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Bhopal: बोरी में मिली नवजात की मौत, फेंकने वाली नर्स गिरफ्तार, नाबालिग और डॉक्टर सहित पांच को बनाया आरोपी
Thu, 10 Oct 2024 03:54 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 10 Oct 2024 03:54 PM IST
सार
भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में स्थित बाग उमराव दूल्हा में रेलवे ट्रैक के नजदीक नवजात बच्ची बोरी में मिली थी। गुरुवार को उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने उसे फेंकने वाली नर्स और जन्म देने वाली मां का पता लगा लिया है। डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर को भी आरोपी बनाया जाएगा।
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भोपाल में बीते दिनों बोरी में मिली नवजात की मौत हो गई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बुधवार सुबह भोपाल के बागउमराव दूल्ला क्षेत्र में नाले के किनारे बोरी में मिली दो दिन की नवजात की इलाज के दौरान गुरुवार सुबह मौत हो गई है। नवजात को जन्म देने वाली की भी पहचान हो गई है, वह 17 साल की है और कक्षा 11वीं की छात्रा है।
नाबालिग के करीबी रिश्तेदार के दुष्कर्म से वह गर्भवती हुई थी, जिसकी वजह से वह स्कूल भी नहीं जा रही थी। बदनामी से बचने के लिए नाबालिग की मां अपने माता-पिता के जरिए एक निजी चिकित्सक से नाबालिग की प्री-मैच्योर डिलीवरी कराई थी। पुलिस ने गर्भपात कराने और बोरी में भरकर नाले के किनारे नवजात को फेंकने वाली महिला को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। महिला आसमा खान नाम की है और वह नर्स है। पहले भी वह नर्स का कार्य करती थी। पुलिस इस मामले में पुलिस हिरासत में रखी गई नर्स आसमा खान, नाबालिग, उसकी मां नाना-नानी के साथ प्री-मैच्योर डिलीवरी व गर्भपात कराने वाले डॉक्टर को भी आरोपी बनाने जा रही है। आज देर शाम तक सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया जाएगा। वहीं नवजात का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव नाबालिग के परिजनों को सौंप दिया गया है।
मां, नाना-नानी ने बनाई थी योजना
पुलिस की पूछताछ में नर्स आमसा खान ने बताया कि नाबालिग की गर्भपात या प्री-मैच्योर डिलीवरी कराने के लिए नाबालिग की मां ने अपने माता-पिता यानी नाबालिग के नाना-नानी के साथ मिलकर आसमा से 60 हजार में सौदा किया था। हालांकि डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर ने अलग से कितने रुपए लिए हैं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। डॉक्टर कौन है, पुलिस पूछताछ कर पता लगा रही है। पुलिस को यह भी आशंका है कि कहीं आसमा ने खुद को बचाने के लिए किसी डॉक्टर का नाम तो नहीं ले रही, क्योंकि डिलीवरी कराने और पैदा होने वाले नवजात को ठिकाने लगाने की पूरी जिम्मेदारी आमसा खान की थी। सीसीटीवी फुटेज में वह बोरी में रखकर अपनी स्कूटी से नवजात को ले जाते हुए और उसे नाले के किनारे रखते हुए भी दिख रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से महिला के बारे में सुराग मिला था। पुलिस अब इस मामले में जल्द ही नाबालिग की मां और उसके नाना-नानी को भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
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क्या है पूरा मामला
आरोपी महिला ऐशबाग क्षेत्र में स्थित बाग उमराव दूल्हा में रेलवे ट्रैक के नजदीक नवजात बच्ची को बोरी में रखकर छोड़ गई थी। बुधवार सुबह उस इलाके से गुजर रहे राहगीरों ने जब नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी तो वे हतप्रभ रह गए। उन्होंने आसपास देखा तो उन्हें एक पीले रंग की बोरी दिखी। जब उस बोरी को खोला गया, तो उसमें नवजात बच्ची रोती हुई नजर आई। बच्ची के शरीर पर एक कपड़ा तक नहीं था। यहां तक कि बच्ची की गर्भनाल भी नहीं कटी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को बरामद किया और उसे ले जाकर कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह नवजात की मौत हो गई है। चिकित्सकों ने बताया कि प्री-मैच्योर डिलीवरी थी।
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नाबालिग के करीबी रिश्तेदार के दुष्कर्म से वह गर्भवती हुई थी, जिसकी वजह से वह स्कूल भी नहीं जा रही थी। बदनामी से बचने के लिए नाबालिग की मां अपने माता-पिता के जरिए एक निजी चिकित्सक से नाबालिग की प्री-मैच्योर डिलीवरी कराई थी। पुलिस ने गर्भपात कराने और बोरी में भरकर नाले के किनारे नवजात को फेंकने वाली महिला को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। महिला आसमा खान नाम की है और वह नर्स है। पहले भी वह नर्स का कार्य करती थी। पुलिस इस मामले में पुलिस हिरासत में रखी गई नर्स आसमा खान, नाबालिग, उसकी मां नाना-नानी के साथ प्री-मैच्योर डिलीवरी व गर्भपात कराने वाले डॉक्टर को भी आरोपी बनाने जा रही है। आज देर शाम तक सभी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया जाएगा। वहीं नवजात का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव नाबालिग के परिजनों को सौंप दिया गया है।
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मां, नाना-नानी ने बनाई थी योजना
पुलिस की पूछताछ में नर्स आमसा खान ने बताया कि नाबालिग की गर्भपात या प्री-मैच्योर डिलीवरी कराने के लिए नाबालिग की मां ने अपने माता-पिता यानी नाबालिग के नाना-नानी के साथ मिलकर आसमा से 60 हजार में सौदा किया था। हालांकि डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर ने अलग से कितने रुपए लिए हैं, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। डॉक्टर कौन है, पुलिस पूछताछ कर पता लगा रही है। पुलिस को यह भी आशंका है कि कहीं आसमा ने खुद को बचाने के लिए किसी डॉक्टर का नाम तो नहीं ले रही, क्योंकि डिलीवरी कराने और पैदा होने वाले नवजात को ठिकाने लगाने की पूरी जिम्मेदारी आमसा खान की थी। सीसीटीवी फुटेज में वह बोरी में रखकर अपनी स्कूटी से नवजात को ले जाते हुए और उसे नाले के किनारे रखते हुए भी दिख रही है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से महिला के बारे में सुराग मिला था। पुलिस अब इस मामले में जल्द ही नाबालिग की मां और उसके नाना-नानी को भी गिरफ्तार करने की तैयारी में है।
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क्या है पूरा मामला
आरोपी महिला ऐशबाग क्षेत्र में स्थित बाग उमराव दूल्हा में रेलवे ट्रैक के नजदीक नवजात बच्ची को बोरी में रखकर छोड़ गई थी। बुधवार सुबह उस इलाके से गुजर रहे राहगीरों ने जब नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनी तो वे हतप्रभ रह गए। उन्होंने आसपास देखा तो उन्हें एक पीले रंग की बोरी दिखी। जब उस बोरी को खोला गया, तो उसमें नवजात बच्ची रोती हुई नजर आई। बच्ची के शरीर पर एक कपड़ा तक नहीं था। यहां तक कि बच्ची की गर्भनाल भी नहीं कटी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को बरामद किया और उसे ले जाकर कमला नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार सुबह नवजात की मौत हो गई है। चिकित्सकों ने बताया कि प्री-मैच्योर डिलीवरी थी।
