यही नहीं, आगरा के डॉक्टर ने भी उसी दिन भोपाल के मरीज की ऑपरेशन टेबल पर सफल सर्जरी की और यह सब कुछ हुआ रियल-टाइम रोबोटिक टेक्नोलॉजी के जरिए।

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Bhopal News: Madhya Pradesh's first telerobotic surgery, a doctor sitting in Bhopal operated on a patient from
चिकित्सकों की टीम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेडिकल साइंस में रचा इतिहास गया है भोपाल की डॉक्टर ने बिना शहर छोड़े 440 किलोमीटर दूर आगरा में मरीज की सफल सर्जरी कर दिखाई। यही नहीं, आगरा के डॉक्टर ने भी उसी दिन भोपाल के मरीज की ऑपरेशन टेबल पर सफल सर्जरी की और यह सब कुछ हुआ रियल-टाइम रोबोटिक टेक्नोलॉजी के जरिए। डॉ.प्रिया भावे चित्तावार का दावा है कि यह दुनिया की पहली "रेसीप्रोकल टेली रोबोटिक सर्जरी" है, जो भारत की धरती पर पूरी हुई है।
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कैसे हुआ यह चमत्कार?
भोपाल की प्रजनन व स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया भावे चित्तावार ने रोबोटिक आर्म्स और हाई-स्पीड इंटरनेट की मदद से आगरा की एक महिला की हिस्ट्रेक्टोमी (बच्चेदानी निकालने की सर्जरी) की वो भी बिना आगरा गए। वहीं, आगरा के डॉक्टर ने भोपाल के मरीज की सर्जरी की। दोनों अस्पतालों को एक पीयर-टू-पीयर नेटवर्क से जोड़ा गया था, जो लगातार एक जैसी इंटरनेट स्पीड और कम से कम लैग सुनिश्चित करता है।
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 क्या है इस उपलब्धि की खासियत?
- मरीज और डॉक्टर अलग-अलग शहर में, लेकिन सर्जरी एकदम सटीक
- दोनों तरफ रोबोटिक सिस्टम और 3D हाई-डेफिनिशन विजन से की गई सर्जरी
- मेट्रो सिटी के एक्सपर्ट अब गांव-शहरों तक पहुंच सकेंगे
-  कम दर्द, कम खून बहाव और जल्दी रिकवरी
- यात्रा, खर्च और इंतजार - तीनों की बचत

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छोटे शहरों के लिए उम्मीद की किरण
डॉ. चित्तावार कहती हैं, यह सिर्फ एक सर्जरी नहीं, बल्कि हेल्थकेयर की नई दिशा है। अब देश के किसी भी कोने में बैठा मरीज राजधानी या मेट्रो शहरों के विशेषज्ञ डॉक्टरों से सर्जरी करवा सकेगा वो भी अपने ही शहर में। इस तकनीक से सर्जरी न सिर्फ ज्यादा सटीक होती है, बल्कि मरीज जल्दी ठीक होता है और उसे दूर जाकर महंगे अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती।

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सुरक्षा और सटीकता का विशेष ध्यान
इस पूरी प्रक्रिया में CDSCO (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) से कानूनी अनुमति ली गई थी। सर्जरी से पहले मरीज की स्थिति, एनेस्थीसिया रेडीनेस और रोबोटिक सिस्टम की पूरी चेकलिस्ट परखा गया। टीम ने बताया कि हर स्टेप पर सुरक्षा को सर्वोपरि रखा गया।

 
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