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अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर युवाओं-बच्चों ने लगाई क्लास, मंत्री-विधायकों से मांगे जवाब

Fri, 20 Nov 2020 10:29 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 20 Nov 2020 10:29 PM IST
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Zindagi Master Class on International Children's day.
यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक व बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी। - फोटो : amar ujala

उत्तर प्रदेश के दूर किसी गांव में रहने वाली कक्षा नौ की बच्ची हो या फिर राजधानी लखनऊ में रहने वाले युवा, सभी की नजरें बदलते हालात पर हैं। ये आने वाले कल को न सिर्फ अपने लिए, बल्कि अपने संगी-साथियों और वंचित लोगों के लिए भी बेहतर बनाने में जुटे हैं। यह सुखद संकेत देखने को मिला शुक्रवार को अमर उजाला व यूनिसेफ जिंदगी मास्टर क्लास सीजन-2 वेबिनार के दौरान।

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अंतरराष्ट्रीय बाल दिवस पर इस विशेष आयोजन में प्रदेश सरकार के मंत्रियों व विधायकों की मौजूदगी में बच्चों ने अपने हक की बात रखी और युवा उनकी आवाज बने। सही मायने में यह युवाओं और बच्चों की क्लास थी। इसमें उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक, बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी, तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह मौजूद थे। मल्लावां (हरदोई) के विधायक आशीष सिंह आशू और राठ की विधायक मनीषा अनुरागी भी उपस्थित थे। छोटी सी उम्र में इतने गंभीर सवालों को सुनकर मंत्री-विधायक दंग थे। जवाब के साथ-साथ उन्होंने शाबाशी भी दी।
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हर विद्यालय को टैबलेट व इंटरनेट कनेक्टिविटी हमारा वादा है
गाजीपुर की हर्षिता ने पूछा- इंटरनेट की सुविधा न होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। लखनऊ के एक स्लम में वंचित तबके के बच्चों के साथ मौजूद युवा दुर्गेश त्रिपाठी ने भी इस समस्या की ओर ध्यान दिलाया। बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ. सतीश चंद्र द्विवेदी ने इस मुद्दे पर बात रखने के लिए हर्षिता को शाबाशी दी।
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उन्होंने कहा कि कल्पना भी नहीं की थी 1.5 लाख से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा सुलभ कराने के लिए काम कर रहे हैं। शुरुआत में हम लोगों ने इसकी दिक्कत महसूस की थी, इसीलिए दूरदर्शन की मदद से बच्चों की शिक्षा का प्रबंध किया है। आने वाले दिनों में हर विद्यालय को एक टैबलेट दिया जाएगा और इंटरनेट कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। पंचायत भवन को फाइबर ऑप्टिकल से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सभी स्कूलों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा।

बेटियों को हर हाल में देंगे सुरक्षित प्रदेश

बरेली की सोनम शुक्ला ने कानून मंत्री बृजेश पाठक से पूछा कि इतने कानूनों के बावजूद महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं, बढ़ रहे हैं। इनका अनुपालन कैसे सुनिश्चित कराएंगे। वहीं लखनऊ की संस्कृति ने कहा कि लॉकडाउन में बाल विवाह, बाल यौन शोषण, घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ी हैं, सरकार इन पर क्या एक्शन लेगी।

कानून मंत्री ने सोनम के गुस्से को जायज बताया और कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सजग और सतर्क है। मिशन शक्ति जैसे कदम उठाना इसी कड़ी का अहम हिस्सा है। हर अपराधी को सजा मिलेगी। अपराध न हो, इस पर प्रदेश सरकार का फोकस है। उत्तर प्रदेश की हर बेटी खुद को सुरक्षित महसूस करेगी, ऐसा प्रदेश देने के लिए सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे। बेटिया निश्चिंत रहें। उन्होंने यह भी कहा कि घर के भीतर हो रहे अपराध के खिलाफ बेटियों को साहस दिखाना होगा, प्रदेश का कानून उनके साथ है।

युवा डॉक्टरों को भी मिलेगी भरपूर नौकरी
डॉ. निमिषा बुधवार ने तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह से पूछा कि जिस अनुपात में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज, डेंटल कॉलेज खोले जा रहे हैं, उसी अनुपात में डेंटल सर्जन के लिए नौकरियां क्यों नहीं हैं। वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र आदित्य पांडेय और अलीगढ़ के युवा शशांक ने पूछा कि तकनीकी में रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर युवा कैसे बढ़ें।

इस पर राज्यमंत्री ने कहा कि देश डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है, इसे पूरा करने के लिए एकमात्र रास्ता नए मेडिकल-डेंटल कॉलेज खोलना है। नौ मेडिकल कॉलेज संचालित किए गए हैं, 14 और मेडिकल कॉलेज पर काम चल रहा है। हर मेडिकल कॉलेज में बड़ी संख्या में स्थायी व संविदा पर डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की जरूरत होगी। नौकरियां भी मिलेंगी और डॉक्टरों की जो कमी है, वह भी दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके अलावा तकनीकी शिक्षा में काफी संभावनाएं हैं। 

महिलाएं राजनीति में आएं, प्रदेश में अनुकूल माहौल

लखनऊ की शताक्षी सिंह ने राठ की विधायक मनीषा अनुरागी से पूछा कि राजनीति में महिलाओं की संख्या कैसे बढ़ेगी। वहीं मेरठ से शिफा का सवाल था कि अल्पसंख्यक स्टूडेंट्स, खासकर लड़कियों के लिए क्या-क्या योजनाएं हैं? इस पर विधायक ने कहा, महिलाओं को लगता है कि उनके लिए माहौल सही नहीं, इसलिए वह राजनीति से खुद को दूर रखती हैं।

मैं प्रदेश की महिलाओं को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि प्रदेश में महिलाओं के लिए बेहतर अवसर हैं, अनुकूल माहौल है। 2017 के चुनाव में करीब दस प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी इसका प्रमाण है। सुरक्षित राजनीतिक माहौल में महिलाओं को सरकार का, जनता का पूरा सहयोग है, बस फैसला महिलाओं को करना है और आगे बढ़कर फैसला लेना है। हमारी सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान भी चला रही है।

शिक्षा व रोजगार के ढेरों अवसर अभी मिलेंगे, परेशान न हों युवा
प्रयागराज के रामबाबू ने मल्लावां (हरदोई) के विधायक आशीष सिंह आशू से पूछा कि कोविड के दौर में युवा जबरदस्त मानसिक तनाव में हैं। शिक्षा व रोजगार की चुनौतियों से वे जूझ रहे हैं। इस पर विधायक ने कहा कि यह समस्या किसी एक की या हमारी और आपकी ही नहीं है। पूरा देश और पूरा विश्व संक्रमणकालीन दौर में है। ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे तन-मन-धन से लगे हैं।

स्टार्ट अप, एमएसएमई के जरिए रोजगार के अवसर हों या फिर ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था करनी हो, यह सब युवाओं और बच्चों के सुनहरे भविष्य को बेहतर बनाने के लिए है। सरकार हर युवा के साथ है। यह कठिन वक्त निकल जाएगा।

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