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आदेश का इंतजार: डेढ़ माह से आश्वासन, 14 हजार स्टाइपेंड पर भड़के इंटर्न डॉक्टर, कल सीएम हाउस कूच
Sun, 06 Sep 2026 06:23 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sun, 06 Sep 2026 06:23 PM IST
सार
14,337 से बढ़ाकर 30 हजार मासिक स्टाइपेंड करने की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन फिर तेज हो गया है। जुलाई में प्रदर्शन और कामबंद आंदोलन के बाद सरकार ने एक माह में निर्णय का आश्वासन दिया था। डेढ़ माह बाद भी लिखित आदेश नहीं आने पर इंटर्न डॉक्टर सोमवार को हमीदिया अस्पताल से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करेंगे।
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इंटर्न डॉक्टरों द्वारा पूर्व में किया गया प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का मामला एक बार फिर गरमा गया है। डेढ़ माह से सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे इंटर्न डॉक्टर अब कल सोमवार को मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करेंगे। डॉक्टर हमीदिया अस्पताल गेट नंबर-1 से मार्च शुरू करेंगे। इंटर्न डॉक्टरों को फिलहाल 14 हजार 337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। उनकी मांग है कि इसे बढ़ाकर न्यूनतम 30 हजार प्रतिमाह किया जाए। डॉक्टरों का कहना है कि जुलाई में आंदोलन के दौरान शासन की ओर से एक माह के भीतर स्टाइपेंड वृद्धि पर निर्णय लेने का मौखिक आश्वासन दिया गया था।
आश्वासन पर आंदोलन रोका, अब फिर सड़क पर
सरकार के भरोसे के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय करीब एक माह से ज्यादा समय तक फैसले का इंतजार किया। लेकिन अब करीब डेढ़ माह बीत चुका है और स्टाइपेंड वृद्धि का कोई लिखित आदेश या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद मामला आश्वासन से आगे नहीं बढ़ा। इसलिए अब मुख्यमंत्री के सामने सीधे अपनी मांग रखने का फैसला लिया गया है।
जुलाई में भी किया था प्रदर्शन
स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर इंटर्न डॉक्टर जुलाई में भी सड़कों पर उतर चुके हैं। उन्होंने प्रदर्शन और मार्च के साथ कामबंद आंदोलन किया था। मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी गई थी। बाद में शासन स्तर से मिले आश्वासन के बाद आंदोलन को कुछ समय के लिए टाला गया था। अब लिखित आदेश नहीं आने से डॉक्टरों का गुस्सा फिर बढ़ गया है।
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सीधी मांग- 30 हजार और लिखित आदेश
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मार्च करेंगे। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी मांग रखना और अब तक मिले आश्वासन पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कराना है। डॉक्टरों की मांग है कि 14,337 का स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार किया जाए और इसका लिखित आदेश जल्द जारी हो।
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आश्वासन पर आंदोलन रोका, अब फिर सड़क पर
सरकार के भरोसे के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय करीब एक माह से ज्यादा समय तक फैसले का इंतजार किया। लेकिन अब करीब डेढ़ माह बीत चुका है और स्टाइपेंड वृद्धि का कोई लिखित आदेश या आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद मामला आश्वासन से आगे नहीं बढ़ा। इसलिए अब मुख्यमंत्री के सामने सीधे अपनी मांग रखने का फैसला लिया गया है।
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जुलाई में भी किया था प्रदर्शन
स्टाइपेंड वृद्धि को लेकर इंटर्न डॉक्टर जुलाई में भी सड़कों पर उतर चुके हैं। उन्होंने प्रदर्शन और मार्च के साथ कामबंद आंदोलन किया था। मांग पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी भी दी गई थी। बाद में शासन स्तर से मिले आश्वासन के बाद आंदोलन को कुछ समय के लिए टाला गया था। अब लिखित आदेश नहीं आने से डॉक्टरों का गुस्सा फिर बढ़ गया है।
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सीधी मांग- 30 हजार और लिखित आदेश
इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मार्च करेंगे। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपनी मांग रखना और अब तक मिले आश्वासन पर सरकार की स्थिति स्पष्ट कराना है। डॉक्टरों की मांग है कि 14,337 का स्टाइपेंड बढ़ाकर 30 हजार किया जाए और इसका लिखित आदेश जल्द जारी हो।
