Rajgarh: मुहर्रम के जुलूस में हथियार व पेट्रोल सहित अन्य शक्ति प्रदर्शन पर पाबंदी; जिला प्रशासन ने कराई मुनादी
कोतवाली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार मुहर्रम का पर्व नगर में शांति व कानून व्यवस्था को कायम रखते हुए संपन्न कराया जाए। इसके लिए पुलिस की टीम आयोजित कार्यक्रमों में पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी जो बारीकी से हर एक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेगी।
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मुहर्रम का चांद नजर आने के बाद मुस्लिम धर्मावलंबियों के नए वर्ष की शुरुआत होती है। ऐसे में पुरानी परंपराओं के अनुसार राजगढ़ और आसपास के क्षेत्र में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उसमें चांद दिखने के बाद ही चौकी धुलने जाती है और नाल साहब की सवारी का भी आयोजन किया जाता है। इसके जुलूस में युवा अलम नौबत और ताशो के साथ नारे लगाते हुए चयनित स्थल कर्बला तक पहुंचते हैं। ऐसे में उक्त जुलूस और सवारी में शांति व कानून व्यवस्था कायम रखवाने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा एक दिन पहले ही मुनादी करवाते हुए कहा गया कि मुहर्रम पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित चौकी धुलाई के जुलूस व सवारी के कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति धारधार हथियार, पेट्रोल व अन्य शक्ति प्रदर्शन से संबंधित वस्तु लेकर न जाए। यह पूर्णता प्रतिबंधित है अन्यथा उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुहर्रम पर्व का चांद नजर आने के बाद से ही मुस्लिम धर्मावलंबियों की मान्यताओं के अनुसार जहां नव वर्ष की शुरुआत होती है। वहीं, इस पर्व को शहीद इमाम हुसैन की शहादत के रूप में भी मनाया जाता है। उसमें ताजियों का निर्माण और नाल साहब की सवारी सहित कई कार्यक्रम शामिल हैं जो कि इस्लामिक तारीख के अनुसार बारी-बारी से आयोजित किए जाते हैं।
मुहर्रम-उल-हराम की इस्लामिक तारीख चांद नजर आने के पश्चात से ही शुरू हो जाती है। इसमें राजगढ़ में शुरुआत में ही चौकी धुलाई का कार्यक्रम, जिसके पश्चात इस्लामिक तारीख आठ व नौ को नाल साहब की सवारी का आयोजन किया जाता है। जो कि नेस मोहल्ले से शुरू होकर परायण चौक में स्थित इमाम बाड़े पर हाजिरी देकर वापस लौटती है। इसमें हजारों की संख्या में मुस्लिम युवा, बुजुर्ग व बच्चे शामिल होते हैं। वहीं, रात-भर अखाड़े और छबील आदि के आयोजन के बाद इस्लामिक 11 तारीख को शहर में बनाए गए ताजिए राजमहल प्रांगण में एक जगह एकात्रित किए जाते हैं। इसके बाद एक साथ ही कर्बला (चयनित स्थल) में ताजियों को विसर्जित कर दिया जाता है।
उक्त आयोजनों में शांति व कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए जिला प्रशासन ने किसी भी तरह के धारधार हथियार, पेट्रोल, स्प्रे व अन्य ज्वलनशील पदार्थ से शक्ति प्रदर्शन न करने को लेकर मुनादी करवाई है। ताकि किसी भी तरह की अराजकता व अशांति न फैले और शांति व कानून व्यवस्था कायम रखते हुए त्योहार का सफल आयोजन किया जाए। वहीं नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का हवाला भी दिया गया है।
कोतवाली थाना प्रभारी उमेश यादव ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार मुहर्रम का पर्व नगर में शांति व कानून व्यवस्था को कायम रखते हुए संपन्न कराया जाए। इसके लिए पुलिस की टीम आयोजित कार्यक्रमों में पूरी तरह से मुस्तैद रहेगी जो बारीकी से हर एक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखेगी। जिला व पुलिस प्रशासन की ओर से जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन न करते हुए अशांति फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
