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Aiims:एम्स के चिकित्सकों ने अग्न्याशय में फैले कैंसर के ट्यूमर को सफलता पूर्वक निकाला, आठ घंटे चली जटिल सर्जरी
Sun, 20 Oct 2024 06:06 PM IST
संदीप तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: संदीप तिवारी
Updated Sun, 20 Oct 2024 06:06 PM IST
सार
एम्स भोपाल के डॉक्टर्स 55 साल के एक व्यक्ति के अग्न्याशय में फैले कैंसर के ट्यूमर को सफलता पूर्वक निकालना है। इस ट्यूमर को निकालने के लिए आठ घंटे तक जटिल सर्जरी की गई।
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मरीज के साथ चिकित्सकों की टीम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एम्स भोपाल के डॉक्टर्स नए चैलेंज लेने के लिए तैयार रहते हैं। अब 55 साल के एक व्यक्ति के अग्न्याशय में फैले कैंसर के ट्यूमर को निकालना है। हालही में, 55 वर्षीय एक व्यक्ति, जो स्थानीय निवासी है, पिछले छह महीनों से ऊपरी पेट में गंभीर दर्द और पीलिया की समस्या से परेशान था।अन्य चिकित्सा संस्थानों में सहायता लेने के बावजूद उसे आराम नहीं मिल रहा था। इसके बाद एम्स भोपाल के मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ओपीडी में आया, जहां परीक्षण के बाद पता चला कि उसे अग्याशय कैंसर है। उसकी तकलीफ को कम करने के लिए और पित्त नली की रुकावट को दूर करने के लिए स्टेंटिंग प्रक्रिया की गई।
डॉ नीलेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने तैयारी की व्हिपल प्रक्रिया
स्थिति स्थिर होने के बाद, मरीज को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में भेजा गया। व्यापक परीक्षणों के बाद पुष्टि हुई कि उसके ट्यूमर को शल्य चिकित्सा द्वारा हटाया जा सकता है, डॉ. नीलेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने व्हिपल प्रक्रिया की तैयारी की, जिससे मरीज के स्वस्थ होने की संभावनाएं बढ़ सकें।आठ घंटे तक चली यह सर्जरी सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीमों के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक पूरी हुई, जिसमें डॉ. शिखा जैन का भी योगदान रहा। ऑपरेशन के बाद, मरीज को सर्जिकल आईसीयू में उत्कृष्ट देखभाल मिली, जिससे उनकी रिकवरी बिना किसी जटिलता के संभव हो पाई।
अपनी आक्रामकता के लिए जाना जाता है अग्नाशय कैंसर
डॉ निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि अग्नाशय कैंसर अपनी आक्रामकता के लिए जाना जाता है, और प्रभावी प्रबंधन के लिए इसकी प्रारंभिक पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ट्यूमर को हटाने के लिए व्हिपल प्रक्रिया, द्वारा की जाने वाली सर्जरी एक जटिल शल्य चिकित्सा है। एम्स भोपाल में पिछले एक वर्ष के दौरान 16 अग्न्याशय कैंसर मरीजों का सफल उपचार किया गया। यह उपलब्धि संस्थान की उन्नत चिकित्सा सेवाओं और जटिल स्थितियों के लिए जीवन रक्षक उपचार प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डॉ श्रीवास्तव ने कहा है कि यह उपलब्धि न केवल एम्स भोपाल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह संस्थान के उन्नत स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण को भी दर्शाती है, जो सभी मरीजों के लिए सहानुभूतिपूर्ण और उच्चतम गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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एम्स डायरेक्टर ने दी पूरी टीम को बधाई
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो.अजय सिंह ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा है कि यह उपलब्धि हमारे समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रत्येक सफल सर्जरी हमारे मरीजों और उनके परिवारों के लिए आशा का प्रतिनिधित्व करती है। एम्स भोपाल में, हम उपचार की किरण बने रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और चिकित्सा उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मैं हमारी पूरी टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना करता हूं, जिसने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
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डॉ नीलेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने तैयारी की व्हिपल प्रक्रिया
स्थिति स्थिर होने के बाद, मरीज को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग में भेजा गया। व्यापक परीक्षणों के बाद पुष्टि हुई कि उसके ट्यूमर को शल्य चिकित्सा द्वारा हटाया जा सकता है, डॉ. नीलेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने व्हिपल प्रक्रिया की तैयारी की, जिससे मरीज के स्वस्थ होने की संभावनाएं बढ़ सकें।आठ घंटे तक चली यह सर्जरी सर्जिकल और एनेस्थीसिया टीमों के संयुक्त प्रयासों से सफलतापूर्वक पूरी हुई, जिसमें डॉ. शिखा जैन का भी योगदान रहा। ऑपरेशन के बाद, मरीज को सर्जिकल आईसीयू में उत्कृष्ट देखभाल मिली, जिससे उनकी रिकवरी बिना किसी जटिलता के संभव हो पाई।
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अपनी आक्रामकता के लिए जाना जाता है अग्नाशय कैंसर
डॉ निलेश श्रीवास्तव ने बताया कि अग्नाशय कैंसर अपनी आक्रामकता के लिए जाना जाता है, और प्रभावी प्रबंधन के लिए इसकी प्रारंभिक पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ट्यूमर को हटाने के लिए व्हिपल प्रक्रिया, द्वारा की जाने वाली सर्जरी एक जटिल शल्य चिकित्सा है। एम्स भोपाल में पिछले एक वर्ष के दौरान 16 अग्न्याशय कैंसर मरीजों का सफल उपचार किया गया। यह उपलब्धि संस्थान की उन्नत चिकित्सा सेवाओं और जटिल स्थितियों के लिए जीवन रक्षक उपचार प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। डॉ श्रीवास्तव ने कहा है कि यह उपलब्धि न केवल एम्स भोपाल के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह संस्थान के उन्नत स्वास्थ्य सेवा के प्रति समर्पण को भी दर्शाती है, जो सभी मरीजों के लिए सहानुभूतिपूर्ण और उच्चतम गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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एम्स डायरेक्टर ने दी पूरी टीम को बधाई
एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो.अजय सिंह ने इस उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा है कि यह उपलब्धि हमारे समाज की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रत्येक सफल सर्जरी हमारे मरीजों और उनके परिवारों के लिए आशा का प्रतिनिधित्व करती है। एम्स भोपाल में, हम उपचार की किरण बने रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और चिकित्सा उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। मैं हमारी पूरी टीम की मेहनत और समर्पण की सराहना करता हूं, जिसने इस उपलब्धि को संभव बनाया।
