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6 साल में 13 फर्जी बम: यूपी-एमपी में फर्जी बम लगाने के मामले में इंजीनियर, वकील समेत 3 गिरफ्तार
Fri, 04 Feb 2022 05:19 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 04 Feb 2022 05:19 PM IST
सार
मध्य प्रदेश पुलिस ने एक गैंग को पकड़ा है, जो फर्जी बम लगाते थे। गैंग में इंजीनियर और वकील समेत 3 लोग हैं। आरोपियों ने 6 साल में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में 13 बम जैसे डिवाइस प्लांट किए थे।
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रीवा में पुलिस अधिकारी फर्जी बम लगाने वालों के बारे में जानकारी देते हुए।
- फोटो : social media
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विस्तार
मध्य प्रदेश पुलिस ने पिछले कुछ महीनों से रेलवे स्टेशनों और हाईवे के पुलों के पास फर्जी बम लगाने वाले गैंग को पकड़ा है। जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें एक वकील और एक इजीनियर शामिल है। इन लोगों ने पिछले महीने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धमकी वाला पत्र लिखा था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। पिछले कुछ हफ्तों से रीवा में अलग-अलग जगहों पर बम रखने की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने जिन तीन को गिरफ्तार किया है, उनके नाम अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। इन पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पत्रकारों से बातचीत में रीवा के एसपी नवनीत भसीन ने कहा कि पिछले छह साल में इस गैंग ने ट्रेन और हाईवे पर 13 डमी बम प्लांट किए हैं। इनके निशाने पर सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश भी था। यह डिवाइस बम जैसे लगते जरूर है, लेकिन है नहीं। मध्य प्रदेश पुलिस की टीम ने हाईवे के सर्विलांस कैमरे, टोलबूथ पर लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य इनपुट्स के आधार पर आरोपियों की गैंग को पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, मदर बोर्ड, प्लास्टिक पाइप, मोबाइल और वायर के साथ ही बम जैसे दिखने वाले डिवाइस भी बरामद किए हैं। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर इन बम जैसे डिवाइस के साथ एक पत्र भी बरामद किया है, जिसमें योगी आदित्यनाथ को धमकाया गया था। पुलिस हाथ से लिखे पत्र का सत्यापन कर रही है। रीवा में गणतंत्र दिवस पर भी पुलिस को ऐसे ही एक फर्जी बम ने परेशान किया था।
भ्रष्टाचार के मुद्दे को सामने लाना चाहते थे
एसपी भसीन के मुताबिक गैंग का मास्टरमाइंड एक मैकेनिकल इंजीनियर है, जो प्रयागराज का रहने वाला है। मिरगी होने पर 2015 में उसकी नौकरी छूट गई थी। अन्य आरोपियों में एक एलएलबी ग्रेजुएट है और तीसरा आरोपी मेरठ से है। शुरुआती जांच बताती है कि आरोपी भ्रष्टाचार और अन्य बुराइयों को लेकर ध्यान खींचना चाहते थे। उन्हें लग रहा था कि फर्जी बम प्लांट करने से उनकी आवाज को सुना जाएगा।
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13 डमी बम लगाने की पुष्टि
पुलिस के मुताबिक पिछले छह वर्षों में आरोपियों ने रेलवे स्टेशनों, हाईवे पर 13 बम प्लांट किए हैं। पहली बार 28 जनवरी 2016 को महानगरी एक्सप्रेस में बम जैसा डिवाइस प्लांट किया था। इसके बाद उसी साल फरवरी और मार्च में उत्तर प्रदेश के मेजा रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही एक फर्जी बम मिला था। इस तरह का एक और डिवाइस मार्च-2017 में उत्तर प्रदेश में संगम एक्सप्रेस ट्रेन में मिला था। पिछले महीने भी कुछ इसी तरह के फर्जी बम मिले थे।
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पत्रकारों से बातचीत में रीवा के एसपी नवनीत भसीन ने कहा कि पिछले छह साल में इस गैंग ने ट्रेन और हाईवे पर 13 डमी बम प्लांट किए हैं। इनके निशाने पर सिर्फ मध्य प्रदेश नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश भी था। यह डिवाइस बम जैसे लगते जरूर है, लेकिन है नहीं। मध्य प्रदेश पुलिस की टीम ने हाईवे के सर्विलांस कैमरे, टोलबूथ पर लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य इनपुट्स के आधार पर आरोपियों की गैंग को पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, मदर बोर्ड, प्लास्टिक पाइप, मोबाइल और वायर के साथ ही बम जैसे दिखने वाले डिवाइस भी बरामद किए हैं। पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर इन बम जैसे डिवाइस के साथ एक पत्र भी बरामद किया है, जिसमें योगी आदित्यनाथ को धमकाया गया था। पुलिस हाथ से लिखे पत्र का सत्यापन कर रही है। रीवा में गणतंत्र दिवस पर भी पुलिस को ऐसे ही एक फर्जी बम ने परेशान किया था।
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भ्रष्टाचार के मुद्दे को सामने लाना चाहते थे
एसपी भसीन के मुताबिक गैंग का मास्टरमाइंड एक मैकेनिकल इंजीनियर है, जो प्रयागराज का रहने वाला है। मिरगी होने पर 2015 में उसकी नौकरी छूट गई थी। अन्य आरोपियों में एक एलएलबी ग्रेजुएट है और तीसरा आरोपी मेरठ से है। शुरुआती जांच बताती है कि आरोपी भ्रष्टाचार और अन्य बुराइयों को लेकर ध्यान खींचना चाहते थे। उन्हें लग रहा था कि फर्जी बम प्लांट करने से उनकी आवाज को सुना जाएगा।
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13 डमी बम लगाने की पुष्टि
पुलिस के मुताबिक पिछले छह वर्षों में आरोपियों ने रेलवे स्टेशनों, हाईवे पर 13 बम प्लांट किए हैं। पहली बार 28 जनवरी 2016 को महानगरी एक्सप्रेस में बम जैसा डिवाइस प्लांट किया था। इसके बाद उसी साल फरवरी और मार्च में उत्तर प्रदेश के मेजा रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही एक फर्जी बम मिला था। इस तरह का एक और डिवाइस मार्च-2017 में उत्तर प्रदेश में संगम एक्सप्रेस ट्रेन में मिला था। पिछले महीने भी कुछ इसी तरह के फर्जी बम मिले थे।
