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भोपाल: नेत्रहीन बैंक अधिकारी के दुष्कर्मी को 20 साल कैद, चोरी करने घुसा था आरोपी, पर अकेली देख किया रेप

Fri, 11 Mar 2022 05:10 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 11 Mar 2022 05:10 PM IST
सार

शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक नेत्रहीन बैंक अधिकारी के घर में साहूलाल कौल चोरी की नीयत से घुसा था। महिला को अकेला और नेत्रहीन देखकर उसके साथ उसने धमकी देकर दुष्कर्म किया। कोर्ट ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। 

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Bhopal: The rapist of a blind bank officer was imprisoned for 20 years, the accused had entered to steal, but raped seeing alone
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

भोपाल जिला अदालत ने दो साल पहले नेत्रहीन बैंक अधिकारी से दुष्कर्म करने वाले को 20 साल का सश्रम कारावास दिया है। साथ ही 3500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपी चोरी करने घुसा था, पर महिला के नेत्रहीन होने का पता चलते ही दुष्कर्म किया था।
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ये फैसला भोपाल जिला अदालत के अपर सत्र न्यायाधीश यतेश सिसौदिया ने शुक्रवार को सुनाया है। अभियोजन के अनुसार कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान लगाए गए लॉक डाउन में 17 अप्रैल 2020 को भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में एक नेत्रहीन बैंक अधिकारी के घर में साहूलाल कौल चोरी की नीयत से घुसा था। महिला को अकेला और नेत्रहीन देखकर उसके साथ उसने धमकी देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद वह बैंक अधिकारी का मोबाइल लेकर भाग गया। पुलिस ने जांच में मोबाइल जब्त किया और पीड़िता से उसकी आवाज की पहचान कराई। डीएनए की जांच में आरोपी के खिलाफ साक्ष्य जुटाए गए थे। अदालत में मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक आरके खत्री ने की थी।
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आरोपी साहूलाल कौल को दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया है। साहूलाल कौल ओडिशा का रहने वाला है और घटना के समय वह भोपाल के 12 नंबर बस स्टाप पर रहता था। उसे अदालत ने दुष्कर्म की धारा 376 एल के तहत 20 साल के सश्रम कारावास व दो हजार रुपये का अर्थदंड तो घर में अपराध की नीयत से घुसने की धारा 450 में सात साल के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये का अर्थदंड किया है। इसके अलावा नि:शक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम की धारा 92 ख में अदालत ने तीन साल के सश्रम कारावास और 500 रुपये का अर्थदंड किया है।
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