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मध्य प्रदेश: भाजपा सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी मुस्लिम कमेटी, कहा- चुनकर की जा रही तोड़फोड़ की कार्रवाई
Sat, 16 Apr 2022 04:01 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 16 Apr 2022 04:01 PM IST
सार
मध्य प्रदेश में मुस्लिम कमेटी अब भाजपा सरकार के तोड़फोड़ अभियान के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रही है। कमेटी के सदस्यों का कहना है कि राज्य में तोड़फोड़ की कार्रवाई चुनिंदा लोगों पर ही की जा रही है। हाल ही मे हुए खरगोन हिंसा और अन्य जगहों पर हुए उपद्रव में कथित तौर पर शामिल आरोपियों के घर तोड़ दिए गए।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश सरकार का बुलडोजर पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए मुस्लिम कमेटी हाईकोर्ट की शरण में जा रही है। उनका कहना है कि बिना किसी प्रक्रिया के घर तोड़े जा रहे हैं। किसी एक की गलती की सजा पूरे परिवार को क्यों दी जा रही है। मुस्लिम कमेटी ने तय किया है कि वे इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
एक मुस्लिम मौलवी ने पूछा कि सरकार उन लोगों के परिवार के सदस्यों को दंडित क्यों कर रही है जो कथित तौर पर दंगों में शामिल थे। इस कार्रवाई ने कई लोगों को बेघर कर दिया है।
बता दें कि रामनवमी पर निकले जुलूस पर पथराव करने वाले लोगों की 'अवैध' संपत्ति के खिलाफ राज्य सरकार ने अभियान चला रखा है। कुछ मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया है कि उपद्रव के बाद समाज के लोगों को गलत तरीक से टारगेट पर लिया जा रहा है। बिना किसी प्रक्रिया के उनके घरों को तोड़ा जा रहा है। भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी का कहना है कि मैंने अपने समुदाय के अधिवक्ताओं से राज्य में चल रहे इस चुनिंदा तोड़फोड़ अभियान के खिलाफ हाईकोर्ट जाने के बारे में पूछा है। हम निश्चित रूप से इस एकतरफा अभियान के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि खरगोन में अब तक कितने मुसलमानों के घर तोड़े जा चुके हैं, उन्होंने कहा कि कर्फ्यू हटने के बाद ही पता चलेगा।
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मौलवी ने कहा कि समाज कानून से चलता है। अपराध करने वाले व्यक्ति को दंडित किया जाना चाहिए, उसके परिवार को नहीं। अगर परिवार का एक सदस्य कुछ गलती करता है तो घरों को क्यों तोड़ा जा रहा है। साथ ही कहा कि सरकार के इस अभियान से कई परिवार घरों से वंचित हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य भर की मस्जिदों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, खासकर भोपाल में। मुसलमानों की एक बड़ी आबादी वाले क्षेत्र से निकले रामनवमी जुलूस में कथित तौर पर एक पत्थर फेंकने के बाद खरगोन में हिंसा और सांप्रदायिक तनाव फैल गया।
नदवी ने बताया था कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलेगा कि ऐसी घटनाओं के दौरान कहां से पत्थर फेंके गए। उन्होंने यह भी कहा था कि खरगोन में कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों के ‘अवैध’ घरों को गिराना पूरी तरह गलत है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी दी थी कि उनकी सरकार दंगों में लिप्त पाए जाने वाले किसी को भी नहीं बख्शेगी और खरगोन में कथित रूप से शामिल लोगों के घरों को गिराने को भी उचित ठहराया था। मप्र सरकार को देखते हुए, गुजरात में भाजपा सरकार ने शुक्रवार को खंभात शहर में “अवैध” घरों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया, जहां पिछले रविवार को कथित तौर पर रामनवमी जुलूस पर हमला हुआ था।
इधर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जो अवैध है, जो नगर पालिका नियम के अंतर्गत अनुमति लिए बिना बने हुए हैं, उन पर कार्रवाई हो रही है। कानूनी राय लेने में कोई बुराई नहीं है। हमने भी कानूनी सलाह लेकर ही कार्रवाई की है। गिरफ्तारी होना और बुलडोजर चलना दोनों अलग-अलग मामले हैंं।
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एक मुस्लिम मौलवी ने पूछा कि सरकार उन लोगों के परिवार के सदस्यों को दंडित क्यों कर रही है जो कथित तौर पर दंगों में शामिल थे। इस कार्रवाई ने कई लोगों को बेघर कर दिया है।
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बता दें कि रामनवमी पर निकले जुलूस पर पथराव करने वाले लोगों की 'अवैध' संपत्ति के खिलाफ राज्य सरकार ने अभियान चला रखा है। कुछ मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया है कि उपद्रव के बाद समाज के लोगों को गलत तरीक से टारगेट पर लिया जा रहा है। बिना किसी प्रक्रिया के उनके घरों को तोड़ा जा रहा है। भोपाल शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी का कहना है कि मैंने अपने समुदाय के अधिवक्ताओं से राज्य में चल रहे इस चुनिंदा तोड़फोड़ अभियान के खिलाफ हाईकोर्ट जाने के बारे में पूछा है। हम निश्चित रूप से इस एकतरफा अभियान के खिलाफ हाईकोर्ट जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि खरगोन में अब तक कितने मुसलमानों के घर तोड़े जा चुके हैं, उन्होंने कहा कि कर्फ्यू हटने के बाद ही पता चलेगा।
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मौलवी ने कहा कि समाज कानून से चलता है। अपराध करने वाले व्यक्ति को दंडित किया जाना चाहिए, उसके परिवार को नहीं। अगर परिवार का एक सदस्य कुछ गलती करता है तो घरों को क्यों तोड़ा जा रहा है। साथ ही कहा कि सरकार के इस अभियान से कई परिवार घरों से वंचित हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य भर की मस्जिदों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, खासकर भोपाल में। मुसलमानों की एक बड़ी आबादी वाले क्षेत्र से निकले रामनवमी जुलूस में कथित तौर पर एक पत्थर फेंकने के बाद खरगोन में हिंसा और सांप्रदायिक तनाव फैल गया।
नदवी ने बताया था कि सीसीटीवी फुटेज से पता चलेगा कि ऐसी घटनाओं के दौरान कहां से पत्थर फेंके गए। उन्होंने यह भी कहा था कि खरगोन में कथित तौर पर हिंसा में शामिल लोगों के ‘अवैध’ घरों को गिराना पूरी तरह गलत है।मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चेतावनी दी थी कि उनकी सरकार दंगों में लिप्त पाए जाने वाले किसी को भी नहीं बख्शेगी और खरगोन में कथित रूप से शामिल लोगों के घरों को गिराने को भी उचित ठहराया था। मप्र सरकार को देखते हुए, गुजरात में भाजपा सरकार ने शुक्रवार को खंभात शहर में “अवैध” घरों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया, जहां पिछले रविवार को कथित तौर पर रामनवमी जुलूस पर हमला हुआ था।
इधर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जो अवैध है, जो नगर पालिका नियम के अंतर्गत अनुमति लिए बिना बने हुए हैं, उन पर कार्रवाई हो रही है। कानूनी राय लेने में कोई बुराई नहीं है। हमने भी कानूनी सलाह लेकर ही कार्रवाई की है। गिरफ्तारी होना और बुलडोजर चलना दोनों अलग-अलग मामले हैंं।
