फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   bhopal congress on sardar sarowar

कांग्रेस का मोदी सरकार पर बड़ा आरोप

Sun, 15 Jun 2014 08:41 AM IST
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला, भोपाल
जयप्रकाश पाराशर/अमर उजाला, भोपाल Updated Sun, 15 Jun 2014 08:41 AM IST
विज्ञापन
bhopal congress on sardar sarowar

मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाकर ऐसे व्यवहार कर रहे हैं, जैसे वे गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। पूरे मामले की केस स्टडी किए बिना ही मध्य प्रदेश के किसानों और आदिवासियों के हितों की बलि चढ़ाई जा रही है।

विज्ञापन


अरुण यादव का कहना है कि अब भी 20-25 हजार परिवारों का पुनर्वास होना बाकी है और मोदी सरकार ने इन लोगों को डुबोने का फैसला कर लिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस केंद्र के इस फैसले के खिलाफ अदालत की शरण लेगी।
विज्ञापन


खंडवा क्षेत्र से ही संबंध रखने वाले अरुण यादव का कहना है कि मध्य प्रदेश के हितों को अनदेखा करके गुजरात को फायदा पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश कांग्रेस पहले भी जलसमाधि जैसे कार्यक्रम करती रही है और अब इस फैसले के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस संघर्ष करने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे ने कहा है कि केंद्र सरकार ने मुख्यमंत्री के विदेश प्रवास के दौरान यह फैसला करके संघीय ढांचे को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने मांग उठाई है कि प्रभावितों के परिवार में से कम से कम एक व्यक्ति को मध्य प्रदेश अथवा गुजरात सरकार में शासकीय नौकरी दी जाए।

उनका कहना है कि डूब में आने वाली जमीन के बराबर जमीन भूस्वामियों को दी जानी चाहिए। कटारे ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार मुआवजा वितरित किए जाने से पहले ऊंचाई बढ़ाने का फैसला अनुचित है। ऐसा कोई भी फैसला सर्वदलीय बैठक बुलाकर किया जाना चाहिए।

नर्मदा बचाओ आंदोलन के प्रवक्ता मीरा का कहना है कि यह भी स्पष्ट नहीं है कि गुजरात को कोई फायदा इससे पहुंचेगा, क्योंकि अभी तो 30 फीसदी ही नहरें बनी हैं, नहरों का काम पूरा नहीं हुआ है, इसलिए गुजरात को पानी इकट्ठा करने का भी कोई फायदा मिल पाएगा, यह स्पष्ट नहीं है।


मीरा का कहना है कि बांध की ऊंचाई बढ़ाने के फैसले से निमाड़ का जो इलाका डूब में आने वाला है, उसमें लोग रह रहे हैं, मंदिर-मस्जिद हैं, खेती हो रही है, लेकिन सरकार ने डुबोने का फैसला कर लिया है। मीरा का कहना है कि अदालत ने पूरे पुनर्वास करने के आदेश दे रखे हैं, उसकी अनदेखी करते हुए यह फैसला किया गया है। उनके मुताबिक डूब प्रभावितों ने आवेदन लगा रखे हैं कि उनका पुनर्वास नहीं हो पाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed