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भाईचारा: गुजरात से यूपी जा रहे मजदूर की मौत, याकूब ने आखिरी समय तक नहीं छोड़ा दोस्त अमृत का साथ
Sun, 17 May 2020 12:37 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आसिम खान
Updated Sun, 17 May 2020 12:37 PM IST
सार
- मुस्लिम दोस्त ने पेश की भाईचारे की मिसाल
- बीमार दोस्त के ट्रक से रास्ते में ही उतरा
- मुस्लिम युवक ने अस्पताल में कराया भर्ती
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अपने दोस्त को गोद में लिए मुस्लिम युवक
- फोटो : Twitter
विस्तार
मध्यप्रदेश में एक युवक ने हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की है। शुक्रवार देर शाम कुछ मजदूर गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के बस्ती के लिए ट्रक से लौट रहे थे। जब ट्रक मध्यप्रदेश के शिवपुरी पहुंचा तो ट्रक में मौजूद एक मजदूर अमृत कुमार की हालत अचानक बिगड़ गई। जब हालत ज्यादा खराब हुई तो ट्रक में मौजूद अन्य सवारियों ने युवक का विरोध शुरू कर दिया।
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दूसरी सवारियों के विरोध के बाद शनिवार की शाम को युवक को सड़क किनारे उतार दिया गया। अमृत का दोस्त मोहम्मद कयूब भी उसके साथ ही उतर गया। कयूब अमृत का सिर गोदी में रख सड़क किनारे बैठ गया और लोगों से मदद की गुहार लगाने लगा। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने उसको रोता देख एम्बुलेंस बुलाई और दोनों को अस्पताल भेजा।
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हालत ज्यादा गंभीर होने की वजह से युवक को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है। जिला अस्पताल में मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। युवक की गंभीर हालत देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत वेंटीलेटर रखा था लेकिन वो बच नहीं सका। पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचित कर दिया है।
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कोरोना वायरस जांच के लिए नमूना लेने के बाद शव को शवगृह में रख दिया गया है। अमृत कुमार के साथ जिला अस्पताल में मौजूद मोहम्मद कयूब ने बताया कि हम दोनों गुजरात के सूरत स्थित फैक्ट्री में मशीन से कपड़ा बुनने का काम करते थे। लॉकडाउन के कारण फैक्ट्री बंद हो गई। सूरत से ट्रक में 4-4 हजार रुपये किराया देकर नासिक और इंदौर होते हुए कानपुर लौट रहे थे।
उसने बताया कि सफर के दौरान अचानक हालत बिगड़ गई। अमृत को तेज बुखार आया और उल्टी जैसी स्थित बनने लगी। ट्रक में बैठे 55-60 लोग विरोध करने लगे और अमृत को उतारने की जिद करने लगे। अमृत का ख्याल रखने के लिए मैं भी उतर गया।
