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Bhopal News: एमटेक कर इंदौर की कंपनी में नौकरी करने वाली युवती ने लगाई फांसी, कुछ महीनों से था डिप्रेशन
Wed, 01 Oct 2025 08:56 PM IST
भोपाल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: भोपाल ब्यूरो
Updated Wed, 01 Oct 2025 08:56 PM IST
सार
भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय इंजीनियर प्रीति द्विवेदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट नहीं मिला, परिजन ने बताया कि वह डिप्रेशन से पीड़ित थी और इलाज चल रहा था। पिता ने कमरे में फंदे पर लटका पाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। पुलिस जांच जारी है।
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Crime news
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोलार थाना क्षेत्र में रहने वाली एक इंजीनियर युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट तो बरामद नहीं हुआ है, लेकिन परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि वह डिप्रेशन में चल रही थी। मानसिक चिकित्सक से उसका इलाज भी कराया था। वह कहती थी कि मुझे सपने में भगवान दिखते हैं। पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है। युवती ने इंजीनियरिंग स्नातक करने के बाद एमटेक किया और इंदौर में एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी।
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कोलार पुलिस के अनुसार प्रीति द्विवेदी पुत्र बीपी द्विवेदी (27) अमरनाथ कालोनी कोलार रोड पर रहती थी। उसके पिता मंत्रालय में नौकरी करती हैं। परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटा भाई है। प्रीति वर्तमान में वर्कफ्रॉम होम के कारण वह घर पर ही रह रही थी। मंगलवार की शाम को पिता बीपी द्विवेदी बेटी के लिए नारियल पानी लेकर पहुंचे। उस वक्त बेटा अपने कमरे में पढ़ाई कर रहा था, जबकि बेटी प्रीति अपने कमरे में थी। उनकी पत्नी मंदिर गई हुई थी। पिता ने प्रीति को आवाज दी, लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया। पिता को लगा कि कोई काम कर रही होगी, इसलिए वह दूसरे काम में व्यस्त हो गए। करीब पंद्रह मिनट बाद भी वह बाहर नहीं आई तो पिता ने उसके कमरे के दरवाजे को धक्का दिया। अंदर देखा तो बेटी दुपट्टे का फंदा बनाकर फंदे पर लटकी हुई थी।
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डॉक्टरों ने चेक करने के बाद बताया मृत
परिजन उसे तत्काल ही फंदे से उतारकर इलाज के लिए निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने चेक करने के बाद प्रीति को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिए भेज दिया। कमरे की तलाशी में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रारंभिक पूछताछ में परिजनों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से प्रीति डिप्रेशन का शिकार थी। उसका मनोचिकित्सक से इलाज भी करवाया जा रहा था। छोटे भाई ने बताया कि सुसाइड से कुछ देर पहले प्रीति उसके पास आई और अच्छे से पढ़ाई करने का बोलकर अपने कमरे में चली गई थी। उस वक्त ऐसा नहीं लगा था कि वह कोई ऐसा कदम उठा सकती है।
