विज्ञापन

पैसे के अभाव में जेल की सजा काट रहे 14 कैदियों के लिए भगवान बना 14 साल का आयुष किशोर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Sat, 11 Aug 2018 09:39 AM IST
14 year old Ayush Kishore become lifeline for 14 Prisoners and helped them in returning home
विज्ञापन
ख़बर सुनें
दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले आयुष किशोर ने ऐसा कारनामा किया है जिससे सभी को उसपर गर्व होगा। वह उन कैदियों के लिए लाइफलाइन बन गया जिनकी सजा पूरी हो चुकी है लेकिन जुर्माना ना दे पाने की वजह से वह जेल की कोलकोठरी में रहने को मजबूर हैं। इस साल अपना 14वां जन्मदिन मना रहे आयुष ने निर्णय लिया है कि वह स्वतंत्रता दिवस पर 14 कैदियों की रिहाई करवाएगा। इसके लिए उसने उनके 27,850 रुपए का जुर्माना भर दिया है। 12 कैदी इंदौर जेल में जबकि 2 भोपाल में हैं। सभी हत्या के दोषी हैं।
विज्ञापन
इस साल गणतंत्र दिवस के मौके पर उसने ऐसे ही चार कैदियों की रिहाई करवाई थी जो अपनी सजा पूरी कर चुके थे। आयुष को एकेडमी में असाधारण उपलब्धि के लिए साल 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला था। ऑलराउंडर होने की वजह से उसे अपने स्कूल से कई छात्रवृत्ति मिली हैं। उसने कई राष्ट्रीय और अतंर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीता है।

अक्टूबर 2016 में हुए भोपाल जेलब्रेक ने आयुष की जिंदगी बदल दी थी। उन्होंने बताया, 'सिमी जेलब्रेक के दौरान एक कांस्टेबल को मार दिया गया था और कुछ दिनों बाद उनकी बेटी की शादी थी। मैं उनके परिवार की मदद करना चाहता था इसलिए मैंने अपनी मां से कहा कि मुझे मिली ईनाम की राशि 10,000 रुपए को उनकी शादी के लिए दान कर दें। बाद में मुझे पता चला कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनकी मदद की है। लोगों की मदद करने में मेरी दिलचस्पी को देखते हुए मेरी मां ने सुझाव दिया कि मैं अपनी ईनाम में मिली राशि को उन कैदियों को दान कर दूं जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं लेकिन अतिरिक्त सजा भुगत रहे हैं क्योंकि उनके पास जुर्माने की रकम अदा करने के पैसे नहीं हैं।'

आयुष ने आगे कहा, 'इस साल जनवरी में चार कैदियों की रिहाई करवाने के बाद मिली खुशी को मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं। वह अपने परिवार से मिलकर काफी खुश थे। उनकी खुशी ने मुझे प्रेरित करने का काम किया। मैंने फैसला किया कि मैं और कैदियों की मदद करुंगा। मैं एक कैदी से मिला जिसने दो साल पहले ही अपनी सजा पूरी कर ली थी लेकिन वह अब भी जेल में था। उसे देखकर मैंने निर्णय लिया कि मैं जितनों की मदद कर सकता हूं करुंगा। बहुत से लोगों का जुर्माना 6000 रुपए था।'

आयुष की मां विनीता मालवीय प्लानिंग ब्रांच में असिस्टेंट आईजी हैं। उन्होंने कहा, 'आयुष पढ़ाई में काफी अच्छा है। अलोहा इंटरनेशनल एरिथमैटिक प्रतियोगिता जीतने की वजह से उसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज है। जब उसने सिमी जेलब्रेक में शहीद हुए कांस्टेबल की बेटी की शादी में मदद करने में दिलचस्पी दिखाई तो मैं उसके लोगों की मदद करने के जज्बे को खत्म नहीं होने देना चाहती थी। इसलिए मैंने उसे कैदियों की रिहाई का सुझाव दिया। चार कैदियों की रिहाई करवाने के बाद उसे औरों की मदद करने की प्रेरणा मिली।'

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Madhya Pradesh

दिग्विजय सिंह ने कहा- मेरे भाषण से तो कांग्रेस के वोट कटते हैं, तो शिवराज सिंह चौहान ने ली चुटकी

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सियासी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। जिससे प्रदेश का राजनीतिक पारा बढ़ना तय है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के शनिवार को दिए चर्चित बयान पर कहा कि उन्हें बयान का संदर्भ नहीं मालूम।

16 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: जब राहुल गांधी ने की पीएम मोदी की मिमिक्री

मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुरैना की एक रैली में पीएम नरेंद्र मोदी जमकर निशाना साधा।

16 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree