{"_id":"62f7894e63019d12d52da609","slug":"after-the-fire-accident-in-jabalpur-hospital-administration-issued-notice-to-108-hospitals","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jabalpur: हॉस्पिटल में आग से हुए हादसे के बाद जागा प्रशासन, 108 अस्पताल को नोटिस, 28 के लाइसेंस किए निरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jabalpur: हॉस्पिटल में आग से हुए हादसे के बाद जागा प्रशासन, 108 अस्पताल को नोटिस, 28 के लाइसेंस किए निरस्त
Sat, 13 Aug 2022 04:51 PM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 13 Aug 2022 04:51 PM IST
सार
जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में आग लगने बड़ा हादसा हुआ था। जिसके बाद अस्पतालों में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच के आदेश सरकार की तरफ से किए गए थे।
विज्ञापन
न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में आग की फोटो।
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जबलपुर के न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में हुए हादसे की घटना के बाद जिला प्रशासन निजी अस्पतालों में फायर, इलेक्ट्रिकल और बिल्डिंग रूल्स को लेकर सख्त हो गया है। प्रोविजनल फायर एनओसी लैप्स होने जाने के कारण 28 अस्पतालों के लाईसेंस निरस्त किए गए है। अनियमिताएं पाने जाने वाले अस्पतालों को नोटिस जारी करते हुए कमियों को दूर करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
बता दें कि न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में 2 अगस्त को आग लग गई थी। जिसमें 8 की मौत हो गई और 12 से अधिक झुलस गए थे। हादसे के बाद अलर्ट हुई सरकार ने निजी अस्पतालों की जांच के आदेश किए गए। एडीएम सोनिला सिडाना ने बताया कि 3 अगस्त को प्रदेश सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर प्रोविजनल फायर एनओसी की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। निजी अस्पतालों में एक सितंबर से पहले तीन साल के लिए टेम्पररी फायर एनओसी लेने आवश्यक किया। प्रोविजनल फायर एनओसी व्यवस्था लागू होने की वजह से 59 अस्पतालों को एक माह में टेम्पररी फायर एनओसी लेने नोटिस जारी किए गए है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल ऑडिट व बिल्डिग रूल्स का पालन नहीं करने के कारण अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में फायर, इलेक्ट्रिकल तथा बिल्डिंग रूल्स की जांच जारी है। इसके बाद अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों की योग्यता के संबंध में जांच की जाएगी। अधिकांश अस्पतालों में अयोग्य कर्मचारियों व डॉक्टरों द्वारा उपचार किए जाने की शिकायत मिली है। सीएचएमओ और प्रदेश सरकार की तरफ से हादसे की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम के सदस्य डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्टिपल का निरीक्षण कर लाइसेंस देने की सिफारिश करने वाले तीन सदस्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सोनाग्राफी के लिए पीसीपीएनटी, एक्स-रे के लिए एईआरबी लाइसेंस, लिफ्ट लाइसेंस फायर एनओसी समेत अन्य निर्धारित मापदंड का पालन नहीं करने पर 108 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए है। साथ ही उन्हें मापदंड पूरा करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में 2 अगस्त को आग लग गई थी। जिसमें 8 की मौत हो गई और 12 से अधिक झुलस गए थे। हादसे के बाद अलर्ट हुई सरकार ने निजी अस्पतालों की जांच के आदेश किए गए। एडीएम सोनिला सिडाना ने बताया कि 3 अगस्त को प्रदेश सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर प्रोविजनल फायर एनओसी की व्यवस्था को खत्म कर दिया गया। निजी अस्पतालों में एक सितंबर से पहले तीन साल के लिए टेम्पररी फायर एनओसी लेने आवश्यक किया। प्रोविजनल फायर एनओसी व्यवस्था लागू होने की वजह से 59 अस्पतालों को एक माह में टेम्पररी फायर एनओसी लेने नोटिस जारी किए गए है। इसके अलावा इलेक्ट्रिकल ऑडिट व बिल्डिग रूल्स का पालन नहीं करने के कारण अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में फायर, इलेक्ट्रिकल तथा बिल्डिंग रूल्स की जांच जारी है। इसके बाद अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों की योग्यता के संबंध में जांच की जाएगी। अधिकांश अस्पतालों में अयोग्य कर्मचारियों व डॉक्टरों द्वारा उपचार किए जाने की शिकायत मिली है। सीएचएमओ और प्रदेश सरकार की तरफ से हादसे की जांच के लिए गठित चार सदस्यीय टीम के सदस्य डॉ. संजय मिश्रा ने बताया कि न्यू लाइफ मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्टिपल का निरीक्षण कर लाइसेंस देने की सिफारिश करने वाले तीन सदस्यों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सोनाग्राफी के लिए पीसीपीएनटी, एक्स-रे के लिए एईआरबी लाइसेंस, लिफ्ट लाइसेंस फायर एनओसी समेत अन्य निर्धारित मापदंड का पालन नहीं करने पर 108 निजी अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए है। साथ ही उन्हें मापदंड पूरा करने के लिए एक माह का समय दिया गया है।
विज्ञापन
