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MP LS Election: बैतूल संसदीय क्षेत्र के बसपा प्रत्याशी अशोक भलावी का हार्ट अटैक से निधन, चुनाव स्थगित

Tue, 09 Apr 2024 08:01 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 09 Apr 2024 08:01 PM IST
सार

Betul BSP Candidate Ashok Bhalavi Died: बैतूल संसदीय क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी की ओर से चुनाव लड़ रहे अशोक भलावी का मंगलवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। बैतूल से 14 किमी दूर ग्राम सोहागपुर निवासी भलावी को दोपहर करीब दो बजे सीने में दर्द होने पर परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।

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MP Lok Sabha Election News: Betul Parliamentary Constituency BSP Candidate Ashok Bhalavi Dies of Heart Attack
अशोक भलावी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के बैतूल लोकसभा सीट से प्रत्याशी अशोक भलावी का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। उन्हें मंगलवार दोपहर को सीने में दर्द उठा था और उन्हें अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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बता दें कि अशोक भलावी को बहुजन समाज पार्टी ने बैतूल लोकसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था। पिछली बार भी अशोक बीएसपी के टिकट पर चुनाव लड़े थे। सोहागपुर गांव के पास रहने वाले अशोक भलावी पेशे से सब्जी व्यापारी थे, वे बैतूल जनपद के सदस्य भी रह चुके हैं। अशोक भलावी के चार बेटे हैं। उनका अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गृह ग्राम सोहागपुर में होगा।
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बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी का कहना है कि बसपा प्रत्याशी अशोक भलावी की मौत के संबंध में रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेज दी है। अभी जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 52 के तहत 26 अप्रैल 2024 को होने वाली मतदान प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। आगे निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी।
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जानिए क्या कहता है जन प्रतिनिधित्व अधिनियम?
अधिनियम की धारा 52 (2) के अनुसार, अगर किसी मान्यता प्राप्त राज्य या राष्ट्रीय पार्टी की ओर से मैदान में उतारे गए उम्मीदवार की मतदान से पहले मौत हो जाती है तो निर्वाचन अधिकारी उस सीट पर मतदान स्थगित कर देता है और नई तारीख की घोषणा बाद में की जाती है।


ये रहा बैतूल सीट का इतिहास 
बता दें, बैतूल लोकसभा में विधानसभा आठ सीटें आती हैं। बैतूल सीट पर पहला चुनाव 1951 में हुआ। पहले चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी। 1967 और 1971 के चुनाव में भी कांग्रेस ने बैतूल सीट जीती। 1977 के चुनाव में भारतीय लोकदल ने बैतूल सीट पर जीत हासिल की। 1980 में कांग्रेस ने वापसी कर फिर यह सीट जीती। 1984 में भी कांग्रेस को जीत मिली। बीजेपी ने पहली बार 1989 में जीत हासिल की। आरिफ बेग ने कांग्रेस के असलम शेरखान को हराकर यहां पर बीजेपी को पहली जीत दिलाई थी। 

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