Sheopur: कूनो नेशनल पार्क से फरार हुई मादा चीता आशा, पीछा कर रही ट्रैकिंग टीम, मुदारिया में भी घूमता दिखा बाघ
कूनो नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर घूम रही मादा चीता आशा। उसकी निगरानी के लिए कूनो की एक टीम 12-12 घंटे की शिफ्ट में गाड़ी के साथ मौजूद है। पार्क के अधिकारियों की मानें तो वह धीमे-धीमे आगे बढ़कर माधव नेशनल पार्क पहुंच चुकी है।
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कूनो नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर मादा आशा चीता शिवपुरी माधव राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश कर गई। उसकी लोकेशन शिवपुरी के वन रेंज में मिली है। आशा काफी समय तक पेड़ की छांव में आराम करती नजर आई।
आशा के पहले पवन भी बार-बार कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल कर ग्रामीण इलाकों में पहुंच जाता था। पवन ने भी कई दिनों शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में अपना डेरा जमाया हुआ था। वन विभाग ने परेशानियों से बचने और चीते की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नर चीते पवन को अभी भी बड़े बाड़े में कैद किया हुआ है। आशा की निगरानी के लिए कूनो की एक टीम 12-12 घंटे की शिफ्ट में गाड़ी के साथ मौजूद है। ट्रैकिंग टीम भी आशा के पीछे ही चल रही है। उनकी मदद के लिए माधव राष्ट्रीय उद्यान की एक टीम भी वहां सुबह से मौजूद है।
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विज्ञापन विज्ञापन— Amar Ujala (@AmarUjalaNews) June 2, 2023
नर चीता पवन की तुलना में आशा कम दूरी तय कर रही है और आराम अधिक कर रही है, जबकि पवन ने पांच दिन में ही 100 किमी से अधिक दूरी तय कर ली थी। उसने सुरवाया क्षेत्र में ग्रामीणों के मवेशी का भी शिकार किया था। पार्क के अधिकारियों की मानें तो आशा का स्वभाव थोड़ा शांत है और वह धीमे-धीमे आगे बढ़कर माधव नेशनल पार्क पहुंच चुकी है। ज्यादातर चीता रात में ही चलते हैं। दिन में वह ठंडी या आरामदायक जगह देखकर अपना समय व्यतीत करते हैं।
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उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं आसपास के क्षेत्र में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भीषण गर्मी को देखते हुए बाघ पानी की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। कई बार तो बाघ तो रहवासी क्षेत्र में भी भोजन और पानी की तलाश में चले आते हैं। दरअसल टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगे हुए घुनघुटी के जंगलों में लगातार बाघ की चहलकदमी सुनाई पड़ती है। आज दोपहर रेलवे कर्मचारियों ने बाघ को घूमते देखा तो उसका वीडियो बना लिया। दरअसल रेलवे की तीसरी लाइन का निर्माण का काम चल रहा है, जिसके निर्माण कई रेलवे अधिकृत जमीन में दर्जनों मजदूर काम कर रहे हैं। निर्माणाधीन तीसरी लाइन के पास आज लोगों ने बाघ को देखा, जिसके बाद लोगों के लिए कैतूहल का विषय बना है।
