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भोपाल: दिग्विजय सिंह ने आरएसएस पर फिर साधा निशाना, कहा हिन्दू-मुस्लिम के बीच कटुता फैलाते हैं ये लोग
Wed, 12 Jan 2022 06:48 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 12 Jan 2022 06:48 PM IST
सार
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान आरएसएस पर हमला बोला। उन्होंने आरएसएस पर हिन्दू-मुस्लिम के बीच कटुता फैलाने का आरोप लगाया। कुछ दिन पहले उन्होंने आरएसएस की तुलना दीमक से की थी।
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दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने आज अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से चर्चा की। पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि बहुत दिनों से चल रही है कि मैं हिन्दू विरोधी हूं, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं उस परिवार से आता हूं जो बहुत धार्मिक प्रवृत्ति का है। मेरे गृह स्थान पर बहुत सारे मन्दिर हैं, जिसमें अलग-अलग भगवान विराजमान हैं। अपनी मां का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मेरी मां बहुत धर्मिक प्रवृत्ति की थीं, लेकिन मेरे पिता ज्यादा धार्मिक नहीं थे। वो गांधी विचारधारा के थे। 1941 में मेरे पिताजी ने हमारे मंदिरों में दलितों का प्रवेश करवा था। हमारे मंदिरों में जो दरवाजे लगे हैं उसमें उर्दू में लिखा है।
आरएसएस के बारे में उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोग मेरे पास आए थे। राज माता सिंधिया मुझे जनसंघ में आने के लिए कहती थीं, लेकिन मैंने राजमाता से जनसंघ में जाने के लिए मना कर दिया था। मेरे पिता जी कभी हिन्दू महासभा में नहीं गए। ये लोग हिन्दू-मुस्लिम के बीच कटुता फैलाते हैं। सिर्फ आरएसएस ही नहीं विश्व में कई संगठन हैं, जो अपने धर्म को दूसरे धर्म से ज्यादा श्रेष्ठ बताते हैं। भारत में कभी धर्मिक युद्ध नहीं हुए, सियासी युद्ध जरूर हुए हैं।
स्वामी विवेकानंद जयंती पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वो सभी धर्मों को सत्य मानते थे। ये ही सनातन धर्म है। स्वामी विवेकानंद ने सभी धर्मों को समझने की कोशिश की उन्होंने कहा था कि सभी धर्म समान हैं। सबसे मूल बात है कि सभी धर्मों का रास्ता एक है। अपने धर्म को श्रेष्ठ बताने के लिए मिथ सामने आ जाते हैं। सभी धर्मों का एक ही मूल मकसद है इंसानियत। अपने शासन काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मैंने कट्टरपंथी से प्रेरित हिन्दू-मुसलमान के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता ने युवा कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान भी आरएसएस पर हमला बोला था। उन्होंने आरएसएस की तुलना दीमक से की थी। जिस पर बीजेपी के कई नेताओं ने उनके बयान की निंदा की थी और उन पर पलटवार किया था।
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आरएसएस के बारे में उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोग मेरे पास आए थे। राज माता सिंधिया मुझे जनसंघ में आने के लिए कहती थीं, लेकिन मैंने राजमाता से जनसंघ में जाने के लिए मना कर दिया था। मेरे पिता जी कभी हिन्दू महासभा में नहीं गए। ये लोग हिन्दू-मुस्लिम के बीच कटुता फैलाते हैं। सिर्फ आरएसएस ही नहीं विश्व में कई संगठन हैं, जो अपने धर्म को दूसरे धर्म से ज्यादा श्रेष्ठ बताते हैं। भारत में कभी धर्मिक युद्ध नहीं हुए, सियासी युद्ध जरूर हुए हैं।
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स्वामी विवेकानंद जयंती पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वो सभी धर्मों को सत्य मानते थे। ये ही सनातन धर्म है। स्वामी विवेकानंद ने सभी धर्मों को समझने की कोशिश की उन्होंने कहा था कि सभी धर्म समान हैं। सबसे मूल बात है कि सभी धर्मों का रास्ता एक है। अपने धर्म को श्रेष्ठ बताने के लिए मिथ सामने आ जाते हैं। सभी धर्मों का एक ही मूल मकसद है इंसानियत। अपने शासन काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में मैंने कट्टरपंथी से प्रेरित हिन्दू-मुसलमान के खिलाफ कार्रवाई की थी।
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बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता ने युवा कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान भी आरएसएस पर हमला बोला था। उन्होंने आरएसएस की तुलना दीमक से की थी। जिस पर बीजेपी के कई नेताओं ने उनके बयान की निंदा की थी और उन पर पलटवार किया था।
