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Bhopal: जीएमसी भोपाल में मेडिकल छात्राएं सीखेंगी जूडो-कराटे, छात्राएं मानसिक और शारीरिक रूप से होंगी मजबूत
Mon, 10 Mar 2025 08:42 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 10 Mar 2025 08:42 PM IST
सार
GMC Bhopal: जीएमसी में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही छात्राएं अब जूडो कराटे की ट्रेनिंग भी लेंगी। इन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए नई पहल की है। सोमवार को इसका शुभारंभ पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्रा ने किया।
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जीएमसी भोपाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही छात्राएं अब जूडो कराटे की ट्रेनिंग भी लेंगी। इन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जीएमसी ने नई पहल की है। सोमवार से चिकित्सा छात्राओं की सेल्फ डिफेंस क्लास शुरू हुई। इसका शुभारंभ पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्रा ने किया। यह पहला बैच है, जिसमें महाविद्यालय में पढ़ने वाली लड़कियों को जूड़ो कराटे की क्लास लगेगी। कॉलेज का कहना है कि इसकी पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। पिछले महीने जीएमसी ने यह मसौदा तैयार किया था। जिस पर सोमवार से अमल शुरू हो गया है। जीएमसी डीन डॉ कविता सिंह ने बताया कि चिकित्सा छात्राओं को यह गुर सिखाना बहुत जरूरी है। क्योंकि अध्यापन के साथ-साथ इन्हें मेडीकल प्रेक्टिस करनी पड़ती है। इस तनाव से निपटने के साथ-साथ छात्राएं कैसे अपनी आत्मरक्षा कर सकती हैं। इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए इन्हें सेल्फ डिफेंस का कोर्स प्रारंभ किया
शारीरिक और मानसिक फिट रखने का प्रयास
निरंतर पढ़ाई के तनाव में दबी चिकित्सा छात्राओं का जूडो-कराटे की विद्या में कौशल बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में गांधी मेडीकल कॉलेज की एक्जुकेटिव कमेटी ने निर्णय लिया है। गांधी मेडीकल कॉलेज स्वीकार कर रहा है कि विद्यार्थियों पर काम का अधिक दबाव है। कालेज में पठन-पाठन के साथ-साथ अस्पताल में उपचार प्रेक्टिस इनके लिए बड़ी चुनौती है। निश्चित तौर पर छात्राओं पर काम के बोझ के चलते तनाव भी हावी हो रहा है। नतीजतन उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से फिट करने के लिए जूडो कराटे का विकल्प निकाला गया है।
आत्मरक्षा के लिए कुशल होंगी छात्राएं
जानकारी के मुताबिक गांधी मेडीकल कॉलेज कैंपस में इन्हें शिफ्टो में कक्षावार जूडो-कराटे सिखाया जाएगा। अगर यहां जगह कम पड़ी को कॉलेज की छत पर भी क्लास लगाई जाएगी। अधिकारी कहते हैं कि प्रारंभिक दौर में सप्ताह में दो दिन कॉलेज छात्राओं को इस विद्या में माहिर बनाया जाएगा। टीचरों का कहना है कि जूडो कराटे से छात्राएं शारीरिक श्रम करेंगी तो वह तन मन से मजबूत रहेंगी। यह एक ऐसा ज्ञान है, जिसके गुर हासिल कर स्टूडेंट अपराधिक तत्वों से अपनी आत्मरक्षा कुशलता और निपुणता के साथ कर सकती हैं। मानसिक तनाव से होने वाली आत्महत्याओं की घटनाएं रोकी जा सकेंगी। छात्राएं नकारात्मक भावों को कुचलते हुए सकारात्मक सोच की दिशा में कदम रखेंगी।
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तन-मन से मजबूत बनाने के लिए देंगे प्रशिक्षण
गांधी मेडीकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की स्टडी करके प्रस्ताव तैयार किया गया है। जीएमसी की डीन डॉ. कविता सिंह ने बताया कि हम कॉलेज में चिकित्सा छात्राओं के लिए जूडो-कराटे की क्लास लगाने जा रहे है। महाविद्यालय की एवजीक्यूटिव कमेटी ने यह निर्णय लिया है। छात्राओं को तन-मन से मजबूत बनाने के लिए यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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शारीरिक और मानसिक फिट रखने का प्रयास
निरंतर पढ़ाई के तनाव में दबी चिकित्सा छात्राओं का जूडो-कराटे की विद्या में कौशल बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में गांधी मेडीकल कॉलेज की एक्जुकेटिव कमेटी ने निर्णय लिया है। गांधी मेडीकल कॉलेज स्वीकार कर रहा है कि विद्यार्थियों पर काम का अधिक दबाव है। कालेज में पठन-पाठन के साथ-साथ अस्पताल में उपचार प्रेक्टिस इनके लिए बड़ी चुनौती है। निश्चित तौर पर छात्राओं पर काम के बोझ के चलते तनाव भी हावी हो रहा है। नतीजतन उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से फिट करने के लिए जूडो कराटे का विकल्प निकाला गया है।
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आत्मरक्षा के लिए कुशल होंगी छात्राएं
जानकारी के मुताबिक गांधी मेडीकल कॉलेज कैंपस में इन्हें शिफ्टो में कक्षावार जूडो-कराटे सिखाया जाएगा। अगर यहां जगह कम पड़ी को कॉलेज की छत पर भी क्लास लगाई जाएगी। अधिकारी कहते हैं कि प्रारंभिक दौर में सप्ताह में दो दिन कॉलेज छात्राओं को इस विद्या में माहिर बनाया जाएगा। टीचरों का कहना है कि जूडो कराटे से छात्राएं शारीरिक श्रम करेंगी तो वह तन मन से मजबूत रहेंगी। यह एक ऐसा ज्ञान है, जिसके गुर हासिल कर स्टूडेंट अपराधिक तत्वों से अपनी आत्मरक्षा कुशलता और निपुणता के साथ कर सकती हैं। मानसिक तनाव से होने वाली आत्महत्याओं की घटनाएं रोकी जा सकेंगी। छात्राएं नकारात्मक भावों को कुचलते हुए सकारात्मक सोच की दिशा में कदम रखेंगी।
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तन-मन से मजबूत बनाने के लिए देंगे प्रशिक्षण
गांधी मेडीकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की स्टडी करके प्रस्ताव तैयार किया गया है। जीएमसी की डीन डॉ. कविता सिंह ने बताया कि हम कॉलेज में चिकित्सा छात्राओं के लिए जूडो-कराटे की क्लास लगाने जा रहे है। महाविद्यालय की एवजीक्यूटिव कमेटी ने यह निर्णय लिया है। छात्राओं को तन-मन से मजबूत बनाने के लिए यह प्रशिक्षण दिया जाएगा।
