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Bhopal: MP में बढ़ी खाद की किल्लत,अधिकारी बोले- पहुंच रही खाद,कालाबाजारी और किसानों द्वारा स्टोरेज से हुई कमी
Mon, 25 Nov 2024 09:21 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Mon, 25 Nov 2024 09:21 PM IST
सार
एमपी में रवि फसलों की बोनी शुरू हो गई है लेकिन खाद नहीं मिलने से किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। गुना में किसानों ने हंगामा किया वहीं टीकमगढ़ में चक्का जाम किया। अधिकारियों का कहना है कि कालाबाजारी और किसानों द्वारा स्टोरेज से कमी हो रही है।
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टीकमगढ़ में किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
प्रदेश में खाद किल्लत बढ़ गई है। किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में लग के धक्के खाने पड़ रहे हैं कई जगह तो किसानों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को गुना में किसानों ने हंगामा किया, वहीं टीकमगढ़ में चक्का जाम किया। कांग्रेस ने चंदेरी में सड़कों पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस के पूर्व विधायक गोपाल सिंह चौहान के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन दिया।
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वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में खाद पर्याप्त मात्रा में पहुंच रही है। डीएपी की कुछ कमी है किसानों द्वारा खाद स्टोरेज किए जाने से खाद की किल्लत हुई है। वहीं कुछ कालाबाजारी भी चल रही है जिसके रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले भोपाल, टीकमगढ़, सागर, निवाड़ी समेत कई जिलों में किसान खाद के लिए हंगामा कर चुके हैं। लगातार खाद की किल्लत से किसान परेशान हैं।
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टोकन पर ही खाद मिलेगी
कृषि मंत्री के ओएसडी जीएस गुर्जर ने बताया कि मध्य प्रदेश में खाद की किल्लत और कालाबाजारी रोकने के लिए नियम बनाया गया है। गोदामों से अब टोकन पर ही खाद दी जा रही है। निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केंद्रों की भी निगरानी की जा रही है ताकि कोई गड़बड़ी न हो। जिस जिले में पहले बोनी हो रही है वहां पहले खाद वितरण की जा रही है। पिछले वर्ष की तुलना में रबी सीजन में अधिक खाद मिली है।
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निगरानी के निर्देश
जीएस गुर्जर ने बताया कि जिलों की मांग एवं विक्रय की स्थिति को ध्यान में रखकर रेक की प्लानिंग की जा रही है। प्राप्त रेक से मांग एवं विक्रय के अनुसार विपणन संघ व्दारा डबल लॉक केंद्रों में उर्वरकों का भंडारण कराया जा रहा है। डबल लॉक केन्द्रों पर टोकन द्वारा वितरण करने हेतु निर्देश दिये गये हैं। जिस अनुसार वितरण कराया जा रहा है। निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रय केंद्रों पर सतत निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्टॉक उपलब्ध होने का दावा
कृषि विभाग द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में स्टॉक को ध्यान में रखकर उर्वरक व्यवस्था की जा रही है। पिछले वर्ष 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक 18.82 लाख मैट्रिक टन यूरिया का विक्रय हुआ था। भारत सरकार द्वारा रखी 2024 के लिए 22 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्रदाय करने की सहमति प्रदाय की गई है। अक्टूबर 2023 में यूरिया का विक्रय 4.67 लाख मीट्रिक टन हुआ था, जिसके विरुद्ध 8.53 लाख मीट्रिक ट्रांजिट सहित उपलब्ध है, जिसमें से 2.40 लाख.टन यूरिया का विक्रय हुआ है, 6.13 लाख टन स्टॉक में उपलब्ध है। वहीं, डीएपी की बात करें तो 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक डीएपी एनपीके 10.36 लाख मैट्रिक टन का विक्रय हुआ था। भारत सरकार द्वारा रबी 2024-25 के लिए 14 लाख मैट्रिक टन का आवंटन दिया गया है। अक्टूबर 2023 में डीएपी एनपीके का विक्रय 437 लाख टन हुआ था, जिसके विरुद्ध अक्टूबर माह में 5.58 लाख टन ट्रांजिट सहित उपलब्ध है। इसमें से 2.20 लाख टन डीएपी एनपीके का विक्रय हुआ है, 3.36 लाख टन डीएपी एनपीके स्टॉक में उपलब्ध है।
