फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   1,500-year-old temples discovered in MP

एमपी में मिला 1500 साल पुराने मंदिरों का 'खजाना'

Thu, 25 Jun 2015 09:50 AM IST
Updated Thu, 25 Jun 2015 09:50 AM IST
विज्ञापन
1,500-year-old temples discovered in MP

मध्यप्रदेश में एक प्राचीन विरासत का पता चला है। राजधानी भोपाल से 480 किलोमीटर दूर सतना जिले के मैहर की कैमूर पहाड़ियों में लगभग 1500 साल पुराने मंदिरों का पता चला है, जिनके अस्तित्व प्रदेश के पुरात्तव विभाग ने खोज निकाले हैं।

विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार गुप्त कालीन यह मंदिर चौथी से पांचवी शताब्दी के बीच का है। इसके साथ ही यहां एक अत्यंत प्राचीन संस्कृति के निशान मिलने की संभावना जग गई है।
विज्ञापन


अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कैमूर की पहाड़ियों में दो शिव मंदिरों के अलावा दो घरों के अस्तित्वों का पता चला है। पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय विभाग के आयुक्त अजातशत्रु ने बताया कि मनोरा गांव के छह टीलों की खुदाई में इनका पता चला है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैमूर की पहाड़ियों में 99 जगह हुई ‌थी खुदाई

1,500-year-old temples discovered in MP

सतना जिले से 50 किलोमीटर दूर स्थित मनोरा गांव में पुरातत्वविदों ने खुदाई के लिए कुल 99 बिंदू चयनित किए थे। उन्होंने बताया कि खुदाई का यह कार्य पुणे स्थित डेक्कन कालेज के पुरातत्वविद प्रमोद दंतवाते की मदद से चला। उत्तर और मध्य भारत में गुप्त वंश 320 से 550 ईस्वी के बीच अपने चरम पर था।

इस दौरान पूर्व में राज्य के उदय गिरी और विदिशा जिले में गुप्त वंशकालीन मं‌दिरों के काफी अवशेष मिले हैं। इसके अलावा राइसैन के सांची, पन्ना जिले के नाचना और सतना के भूमरा में प्राचीन सभ्यता की विश्व विरासत का पता चलता रहा है।

हाल में कैमूर की पहाड़ियों पर मिले मंदिरों के ये अवशेष भी उस महान सभ्यता का हिस्सा हैं। खुदाई टीम का नेतृत्व करने वाले उत्‍खनन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डीके माथुर बताते हैं कि मनोरा गांव में लगभग दो महीने की खुदाई के बाद इस विरासत का पता चला।

दो शिवमंदिरों के अलावा दो घरों के होने के संकेत

1,500-year-old temples discovered in MP

जिनके गुप्त कालीन होने के संकेत मिल रहे हैं। यहां मिली प्राचीन मूर्तियों में बनाए गए भगवानों के घुंघराले बाल, बड़ी ढाला ईंटों, लाल मिट्टी के बर्तनों, पत्‍थर और लोहे से बने घरों और विभिन्न बर्तनों से इसके गुप्त कालीन विरासत का होने के संकेत मिलते हैं।

इसके अलावा जिन खास चीजों का पता चला है उनमें विशेष डिजाइन वाले सीतू शिवलिंग भी शामिल है। माथुर बताते हैं कि उत्‍खनन में मिले अवशेषों से पता चलता है कि मंदिर चाकौर आकार का रहा होगा और पूरी संरचना अष्टकोणीय रही होगी।

जबकि इसकी बाउंड्री गोलाकार रही होगी। इसके अलावा यहां पानी की निकासी की भी विशेष व्यवस्‍था का पता चला है। वैसे इस क्षेत्र को तलैया का टीला नाम से भी जाना जता है।

खुदाई में मिला लोहे का काफी सामान

1,500-year-old temples discovered in MP

इसके अलावा लोहे के नाखूनों और मंदिर में लोहे की कई अन्य चीजें भी मिली हैं। वहीं पत्‍थर के बने दो साधार आलों का मिलना भी इसके गुप्त कालीन होने की ओर इशारा करता है।

इसके अलावा लोहे के भाले, तीर, लोहदंड, बड़ा चम्मच, पत्थर पीसने के औजार भी खुदाई मिले। जबकि आटा पीसने के औजार, अभ्रक मिश्रित मिट्टी के बर्तनों, पत्थर के गहने के कुछ हिस्से भी मंदिर के दूसरे क्षेत्र में बहुतायत में पाए गए।

खुदाई में जुटे एक अधिकारी ने बताया कि 99 जगहों पर की गई खुदाई में इन सब चीजों का पता चला है। इसके साथ ही विभाग ने भारतीय पुरात्व सर्वेक्षण विभाग को इस क्षेत्र में और खुदाई शुरू करने के लिए आग्रह भेज दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed