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Bhopal: भोपाल में बायो-एंजाइम तकनीक से जल शुद्धिकरण की पहल, महापौर ने शाहपुरा झील में घोल का किया छिड़का

Wed, 17 Sep 2025 09:15 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: संदीप तिवारी Updated Wed, 17 Sep 2025 09:15 PM IST
सार

महापौर मालती राय ने शाहपुरा विसर्जन घाट पर बॉयो एंजाइम से जल शुद्धिकरण का शुभारंभ किया। इस परियोजना में नींबुओं से बॉयो एंजाइम बनाया गया है, जो जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद करेगा।

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Bhopal: Bhopal's mayor sprayed a solution into Shahpura Lake after initiating water purification using bio-enz
शुभारंभ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल नगर निगम ने शहर के जल स्रोतों को शुद्ध करने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। महापौर मालती राय ने शाहपुरा विसर्जन घाट पर बॉयो एंजाइम से जल शुद्धिकरण का शुभारंभ किया। इस परियोजना में नींबुओं से बॉयो एंजाइम बनाया गया है, जो जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाने में मदद करेगा। बुधवार को महापौर मालती राय ने निर्माल्य सामग्री जैसे- नींबू, संतरे के छिलके, सड़े गुड़ से बना बायो एंजाइम को शाहपुरा स्थित कुंड में डाला। ऐसी ही पहल अन्य कुंड में भी की जाएगी। ताकि, कुंड का पानी साफ और स्वच्छ हो सके।
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जल की गुणवत्ता धीरे-धीरे सुधरेगी
महापौर मालती राय ने कहा कि बॉयो एंजाइम के उपयोग से शाहपुरा झील के जल की गुणवत्ता धीरे-धीरे सुधरेगी।  उन्होंने कहा कि 1-2 सप्ताह के भीतर बीओडी और सीओडी के स्तर में कमी आने लगेगी, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बहाल करने में मदद मिलेगी। बॉयो एंजाइम से जल शुद्धिकरण की यह पहल एक्सपर्ट की देखरेख में की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ‎(सीपीसीबी) के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में महापौर राय समेत जोन अध्यक्ष और पार्षदों ने शाहपुरा विसर्जन कुंड में ‎500 लीटर घोल डाला। एक्सपर्ट का कहना है कि ‎करीब एक सप्ताह के अंदर पानी‎ साफ हो जाएगा।
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बॉयो एंजाइम परियोजना की विशेषता
1- निर्माल्य नींबुओं का उपयोग: इस परियोजना में नींबुओं से बॉयो एंजाइम बनाया गया है, जो एक प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल तरीका है।
2- जल शुद्धिकरण: बॉयो एंजाइम जल स्रोतों में मौजूद प्रदूषकों को तोड़ने में मदद करता है, जिससे जल की गुणवत्ता में सुधार होता है।
3- शाहपुरा विसर्जन घाट: इस परियोजना का शुभारंभ शाहपुरा विसर्जन घाट पर किया गया है, जो शहर के महत्वपूर्ण जल स्रोतों में से एक है।

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प्राकृतिक तरीके से साफ करता ‎है पानी
वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रदूषण के ‎कारण पानी में ऑक्सीजन की मात्रा‎ कम हो जाती है। इससे न सिर्फ जलीय जीव-जंतु मर जाते हैं, बल्कि पानी भी सड़ जाता है। बायो एंजाइम पानी ‎को प्राकृतिक तरीके से साफ करता ‎है। यह नींबू, संतरे के छिलकों, सड़े ‎गुड़ और पानी को मिलाकर बनाया‎ जाता है। यह एक प्राकृतिक, ‎गैर-विषैले और पर्यावरण के अनुकूल ‎क्लीनर का काम करता है। इसका ‎उपयोग कपड़े धोने के साथ बर्तन ‎और हाथ धोने के लिए भी किया जा ‎सकता है।नगर निगम द्वारा बॉयो एंजाइम्स बनाने के लिए सब्जी मंडी, मंदिरों, घरों तथा जूस आदि की दुकानों से निकलने वाले नींबू, संतरों तथा अन्य फलों के छिलकों का उपयोग किया जाएगा। इस प्रक्रिया को सतत रूप से जारी रखा जाएगा और निगम के गार्बेज स्टेशनों एवं अन्य स्थलों में भी इसका उपयोग किया जाएगा।

 
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