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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Asha, the female cheetah escaped again from Sheopur's Kuno National Park

Sheopur: कूनो नेशनल पार्क से फरार हुई मादा चीता आशा, पीछा कर रही ट्रैकिंग टीम, मुदारिया में भी घूमता दिखा बाघ

Fri, 02 Jun 2023 09:16 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Fri, 02 Jun 2023 09:16 PM IST
सार

कूनो नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर घूम रही मादा चीता आशा। उसकी निगरानी के लिए कूनो की एक टीम 12-12 घंटे की शिफ्ट में गाड़ी के साथ मौजूद है। पार्क के अधिकारियों की मानें तो वह धीमे-धीमे आगे बढ़कर माधव नेशनल पार्क पहुंच चुकी है।

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Asha, the female cheetah escaped again from Sheopur's Kuno National Park
कूनो नेशनल पार्क बाहर मादा चीता आशा। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

कूनो नेशनल पार्क की सीमा से निकलकर मादा आशा चीता शिवपुरी माधव राष्ट्रीय उद्यान में प्रवेश कर गई। उसकी लोकेशन शिवपुरी के वन रेंज में मिली है। आशा काफी समय तक पेड़ की छांव में आराम करती नजर आई।

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आशा के पहले पवन भी बार-बार कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकल कर ग्रामीण इलाकों में पहुंच जाता था। पवन ने भी कई दिनों शिवपुरी के माधव नेशनल पार्क में अपना डेरा जमाया हुआ था। वन विभाग ने परेशानियों से बचने और चीते की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नर चीते पवन को अभी भी बड़े बाड़े में कैद किया हुआ है। आशा की निगरानी के लिए कूनो की एक टीम 12-12 घंटे की शिफ्ट में गाड़ी के साथ मौजूद है। ट्रैकिंग टीम भी आशा के पीछे ही चल रही है। उनकी मदद के लिए माधव राष्ट्रीय उद्यान की एक टीम भी वहां सुबह से मौजूद है।
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नर चीता पवन की तुलना में आशा कम दूरी तय कर रही है और आराम अधिक कर रही है, जबकि पवन ने पांच दिन में ही 100 किमी से अधिक दूरी तय कर ली थी। उसने सुरवाया क्षेत्र में ग्रामीणों के मवेशी का भी शिकार किया था। पार्क के अधिकारियों की मानें तो आशा का स्वभाव थोड़ा शांत है और वह धीमे-धीमे आगे बढ़कर माधव नेशनल पार्क पहुंच चुकी है। ज्यादातर चीता रात में ही चलते हैं। दिन में वह ठंडी या आरामदायक जगह देखकर अपना समय व्यतीत करते हैं।
 

Asha, the female cheetah escaped again from Sheopur's Kuno National Park
रेलवे के निर्माणधीन क्षेत्र में घूमता दिखा बाघ। - फोटो : Amar Ujala Digital
पानी की तलाश में भटका बाघ पहुंचा मुदारिया




उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एवं आसपास के क्षेत्र में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भीषण गर्मी को देखते हुए बाघ पानी की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। कई बार तो बाघ तो रहवासी क्षेत्र में भी भोजन और पानी की तलाश में चले आते हैं। दरअसल टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगे हुए घुनघुटी के जंगलों में लगातार बाघ की चहलकदमी सुनाई पड़ती है। आज दोपहर रेलवे कर्मचारियों ने बाघ को घूमते देखा तो उसका वीडियो बना लिया। दरअसल रेलवे की तीसरी लाइन का निर्माण का काम चल रहा है, जिसके निर्माण कई रेलवे अधिकृत जमीन में दर्जनों मजदूर काम कर रहे हैं। निर्माणाधीन तीसरी लाइन के पास आज लोगों ने बाघ को देखा, जिसके बाद लोगों के लिए कैतूहल का विषय बना है।
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