फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal Railway officer says Khushwant Singh novel is obscene remove from stall

खुशवंत सिंह का उपन्यास देख भड़के रेलवे अफसर, अश्लील बताकर स्टॉल से हटवाया

Thu, 21 Nov 2019 09:15 AM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 21 Nov 2019 09:15 AM IST
विज्ञापन
Bhopal Railway officer says Khushwant Singh novel is obscene remove from stall
रेलवे बोर्ड की यात्री सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न - फोटो : Facebook

रेलवे बोर्ड की यात्री सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र रत्न ने बुधवार को भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रमेश चंद्र रत्न स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लेखक खुशवंत सिंह के एक उपन्यास को देखकर बिफर पड़े और स्टॉल मालिक को उसे हटाने का आदेश दिया। 

विज्ञापन


रमेश चंद्र ने प्रसिद्ध लेखक खुशवंत सिंह के उपन्यास ‘औरतें, सेक्स, लव और लस्ट’ को एक स्टॉल पर देखा, जिसके बाद उन्होंने उसे अश्लील करार देते हुए बुक स्टॉल के मालिक को हिदायत की कि इस तरह के उपन्यास अपने स्टॉल पर ना रखे। साथ ही उन्होंने स्टॉल मालिक से कहा कि इस उपन्यास को वह फौरन हटाए। उन्होंने रेलवे स्टेशन के अधिकारियों को भी आदेश दिया कि वो इस बात की समय पर जांच करें कि इस तरह का अश्लील साहित्य रेलवे स्टेशन पर कोई ना बेच पाए। 
विज्ञापन


उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों को भी इसके लिए सचेत किया और निर्देशित किया है कि अश्लील चीजें किसी बुक स्टॉल पर नहीं मिलने दें। उन्होंने कहा कि हम कोई चीज ऐसी नहीं चलने देना चाहते हैं जिससे नई पीढ़ी को कोई आघात पहुंचे। उन्होंने भोपाल रेलवे स्टेशन की स्वच्छता और यात्री सुविधाओं का निरीक्षण करने के बाद संतोष व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


कौन हैं लेखक खुशवंत सिंह
लेखक, कवि और स्तंभकार खुशवंत सिंह ने अपने जीवन 80 किताबें लिखी हैं। इनमें 'ट्रेन टू पाकिस्तान' और 'कंपनी ऑफ वूमन' जैसी बेस्टसेलर किताबें हैं। साथ ही उन्होंने 'हिस्ट्री ऑफ सिख' नाम से सिखों का इतिहास भी लिखा। खुशवंत को अपने जीवन में तीन चीजों से बेहद प्रेम था। पहला- दिल्ली, दूसरा-लेखन और तीसरा-खूबसूरत महिलाएं। 


खुशवंत खुद को दिल्ली का सबसे बड़ा यारबाज और दिलफेंक बूढ़ा मानते थे। जीवन के आखिरी पलों में उन्होंने लेखन से अपना प्यार जुदा नहीं किया, वह 99 साल की उम्र तक लिखते रहे। उनका निधन साल 2014  में 20 मार्च को हुआ था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed