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बघीरा एप: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बिना एप के संचालित हो रहे वाहन, HC ने गाइडलाइन का पालन करने दिए निर्देश
Wed, 09 Feb 2022 09:50 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 09 Feb 2022 09:50 AM IST
सार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में संचालित वाहनों में जीपीएस सिस्टम एप लगाने और गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में संचालित वाहनों में बघीरा एप को लगाने और गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बिना बघीरा एप के संचालित हो रही सफारी गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम एप लगाए जाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ और जस्टिस पुष्पेन्द्र कौरव की युगलपीठ ने याचिकाकर्ता को गाइडलाइन का पालन न होने पर दोबारा याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की है। वहीं,सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से पेश जवाब में बताया गया कि निर्धारित गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित रूप से किया जाएगा।
हाईकोर्ट में कमलेश यादव की तरफ से याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटक वाहन चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में संचालित वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिससे कोर व बफर एरिया में वाहनों की स्थिति पर नजर रखी जा सकते, साथ ही वाहनों के बीच निर्धारित दूर पर नजर रखी जाए। सुनवाई के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व में बघीरा एप के माध्यम से जीपीएस सिस्टम लागू कर दिया गया है, सिर्फ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में यह लागू नहीं किया गया है।
याचिका में कहा गया कि एपीओ ने जीपीएस के तहत बघीरा एप के लिए मोबाइल खरीदने सहित अन्य कार्यों के लिए 15 लाख का बजट स्वीकृत किया, लेकिन बजट न होने के कारण सरकार द्वारा एनटीसीए की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है, जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को गाइडलाइन का पालन न होने पर दोबारा याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की।
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हाईकोर्ट में कमलेश यादव की तरफ से याचिका दायर की गई थी, जिसमें कहा गया था कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पर्यटक वाहन चलाए जाते हैं। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने प्रदेश के सभी टाइगर रिजर्व में संचालित वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिससे कोर व बफर एरिया में वाहनों की स्थिति पर नजर रखी जा सकते, साथ ही वाहनों के बीच निर्धारित दूर पर नजर रखी जाए। सुनवाई के दौरान उन्होंने बताया कि प्रदेश के अन्य टाइगर रिजर्व में बघीरा एप के माध्यम से जीपीएस सिस्टम लागू कर दिया गया है, सिर्फ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में यह लागू नहीं किया गया है।
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याचिका में कहा गया कि एपीओ ने जीपीएस के तहत बघीरा एप के लिए मोबाइल खरीदने सहित अन्य कार्यों के लिए 15 लाख का बजट स्वीकृत किया, लेकिन बजट न होने के कारण सरकार द्वारा एनटीसीए की गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है, जिस पर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को गाइडलाइन का पालन न होने पर दोबारा याचिका दायर करने की स्वतंत्रता प्रदान की।
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