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Bhopal: रोबोटिक सर्जरी शुरू करने वाला MP का पहला सरकारी अस्पताल बना एम्स,जटिल बीमारियों के इलाज में मिलेगा लाभ
Sat, 08 Mar 2025 07:43 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sat, 08 Mar 2025 07:43 PM IST
सार
Robotic surgery: मध्य प्रदेश के पहले सरकारी अस्पताल एम्स भोपाल में रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। यहां 20 करोड़ से रोबोटिक सर्जरी के लिए मशीन खरीदी गई है। चिकित्सकों का दावा है कैंसर जैसे जटिल बीमारियों के उपचार में राहत मिलेगी।
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एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी भोपाल स्थित एम्स लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार कर रहा है। भोपाल एम्स को हाईटेक बनाया जा रहा है। ताकि मरीजों को बेहतर से बेहतर उपचार मिल सके। एम्स भोपाल मध्य प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है जहां रोबोटिक सर्जरी शुरू की गई है। यहां के डॉक्टर्स ने रोबर्ट के जरिये स्पाइन की सर्जरी की। सफलता पूर्वक ऑपरेशन को लेकर डॉक्टर्स में ख़ुशी की लहर है। शनिवार को भोपाल एम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू होने की जनकारी एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि एम्स भोपाल ने 20 करोड़ में रोबोट ख़रीदी गई है । जिसके लिए केंद्र सरकार ने मदद की है। डॉ. अजय सिंह ने आगे कहा कि पिछले 2 साल से एम्स भोपाल रोबर्ट खरीदने की तैयारी कर रहा था। जिसे फाइनली केंद्र सरकार की मदद से खरीद लिया गया। पहली सफलता पूर्ण रोबोटिक सर्जरी पिछले हफ्ते की गई।
कैंसर के मरीजों को मिलेगा फायदा
एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत होने से सबसे अधिक फायदा कैंसर के मरीजों को मिलेगा। इसके साथ ही यह सुविधा शुरु होने से यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, कैंसर, जनरल और प्लास्टिक सर्जरी करवाने वाले मरीजों के ईलाज में भी आसानी होगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश में अब तक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है। हालांकि, इंदौर के एक निजी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो गई है। इसके अलावा दिल्ली एम्स, अपोलो, फोर्टिस और मुबंई के टाटा मेमोरियल समेत देश के कुछ खास अस्पतालों में ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा है।
ये होगा फायदा
1- शरीर के जटिल अंदरूनी हिस्सों में आसानी से आपरेशन।
2- पूरा आपरेशन एक छोटे से छिद्र से होगा।
3- रक्तस्राव भी न के बराबर होगा।
4- थ्रीडी कैमरों से डाक्टर उन हिस्सों में देख सकते हैं, जहां आंखें नहीं देख सकते।
रोबोटिक स्पाइन सर्जरी के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
डॉ. अजय सिंह ने बताया कि एम्स भोपाल मध्य भारत में ऐसा पहला सेंटर बन गया है जहां पर रोबोटिक पद्धति द्वारा ऑर्थोपेडिक विभाग में स्पाइन सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। थ्री डी इमेजिंग और रोबोटिक प्रणाली वास्तविक समय में इमेजिंग प्रदान करके आर्थोपेडिक सर्जरी में, विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी की प्रक्रियाओं में, अधिक सटीकता और सुरक्षा प्रदान करती है। इससे सर्जनों को सटीक निर्णय लेने और संभावित रूप से जटिलताओं और विकिरण जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। स्पाइन सर्जरी में रोबोट का मुख्य उपयोग फ्रीहैंड या फ्लोरोस्कोपी-निर्देशित प्रक्रियाओं की तुलना में सुरक्षित पेडिकल स्क्रू फिक्सेशन सुनिश्चित करने में होता है। अब एम्स भोपाल में इस सुविधा के हो जाने से जटिल स्पाइन सर्जरी को सुरक्षित रूप से किया जा सकता है और मध्य भारत के मरीजों को रोबोटिक स्पाइन सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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दो मरीजों की हुई सर्जरी
एम्स में रोबोट द्वारा दो स्पाइन सर्जरी डॉ. वीके वर्मा एवं डॉ. पंकज मिश्रा द्वारा की गई, जो कि सफल रही और मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस सफलता में एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वैशाली एवं डॉ. जेपी शर्मा का विशेष सहयोग रहा। ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख डॉ. रेहान उल हक ने बताया कि रोबोट का उपयोग स्पाइन के साथ-साथ पेल्विक इंजरी की सर्जरी में भी मददगार सिद्ध होगा।
बच्चों के लिए भी खास
एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह, जो स्वयं एक पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक सर्जन हैं, उन्होंने बताया कि रोबोटिक असिस्टेंस से बच्चों के रीढ़ की हड्डी की विकृति, जैसे काइफोसिस या स्कोलियोसिस और जटिल स्पाइन रोगों की सर्जरी को आसान और सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एम्स भोपाल का ऑर्थोपेडिक विभाग प्रदेश की जनता को ऐसी सुविधाएं दे रहा है जो कहीं और उपलब्ध नहीं हैं, जैसे कि बोन बैंकिंग सर्विसेज, 3 डी प्रिंटिंग द्वारा सर्जरी, जटिल पीडियाट्रिक सर्जरी, इत्यादि।
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कैंसर के मरीजों को मिलेगा फायदा
एम्स भोपाल के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बताया कि रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत होने से सबसे अधिक फायदा कैंसर के मरीजों को मिलेगा। इसके साथ ही यह सुविधा शुरु होने से यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक, कैंसर, जनरल और प्लास्टिक सर्जरी करवाने वाले मरीजों के ईलाज में भी आसानी होगी। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। बता दें कि मध्य प्रदेश में अब तक रोबोटिक सर्जरी की सुविधा किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है। हालांकि, इंदौर के एक निजी अस्पताल में रोबोटिक सर्जरी की शुरुआत हो गई है। इसके अलावा दिल्ली एम्स, अपोलो, फोर्टिस और मुबंई के टाटा मेमोरियल समेत देश के कुछ खास अस्पतालों में ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा है।
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ये होगा फायदा
1- शरीर के जटिल अंदरूनी हिस्सों में आसानी से आपरेशन।
2- पूरा आपरेशन एक छोटे से छिद्र से होगा।
3- रक्तस्राव भी न के बराबर होगा।
4- थ्रीडी कैमरों से डाक्टर उन हिस्सों में देख सकते हैं, जहां आंखें नहीं देख सकते।
रोबोटिक स्पाइन सर्जरी के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर
डॉ. अजय सिंह ने बताया कि एम्स भोपाल मध्य भारत में ऐसा पहला सेंटर बन गया है जहां पर रोबोटिक पद्धति द्वारा ऑर्थोपेडिक विभाग में स्पाइन सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो गई है। थ्री डी इमेजिंग और रोबोटिक प्रणाली वास्तविक समय में इमेजिंग प्रदान करके आर्थोपेडिक सर्जरी में, विशेष रूप से रीढ़ की हड्डी की प्रक्रियाओं में, अधिक सटीकता और सुरक्षा प्रदान करती है। इससे सर्जनों को सटीक निर्णय लेने और संभावित रूप से जटिलताओं और विकिरण जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। स्पाइन सर्जरी में रोबोट का मुख्य उपयोग फ्रीहैंड या फ्लोरोस्कोपी-निर्देशित प्रक्रियाओं की तुलना में सुरक्षित पेडिकल स्क्रू फिक्सेशन सुनिश्चित करने में होता है। अब एम्स भोपाल में इस सुविधा के हो जाने से जटिल स्पाइन सर्जरी को सुरक्षित रूप से किया जा सकता है और मध्य भारत के मरीजों को रोबोटिक स्पाइन सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
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दो मरीजों की हुई सर्जरी
एम्स में रोबोट द्वारा दो स्पाइन सर्जरी डॉ. वीके वर्मा एवं डॉ. पंकज मिश्रा द्वारा की गई, जो कि सफल रही और मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस सफलता में एनेस्थीसिया विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वैशाली एवं डॉ. जेपी शर्मा का विशेष सहयोग रहा। ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रमुख डॉ. रेहान उल हक ने बताया कि रोबोट का उपयोग स्पाइन के साथ-साथ पेल्विक इंजरी की सर्जरी में भी मददगार सिद्ध होगा।
बच्चों के लिए भी खास
एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह, जो स्वयं एक पीडियाट्रिक आर्थोपेडिक सर्जन हैं, उन्होंने बताया कि रोबोटिक असिस्टेंस से बच्चों के रीढ़ की हड्डी की विकृति, जैसे काइफोसिस या स्कोलियोसिस और जटिल स्पाइन रोगों की सर्जरी को आसान और सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एम्स भोपाल का ऑर्थोपेडिक विभाग प्रदेश की जनता को ऐसी सुविधाएं दे रहा है जो कहीं और उपलब्ध नहीं हैं, जैसे कि बोन बैंकिंग सर्विसेज, 3 डी प्रिंटिंग द्वारा सर्जरी, जटिल पीडियाट्रिक सर्जरी, इत्यादि।
