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Bhopal: अस्पताल संचालक ने आयुष्मान योजना में भर्ती बिल लगा करोड़ों हड़पे, FIR दर्ज
Thu, 02 Jun 2022 04:30 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 02 Jun 2022 04:30 PM IST
सार
राजधानी भोपाल के वैष्णव मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक के खिलाफ आयुष्मान योजना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। अस्पताल में मरीजों को भर्ती किए बिना ही आयुष्मान योजना से करोड़ों रुपए के बिल का भुगतान करा लिया।
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आयुष्मान योजना
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
राजधानी भोपाल के वैष्णव मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक के खिलाफ आयुष्मान योजना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। अस्पताल में मरीजों को भर्ती किए बिना ही आयुष्मान योजना से करोड़ों रुपए के बिल का भुगतान करा लिया।
जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश आयुष्मान विभाग के अधिकारियों ने भोपाल क्राइम ब्रांच को शिकायत की। इसमें क्राइम ब्रांच ने शिकायत के तथ्यों के आधार पर संचालक विवेक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार अस्पताल ने आयुष्मान योजना में मरीजों को भर्ती किए बिना उनके नाम पर फर्जी बिल लगाकार भुगतान करा लिया। प्रारंभिक जांच में अस्पताल में 50 से ज्यादा मरीजों के 1 करोड़ रुपए भुगतान करने की जानकारी है।
अब आयुष्मान विभाग ने बाकी मरीजों के बिलों पर रोक लगा दी है। अस्पताल ने 30 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किए बिना उनके फर्जी बिल लगाकर भुगतान करने का मामला सामने आया है। अब क्राइम ब्रांच और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में अब तक आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों की जांच शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच ने हितग्राहियों के बयान और अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश आयुष्मान विभाग के अधिकारियों ने भोपाल क्राइम ब्रांच को शिकायत की। इसमें क्राइम ब्रांच ने शिकायत के तथ्यों के आधार पर संचालक विवेक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के अनुसार अस्पताल ने आयुष्मान योजना में मरीजों को भर्ती किए बिना उनके नाम पर फर्जी बिल लगाकार भुगतान करा लिया। प्रारंभिक जांच में अस्पताल में 50 से ज्यादा मरीजों के 1 करोड़ रुपए भुगतान करने की जानकारी है।
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अब आयुष्मान विभाग ने बाकी मरीजों के बिलों पर रोक लगा दी है। अस्पताल ने 30 से ज्यादा मरीजों को भर्ती किए बिना उनके फर्जी बिल लगाकर भुगतान करने का मामला सामने आया है। अब क्राइम ब्रांच और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में अब तक आयुष्मान योजना के तहत भर्ती मरीजों की जांच शुरू कर दी है। क्राइम ब्रांच ने हितग्राहियों के बयान और अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।
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