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विधानसभा चुनाव 2018: एनसीपी मध्यप्रदेश में 200 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, कांग्रेस को हो सकता है नुकसान

Sat, 13 Oct 2018 09:22 AM IST
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sat, 13 Oct 2018 09:22 AM IST
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assembly election 2018: Sharad Pawar announced NCP To Contest more than 200 seats in Madhya Pradesh
Sharad Pawar
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने घोषणा की है कि वह आगामी मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में 200 से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। कांग्रेस के लिए यह बुरी खबर हो सकती है, क्योंकि शरद पवार की अगुवाई वाली पार्टी ने पहले के चुनावों भी कुछ सीटों में कांग्रेस की जीत की संभावनाओं को नुकसान पहुंचाया था। 
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वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य राजेंद्र जैन और पार्टी के गुजरात इकाई के प्रवक्ता नकुल सिंह ने शुक्रवार को भोपाल में एनसीपी का घोषणापत्र जारी किया।
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दोनों नेताओं ने संवाददाताओं से कहा, "हम राज्य में समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करने की कोशिश कर रहे हैं। हम मध्यप्रदेश में कुल 230 सीटों में से 200 सीटों से ज्यादा पर चुनाव लड़ेंगे।"
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230 सदस्यीय मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 नवंबर को मतदान होंगे और वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी। 

जैन और सिंह ने कहा कि पार्टी किसानों के ऋण माफ करने के अलावा उन्हें मुफ्त पानी और बिजली मुहैया कराएगी। उन्होंने वादा किया, "पार्टी महिलाओं की सुरक्षा के लिए बाजार के इलाकों में मार्शल तैनात करेगी।"

एनसीपी के नेताओं ने दावा किया कि भाजपा के 15 सालों के शासन के कारण राज्य के लोगों को मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि एनसीपी युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने की दिशा में काम करेगा। 

एनसीपी ने पेट्रोल और डीजल को जीएसटी व्यवस्था के तहत लाने का भी वादा किया ताकि लोगों को ईंधन की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी से राहत मिल सके। 

2013 के विधानसभा चुनावों में एनसीपी ने मध्यप्रदेश में 72 सीटों पर चुनाव लड़ा था और राज्य भर में 0.3 प्रतिशत वोट हासिल किया था। जिन सीटों में पार्टी ने चुनाव लड़ा वहां उसका औसत वोट हिस्सा एक फीसदी से थोड़ा कम था। इसके सभी उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई थी। 

हालांकि ऐसा माना जाता है कि चार सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार एनसीपी की वजह से हार गए थे। इन चार सीटों पर कड़ी टक्कर हुई थी जिसमें भाजपा ने जितने मामूली वोटों से कांग्रेस को हराया,  उससे ज्यादा वोट एनसीपी को मिले थे। 

धार जिले के सरदारपुर निर्वाचन क्षेत्र में एनसीपी उम्मीदवार को 2200 से ज्यादा वोट मिले। कांग्रेस उम्मीदवार भाजपा से सिर्फ 529 वोटों के अंतर से हार गए।

सिवनी जिले के बारघाट निर्वाचन क्षेत्र में एनसीपी उम्मीदवार को 1692 वोट मिले। भाजपा यह सीट महज 269 वोटों के अंतर से जीती। 

पन्ना जिले की गुन्नौर सीट में एनसीपी ने 1384 वोट हासिल किए और कांग्रेस 1337 वोटों के अंतर से भाजपा से हार गई। 

इसी जिले में छतरपुर विधानसभा सीट में एनसीपी उम्मीदवार को 2251 वोट मिले। भाजपा ने 2217 वोटों के अंतर से कांग्रेस को हरा दिया। 

2008 के चुनावों में एनसीपी ने राज्य में केवल तीन सीटों पर चुनाव लड़ा और उनमें से दो में अपनी जमानत राशि गंवा दी। तीसरी सीट बुरहानपुर में पार्टी उम्मीदवार हामिद काजी कांग्रेस के समर्थन से दूसरे स्थान पर थे। 


मध्यप्रदेश में पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन 2003 में था जब काजी बुरहानपुर से जीते थे और पार्टी को छह अन्य सीटों में एक सम्मानजनक वोट मिला - सेंधवा (21.4 फीसदी), दतिया (16.4 फीसदी), लांजी (12.7 फीसदी), वारासिवनी (12.6 फीसदी), महिदपुर (12.3 फीसदी) और भिकानगांव (10.6 फीसदी)। 
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