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जिंदगी से तंग आकर भय्यूजी महाराज ने की आत्महत्या, शांति का पाठ पढ़ाने वाले ने लिखा जीवन का कष्ट

Wed, 13 Jun 2018 07:04 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Updated Wed, 13 Jun 2018 07:04 AM IST
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Bhayyuji Maharaj allegedly shoots himself admitted to Bombay hospital in Indore

भय्यूजी महाराज ने कथित तौर पर खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। जानकारी के मुताबिक भय्यू जी महाराज ने खुद को घर में गोली मारी जहां उन्होंने मौके पर दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद उनके सेवादार उन्हें इंदौर के बॉम्बे अस्पताल लेकर गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। भय्यू जी महाराज पहली बार राष्ट्रीय चर्चा में तब आए थे जब अन्ना हजारे के आंदोलन को खत्म कराने में उन्होंने वार्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मंगलवार सुबह 9 से 12 तक भय्यू महाराज को बापट स्थित उनके आश्रम पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उसके बाद सयाजी मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार होगा।

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पुलिस और पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक इंदौर में आध्यात्मिक संत भय्यूजी महाराज द्वारा अपनी लाइसेंसी हथियार से खुद को गोली मार सुसाइड करने के मामले मे पुलिस को सुसाइड नोट मिल गया है जो अंग्रेजी में है उसमें पारिवारिक कलह का जिक्र करते हुए उन्होंने खुद को बेहद तनाव में होना बताया है। हालांकि उन्होंने खुदकुशी के लिए किसी को दोषी नहीं बताया लेकिन शुरुआती जांच इस बात की ओर इशारा कर रही है कि 2015 मे उनकी पहली पत्नी माधवी की मृत्यु हो जाने से वह अकेलापन महसूस कर रहे थे। उनकी माधवी से एक बेटी थी। इस बीच 2017 मे भय्यूजी महाराज ने मूल रुप से शिवपुरी के "खनियाधाना" निवासी एवं इंदौर में डाक्टर आयुषी शर्मा से शादी कर ली थी। बताते हैं कुछ समय बाद भय्यूजी महाराज की दूसरी पत्नी डॉक्टर आयुषी अपने पास अपनी मां रानी ओर छोटे भाई-बहन को भी ले आई और इस दौरान भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी से हुई बेटी की उपेक्षा करने लगी और अपने मायके वालों को महत्व देने लगी। इस बात को लेकर अक्सर भय्यूजी महाराज और डॉक्टर आयुषी शर्मा में विवाद होने लगा। जब भय्यूजी महाराज की सहनशीलता जवाब दे गई तो उन्होंने यह जानलेवा कदम उठा लिया। 
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भय्यूजी महाराज का सुसाइड नोट मिला

इंदौर पुलिस ने भय्यूजी महाराज द्वारा लिखा गया कथित सुसाइड नोट बरामद किया है। आईजी इंटेलिजेंस मकरंद देउस्कर ने बताया कि सुसाइड नोट के अलावा रिवॉल्वर भी जब्त किया गया है। देउस्कर ने कहा कि पुलिस सुसाइड नोट की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार अंग्रेजी में लिखे गए सुसाइड नोट में भय्यू महाराज ने कहा कि  मैं बहुत ज्यादा तनाव से परेशान आ चुका हूं। परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए किसी को होना चाहिए।
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दाईं कनपटी पर गोली लगी

इंदौर पुलिस ने सीएसपी जयंत राठौर ने बताया कि भय्यूजी महाराज ने सिल्वर स्प्रिंग स्थित अपने घर में खुद को गोली मारी। उनके सिर पर गोली लगी थी। वहीं बॉम्बे अस्पताल के एक डॉक्टर के मुताबिक भय्यूजी महाराज को अस्पताल लाए जाने के आधा घंटे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। उन्हें दाईं कनपटी पर गोली लगी थी।

कौन थे भय्यूजी महाराज 

1968 में जन्मे भय्यूजी महाराज का मूल नाम उदयसिंह देशमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे। वह पहले फैशन डिजाइनर थे और बाद में अध्यात्म की ओर मुड़ गए थे। उन्होंने कभी कपड़ों के एक ब्रांड के विज्ञापन के लिए मॉडलिंग भी की थी। इंदौर में बापट चौराहे पर उनका आश्रम है। यहीं से वे अपने सद्गुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट के कार्यों और सामाजिक गतिविधियां का संचालन करते थे। 

भय्यूजी महाराज का परिवार 

भय्यूजी महाराज की पहली पत्नी माधवी का नवंबर 2015 में पुणे में निधन हो चुका है। माधवी से उन्हें एक बेटी हुई जिसका नाम कुहू है जो फिलहाल पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यूजी महाराज ने 30 अप्रैल 2017 को मध्यप्रदेश के शिवपुरी की डॉक्टर आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी। आयुषी उनके आश्रम में कई सालों से सेवाओं में समर्पित हैं। 

लोक सभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन ने श्री भय्यू महाराज को दी श्रद्धांजलि

"विश्वास नहीं होता कि भय्यूजी महाराज अब हमारे बीच नहीं रहे। उनकी पहचान एक आध्यात्मिक गुरू, समाजसेवी एवं विचारवान व्यक्तित्व के तौर पर थी। उन्हेंने समाज में बदलाव के लिए एवं सुधार के लिए व्यापक काम किए। 

अपने संस्थान ”सूर्योदय“ के माध्यम से समाज में एक नई रौशनी लाने का प्रयास किया। बंजारा समुदाय के लिए उनकी विशेष चिंताएं थीं। उनके आश्रम में आने वाले लोगों में बड़ी तादाद महाराष्ट्र के सुदूर गांवों से थी।लोग उनके यहां एक आशा से आते और एक विश्वास लेकर जाते थे। उनके यहां आने वालों में सार्वजनिक जीवन के बड़े-बड़े नाम भी थे। उनका इस तरीके से असमय चले जाना व्यथित करता है।

मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि वह दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे एवं उनके अनुयायियों एवं उनके परिवारजनों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। मेरी ओर से श्री भय्यूजी महाराज को आदरपूर्वक श्रद्धांजलि।

भय्यूजी महाराज के भक्तों में नामी-गिरामी हस्तियां शामिल

Bhayyuji Maharaj allegedly shoots himself admitted to Bombay hospital in Indore
नरेंद्र मोदी का उपवास खुलवाते हुए भय्यूजी महाराज
भय्यूजी महाराज दायरा बहुत बड़ा था

भय्यूजी महाराज ने हर क्षेत्र में अपनी पहुंच साबित की। मायानगरी मुंबई का ग्लैमर बॉलीवुड हो या राजनीति का खेल या फिर समाजसेवा का क्षेत्र उन्होंने हर जगह अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनके आश्रम में अति विशिष्ट संत पहुंचते थे। उनके भक्तों में कई नामी-गिरामी हस्तियां शामिल थीं।

देश के कई बड़े राजनेता, उद्योगपति, फिल्मी दुनिया की हस्तियां, गायक और चर्चित हस्तियां उनके आश्रम में आ चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर, बॉलीवुड की मशहूर गायिका आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म अभिनेता, मिलिंद गुणाजी जैसे चर्चित नाम भी शामिल हैं। 

सुर्खियों में कब आए भय्यूजी महाराज

भय्यूजी महाराज पहली बार तब सुर्खियों में आए जब साल 2011 में यूपीए सरकार ने लोकपाल को लेकर अन्ना हजारे के आमरण अनशन को तुड़वाने और उनकी मांगों के मानने का आश्वासन के साथ भय्यूजी महाराज को अपना दूत बनाकर भेजा था। अन्ना ने भय्यूजी महाराज के हाथों से जूस पीकर अपना अनशन तोड़ा था। उस वक्त उनके साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख भी थे।

भय्यूजी महाराज ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भी जूस पिलाकर उनका उपवास खुलवाया था जब वे सद्भावना उपवास पर बैठे थे। 

राज्य मंत्री का दर्जा ठुकराया था

Bhayyuji Maharaj allegedly shoots himself admitted to Bombay hospital in Indore
भय्यूजी महाराज
सार्वजनिक जीवन से संन्यास लिया था

महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में खासी पैठ रखने वाले भय्यूजी महाराज ने खुद को कर्ज में डूबा हुआ बताकर सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेने की घोषणा की थी। संन्यास के बावजूद उनके सार्वजनिक और आध्यात्मिक कार्य जारी रहे। सिंहस्थ से पहले हुए धर्म सम्मेलन में सरकार ने आमंत्रित नहीं किया था जिससे वे नाराज हो गए थे।

राज्य मंत्री का दर्जा ठुकराया था 

मध्य प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने का ऐलान करने वाले संतों में भय्यूजी महाराज भी शामिल थे। मध्यप्रदेश सरकार ने 2 जुलाई 2017 को 6.67 करोड़ पौधे लगाने का दावा किया था। कुछ संतों ने इसे महाघोटाला करार दिया था। जिनमें राज्य सरकार ने अप्रैल 2018 में कुछ संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया। इनमें नर्मदानंदजी, हरिहरानंदजी, कंप्यूटर बाबा, पं. योगेंद्र महंत और भय्यूजी महाराज शामिल थे। हालांकि भय्यूजी महाराज ने सरकार की इस पेशकश को ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था कि वे नर्मदा मैया की सेवा बिना किसी पद के साथ भी करते रहेंगे।

कांग्रेस ने मौत की सीबीआई जांच की मांग की

Bhayyuji Maharaj allegedly shoots himself admitted to Bombay hospital in Indore
मानक अग्रवाल - फोटो : ANI
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भय्यूजी महाराज की मौत पर शोक व्यक्त किया।

चौहान ने ट्वीट किया, "संत भय्यूजी महाराज को सादर श्रद्धांजलि। देश ने संस्कृति, ज्ञान और सेवा की त्रिवेणी व्यक्तित्व को खो दिया। आपके विचार अनंत काल तक समाज को मानवता की सेवा के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेंगे।" 
 

सीबीआई जांच की मांग

वहीं कांग्रेस ने भय्यूजी महाराज की मौत की सीबीआई जांच की मांग की है।

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया प्रमुख मानक अग्रवाल ने कहा, "मध्य प्रदेश सरकार ने उन पर विशेषाधिकार स्वीकार करने और सरकार का समर्थन करने के लिए दबाव डाला था, जिसे उन्होंने मानने से इनकार कर दिया था। वह बहुत मानसिक दबाव में थे। मामले की सीबीआई जांच की जानी चाहिए।"
 

 
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