{"_id":"68e66850189fc460b909318d","slug":"bhopal-news-demarcation-of-bhopal-s-lifeline-bada-talab-has-begun-encroachments-will-be-reclaimed-ngt-has-s-2025-10-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhopal News: भोपाल की लाइफलाइन बड़े तालाब का शुरू हुआ सीमांकन, कब्जों की होगी नप्ती, एनजीटी ने मांगी रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhopal News: भोपाल की लाइफलाइन बड़े तालाब का शुरू हुआ सीमांकन, कब्जों की होगी नप्ती, एनजीटी ने मांगी रिपोर्ट
Wed, 08 Oct 2025 07:41 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Wed, 08 Oct 2025 07:41 PM IST
सार
भोपाल के बड़े तालाब की सीमाएं तय करने के लिए बुधवार से प्रशासन ने एक बार फिर सीमांकन (नप्ती) का काम शुरू कर दिया है। तीन विभागों के 30 अधिकारियों व कर्मचारियों की एक बड़ी टीम इसमें लगी हुई है।
विज्ञापन
बड़ा तालाब
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल की जीवनरेखा माने जाने वाले बड़े तालाब की सीमाएं तय करने के लिए बुधवार से प्रशासन ने एक बार फिर सीमांकन (नप्ती) का काम शुरू कर दिया है। वर्षों से विवादों में घिरे इस विशाल जलाशय के किनारे कथित रूप से हुए अवैध निर्माणों की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। सीमांकन का उद्देश्य यह पता लगाना कि झील की अधिसूचित सीमा के भीतर कितने मैरिज गार्डन, फैक्ट्री, कॉलेज, स्कूल, फॉर्म हाउस या मकान बने हैं, और उनमें से कितने निर्माण झील की जद में आते हैं।
बैरागढ़ की ओर से शुरू हुआ सर्वे
बुधवार को बैरागढ़ की तरफ से सर्वे कार्य की शुरुआत की गई। टीम ने सीमांकन का कार्य वहीं से शुरू किया जहां खानूगांव में पिछले दिनों यह काम खत्म किया गया था। फिलहाल सर्वे कार्य भैंसाखेड़ी तक किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) और वन विभाग की संयुक्त टीम इस अभियान में शामिल है। तीन विभागों के 30 अधिकारियों व कर्मचारियों की एक बड़ी टीम इसमें लगी हुई है।
दलदली क्षेत्र बना बाधा, फिलहाल रोक
सीमांकन कार्य के पहले दिन टीम को दलदली इलाके से होकर गुजरना पड़ा, जिससे कुछ दूरी के बाद सर्वे रोकना पड़ा। इस संबंध में नायब तहसीलदार दिनकर चतुर्वेदी ने बताया कि आज सीमांकन का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन दलदली क्षेत्र आ जाने के कारण कुछ दूर तक ही सर्वे किया जा सका। आज इस पर विचार किया जाएगा, उसके बाद कल से फिर से सीमांकन शुरू होगा। सीमांकन के लिए बुधवार को 15 पटवारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि झील क्षेत्र में किसके द्वारा और कितने निर्माण किए गए हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-भोपाल में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन,कहा-हवा में भी बढ़ रही है रीडिंग,दी चेतावनी
भविष्य में कार्रवाई की दिशा तय करेगी नप्ती
इस सीमांकन के बाद ही तय होगा कि कहां-कहां प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। पिछली बार भी सीमांकन हुआ था, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई थी। कई क्षेत्रों में पक्के निर्माण आज भी झील के अंदरूनी हिस्सों तक फैले हैं। सूरजनगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी, बीलखेड़ी जैसे इलाकों में कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, घर व व्यवसायिक निर्माण झील के भीतर बताए जाते हैं।
यह भी पढ़ें-भोपाल-बीना-इटारसी रेल लाइन पर बड़ी सौगात, 237 KM की चौथी लाइन को कैबिनेट की मंजूरी,यह मिलेगा फायदा
एनजीटी के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
गौरतलब है कि पर्यावरणविद् राशिद नूर द्वारा दायर एक याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने प्रशासन को तालाब की सीमा का स्पष्ट सीमांकन करने का आदेश दिया था। NGT ने जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी दिया है। इसी आदेश के तहत प्रशासन अब फिर से सक्रिय हुआ है।
विज्ञापन
बैरागढ़ की ओर से शुरू हुआ सर्वे
बुधवार को बैरागढ़ की तरफ से सर्वे कार्य की शुरुआत की गई। टीम ने सीमांकन का कार्य वहीं से शुरू किया जहां खानूगांव में पिछले दिनों यह काम खत्म किया गया था। फिलहाल सर्वे कार्य भैंसाखेड़ी तक किया जाएगा। जिला प्रशासन, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) और वन विभाग की संयुक्त टीम इस अभियान में शामिल है। तीन विभागों के 30 अधिकारियों व कर्मचारियों की एक बड़ी टीम इसमें लगी हुई है।
विज्ञापन
दलदली क्षेत्र बना बाधा, फिलहाल रोक
सीमांकन कार्य के पहले दिन टीम को दलदली इलाके से होकर गुजरना पड़ा, जिससे कुछ दूरी के बाद सर्वे रोकना पड़ा। इस संबंध में नायब तहसीलदार दिनकर चतुर्वेदी ने बताया कि आज सीमांकन का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन दलदली क्षेत्र आ जाने के कारण कुछ दूर तक ही सर्वे किया जा सका। आज इस पर विचार किया जाएगा, उसके बाद कल से फिर से सीमांकन शुरू होगा। सीमांकन के लिए बुधवार को 15 पटवारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि झील क्षेत्र में किसके द्वारा और कितने निर्माण किए गए हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें-भोपाल में स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन,कहा-हवा में भी बढ़ रही है रीडिंग,दी चेतावनी
भविष्य में कार्रवाई की दिशा तय करेगी नप्ती
इस सीमांकन के बाद ही तय होगा कि कहां-कहां प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। पिछली बार भी सीमांकन हुआ था, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई थी। कई क्षेत्रों में पक्के निर्माण आज भी झील के अंदरूनी हिस्सों तक फैले हैं। सूरजनगर, गौरागांव, बिसनखेड़ी, बीलखेड़ी जैसे इलाकों में कई मैरिज गार्डन, फार्म हाउस, घर व व्यवसायिक निर्माण झील के भीतर बताए जाते हैं।
यह भी पढ़ें-भोपाल-बीना-इटारसी रेल लाइन पर बड़ी सौगात, 237 KM की चौथी लाइन को कैबिनेट की मंजूरी,यह मिलेगा फायदा
एनजीटी के आदेश के बाद शुरू हुई प्रक्रिया
गौरतलब है कि पर्यावरणविद् राशिद नूर द्वारा दायर एक याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने प्रशासन को तालाब की सीमा का स्पष्ट सीमांकन करने का आदेश दिया था। NGT ने जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश भी दिया है। इसी आदेश के तहत प्रशासन अब फिर से सक्रिय हुआ है।
