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Bhopal: भोपाल की जर्जर स्कूलों का नहीं शुरू हुआ मेंटेनेंस, बजट का इंतजार, बारिश के बाद शुरू हो सकता है काम

Mon, 25 Aug 2025 03:24 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Mon, 25 Aug 2025 03:24 PM IST
सार

भोपाल में सरकारी स्कूलों की हालत काफी खराब है। कई स्कूलों की बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। लेकिन इन्हें सुधारने के लिए कोई पहल नहीं की गई है। सरकार द्वारा स्कूलों को अभी तक बजट मिलने का इंतजार है। 

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Bhopal: Maintenance of dilapidated schools of Bhopal has not started, waiting for budget, work may start after
सुल्तानिया स्कूल भोपाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी भोपाल में सरकारी हायर सेकेंडरी से लेकर प्राइमरी तक की स्कूलों की हालत काफी खराब है। कई स्कूलों की बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। लेकिन इन्हें सुधारने के लिए अभी तक शासन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है। स्कूल प्रबंधकों द्वारा पिछले माह पत्र लिखकर बजट की मांग की गई थी। लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। अधिकारियों का कहना है जल्द ही बजट मिल सकता है। बारिश के बाद ही स्कूलों को सुधारने का काम शुरू किया जाएगा।
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इन स्कूलों की हालत खराब
भोपाल शहर के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में हैं, जिनमें जहांगीरिया स्कूल और हमीदिया स्कूल, सुल्तानिया स्कूल, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल जैसे कई स्कूल शामिल हैं, जहां छत से प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों से पानी टपक रहा है, और बच्चे खतरनाक इमारतों में पढ़ने को मजबूर हैं। इन जर्जर इमारतों के कारण बच्चों की जान जोखिम में है, और अभिभावकों व शिक्षकों ने मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। 
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जिले में 100 स्कूलों को जल्द सुधार की अवश्यकता
डीपीसी कार्यालय के भोपाल जिले में 376 ऐसे स्कूल हैं, जिनमें मरम्मत की जरूरत है। इनमें सौ स्कूल ऐसे हैं, जिनमें मेजर मरम्मत की आवश्यकता बन गई है। पिछले जुलाई माह में इन स्कूलों की मरम्मत कराने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्र को प्रस्ताव भेजा गया था। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक राशि नहीं मिली है। जबकि चिंता इस बात की है कि यदि अभी आगे बारिश होती है तो इनमें कई विद्यालयों पर संकट खड़ा हो सकता है। अनेक स्कूल ऐसे हैं, जो निरंतर बारिश के कारण बच्चों के लिए खतरे का कारण बनने की कगार पर हैं।

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अभी नहीं मिला बजट
भोपाल जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार ने बताया कि हमने भोपाल के जर्जर स्कूलोंं को सुधारने के लिए सरकार से बजट की मांग की थी, लेकिन अभी तक बजट नहीं नहीं मिला है। जैसे ही बजट मिलेगा स्कूलों को सुधारने का काम शुरू कर दिया जाएगा। 
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