जिपं अध्यक्ष : 67 जिलों में भाजपा ने फहराया परचम, अवध में सभी जिलों में भाजपा जीती, एक नजर सभी सीटों पर...
भारतीय जनता पार्टी बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती में निर्विरोध जीत चुकी है। लखनऊ, अयोध्या, बाराबंकी, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी रायबरेली और सीतापुर में पार्टी ने भारी अंतर से जीत हासिल की है।
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विस्तार
अयोध्या में 22 सदस्यों के समर्थन का दावा करते हुए चुनाव मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी को अपनों ने भी दगा दे दिया। मतगणना के बाद पार्टी दस वोटों पर ही सिमट गई। जबकि 30 जिला पंचायत सदस्यों ने भाजपा को अपना समर्थन दिया। इस तरह भाजपा प्रत्याशी रोली सिंह ने समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार इंदुसेन यादव को 20 मतों से मात दे दी। हालांकि, सपा नेताओं ने भाजपा की इस जीत को सत्ता की जीत बताया है और बागी सदस्यों को चिह्नित करके रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजने की बात कही है। सपा ने चुनाव में धांधली का आरोप भी लगाया है।
कांग्रेस के गढ़ रायबरेली में शनिवार को भाजपा का परचम लहरा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर भाजपा प्रत्याशी रंजना चौधरी ने पूर्व सांसद स्व. अशोक सिंह की बहू आरती सिंह को आठ मतों से हराकर सभी को चौंका दिया। भाजपा प्रत्याशी रंजना को 30, जबकि आरती को 22 मत मिले। उधर सीतापुर में भाजपा की जबरदस्त जीत हुई है। कांटे की टक्कर के बीच पार्टी प्रत्याशी श्रद्धा सागर जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हो गई। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में 56 जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मत डाले, जबकि सपा की प्रत्याशी अनीता राजवंशी को 22 मत मिले। एक वोट अवैध हो गया है।
लखनऊ : भाजपा की आरती रावत बनीं जिला पंचायत अध्यक्ष, सपा का हंगामा
लखनऊ में हंगामे के बीच हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा की आरती रावत 25 में से 14 वोट पाकर जीत गईं। वही सपा प्रत्याशी विजयलक्ष्मी को 11 वोट मिले। सपा प्रत्याशी विजय लक्ष्मी मोहनलालगंज से सपा विधायक अमरीश पुष्कर की पत्नी हैं। चुनाव में बेईमानी का आरोप लगाते हुए सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट के बाहर हंगामा किया। सपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि एक जिला पंचायत सदस्य अरुण रावत को दूसरे दल के प्रत्याशियों, समर्थकों ने प्रशासन की मदद से गायब कर दिया। कलेक्ट्रेट के बाहर सुरक्षा घेरा तोड़कर सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठे और जमकर प्रदर्शन किया। बाद में परिणाम घोषित होने के बाद सपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए चले गए। सपा एमएलसी सुनील साजन ने प्रशासन व सरकार पर चुनाव में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया।
गोरखपुर : बस्ती मंडल की सात में से छह सीटों पर भाजपा का कब्जा
गोरखपुर-बस्ती मंडल में जिला पंचायत अध्यक्ष की सात में से छह सीटें भाजपा ने जीत ली है। संतकबीरगनर में सपा को जीत मिली है। गोरखपुर में पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। बस्ती में भाजपा के संजय चौधरी जीत हासिल की। उन्हें 39 मत मिले। सपा के वीरेंद्र चौधरी को मात्र चार वोट मिले। देवरिया में भाजपा के गिरीश चंद्र तिवारी ने सपा की शैलजा यादव को पराजित किया। तिवारी को 42 वोट मिले, जबकि शैलजा यादव को 11 मत मिले। तीन मत अवैध घोषित किए गए। महराजगंज में भाजपा के रविकांत पटेल जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उन्हें 38 मत मिले, जबकि सपा के दुर्गा यादव को मात्र नौ वोट मिले। सिद्धार्थनगर में भाजपा की शीतल सिंह विजयी रहीं। उन्हें 40 मत मिले। सपा की पूजा यादव को महज पांच मत मिले। कुशीनगर में भाजपा की सावित्री देवी ने सपा की रीता देवी को 31 मतों के अंतर से पराजित किया। सावित्री देवी को 46 और रीता देवी को 15 वोट मिले। गोरखपुर में भाजपा की साधना सिंह पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुकी हैं। संतकबीरनगर में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी सपा को मिली है। यहां सपा के बलिराम यादव ने भाजपा के कृष्ण कुमार चौरसिया को पराजित किया। यादव को 18 मत मिले, जबकि कृष्ण कुमार को 12 वोट मिले।
मेरठ : मुजफ्फरनगर में सपाइयों का प्रदर्शन, शामली में एक वोट से जीत
मुजफ्फरनगर में सपाइयों ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के दबाव में आकर चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाते हुए प्रकाश चौक पर हंगामा किया। विपक्ष के कार्यकर्ता और नेता जब कलक्ट्रेट की ओर जाने लगे तो पुलिस ने प्रकाश चौक पर उन्हें रोक दिया। जिस पर उन्होंने जमकर हंगामा किया। इसी दौरान भारी संख्या में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गये जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की।भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग को हटाकर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस वालों ने उन्हें रोक दिया। इस बीच दोनों ओर से जमकर जोर आजमाइश होती रही। मुजफ्फरनगर में भाजपा के वीरपाल निरवाल जीते। कुल 43 जिला पंचायत सदस्यों में से 34 ने वोट डाले। जिनमें से भाजपा के वीरपाल निरवाल को 30 वोट और विपक्ष के सत्येंद्र बालियान को 4 वोट मिले। बिजनौर में भाजपा प्रत्याशी सकेंद्र प्रताप सिंह की जीत हुई। भाजपा प्रत्याशी साकेंद्र प्रताप सिंह को 30 वोट मिले और सपा गठबंधन प्रत्याशी चरणजीत सिंह कौर को 25 वोट मिले। बागपत में जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा रालोद का तिलिस्म नहीं तोड़ पाई। लगातार छठी बार रालोद प्रत्याशी ने जीत दर्ज की। ममता को 12 वोट मिले और भाजपा की बबली देवी को 7 वोट मिली। एक वोट कैंसिल हो गया। शामली में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा उम्मीदवार मधु ने एक वोट से जीत हासिल की। कुल 19 वोटों में से मधु को 10 और सपा-रालोद की संयुक्त उम्मीदवार अंजलि को नौ वोट मिले। सपा-रालोद नेेताओं ने प्रशासन पर भाजपा पक्ष को सहायक उपलब्ध कराने का आरोप लगाते हुए हंगामा। इसे लेकर डीएम और निर्वाचन आयोग से शिकायत की गई है।
हापुड : सपा व रालोद कार्यकर्ताओं का हंगामा
हापुड़। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में भाजपा की प्रत्याशी रेखा नागर ने 13 मत प्राप्त कर जीत हासिल की है। उन्होंने सपा और रालोद गठबंधन प्रत्याशी रुचि यावद को हराया। रुचि को मात्र छह वोट ही प्राप्त हुए। हालांकि चुनाव के दौरान जमकर हंगामा भी हुआ। मतदान स्थल पर जाने के लिए पहले भाजपा पदाधिकारियों की पुलिस से जमकर धक्का मुक्की हुई। उसके बाद सपा, रालोद और उनके पक्ष में आए भाकियू कार्यकर्ताओं ने अपनी वोटें न पड़ने देने और दो सदस्यों के लापता करने का पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया। इस पर हंगामा करते हुए ये लोग सड़क पर धरने पर बैठ गए। हालांकि मतदान पूरा होने के बाद सभी यहां से लौट गए। जीत की घोषणा होने के बाद किसी प्रकार का विरोध देखने को नहीं मिला। वहीं बुलंदशहर से भाजपा के अंतुल तेवतिया और गाजियाबाद से भाजपा की ममता त्यागी पहले ही निविर्रोध चुनीं जा चुकी हैं।
बरेली, खीरी और बदायूं में भाजपा की जीत
बरेली में भाजपा ने अपने 13 सदस्य, बसपा सदस्यों और निर्दलियों का समर्थन लेकर 40 वोट हासिल किए। भाजपा की रश्मि पटेल ने सपा की विनीता गंगवार को 21 वोटों से चुनाव हरा दिया। खीरी में भाजपा के प्रत्याशी ओमप्रकाश भार्गव ने 38 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की अंजलि भार्गव को सात मतों से हरा दिया। सपा को कुल 31 वोट मिले, तीन वोट निरस्त हो गए। सपा के गढ़ रहे बदायूं में खासी जद्दोजहद के बाद आखिरकार भाजपा की वर्षा यादव ने जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर कब्जा कर लिया, उन्हें 28 वोट मिले। कुल 51 वोट में से 23 सपा की सुनीता शाक्य के खाते में आए। वहीं बदायूं में सपा प्रत्याशी सुनीता शाक्य व निर्दलीय ऐश्वर्या यादव समेत 52 पर रिपोर्ट दर्ज की गई। नामांकन के दिन सपाइयों ने जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट पर नारेबाजी की थी। पुलिस वीडियो देखकर बाकी लोगों के नाम खोलेगी। यहां पर अपहृत बताई गई जिला पंचायत सदस्य अरुणा कुमारीने भी कलक्ट्रेट पहुंचकर वोट डाला।
कुछ दिन पहले उसावां क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य अरुणा कुमारी रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थीं। उनके पति अनिल कुमार ने उनके लापता होने की रिपोर्ट सपा प्रत्याशी सुनीता शाक्य व उनके पति सिनोद शाक्य के खिलाफ दर्ज कराई थी। इसके बाद अनिल भी लापता हो गए थे तो सपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने उनके अपहरण की बात कहकर भाजपा पर निशाना साधा था।
वाराणसी आजमगढ़ और विंध्य मंडल की पांच सीटों पर भाजपा काबिज
वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्य मंडल की जिला पंचायत की दस सीटों में से पांच सीटों पर भारतीय जनता पार्टी काबिज हुई है। इसमें वाराणसी से भाजपा की पूनम मौर्य और मऊ से मनोज राय पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। समाजवादी पार्टी को दो सीटों से ही संतोष करना पड़ा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में पार्टी ने शानदार जीत हासिल की है। दो सीटें निर्दलीय प्रत्याशी और एक सीट अपना दल के खाते में आई है। शनिवार को आठ जिलों में जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए मतदान हुआ। इसमें आजमगढ़ की प्रतिष्ठा परक सीट को बचाने में सपा के विजय यादव सफल रहे। यहां 84 वोटों में से सपा को 79 और भाजपा के संजय निषाद को महज पांच वोट हासिल हुए। बलिया में हाल ही में बसपा से सपा में शामिल हुए आनंद चौधरी ने भाजपा की सुप्रिया चौधरी को नौ वोटों से हराया। गाजीपुर में तीन दशक से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज सपा को भाजपा ने बेदखल कर दिया। यहां भाजपा की सपना सिंह को 47 वोट मिले जबकि सपा की कुसमलता को महज 20 वोट ही हासिल हुए। जौनपुर में बाहुबली नेता धनंजय सिंह की पत्नी निर्दल प्रत्याशी श्रीकला धनंजय सिंह के मैदान में उतरने से मुकाबला चतुष्कोणीय हो गया था। भाजपा से बागी होकर निर्दल लड़ी नीलम सिंह और सपा की निशी यादव को श्रीकला ने पछाड़ दिया। मिर्जापुर में भाजपा के राजू कन्नौजिया को एकतरफा जीत हासिल हुई। उन्हें 40 वोट मिले हैं जबकि समाजवादी पार्टी की आशा देवी को महज चार वोट से संतोष करना पड़ा। भदोही में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही यहां भाजपा विधायक रविंद्र त्रिपाठी के भाई निर्दल प्रत्याशी अनिरुद्ध त्रिपाठी 20 वोट पाकर विजयी रहे जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अमित सिंह प्रिंस को महज चार वोट हासिल हुए। यहां एक वोट अवैध हो गया। सोनभद्र से अपना दल (एस) की राधिका पटेल ने सपा के जयप्रकाश को सात वोटों से पराजित किया है। राधिका को 19 और जय प्रकाश को 12 वोट मिले हैं। चंदौली में भाजपा के दीनानाथ शर्मा ने 30 वोट हासिल कर सपा के तेज नारायण यादव को हरा दिया।
मुरादाबाद : रामपुर में रामगोविंद चौधरी का धरना, पुलिस से नोकझोंक
रामपुर में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व सपा नेता रामगोविंद चौधरी के धरना और सपा कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक के बीच शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इसमें भाजपा समर्थित ख्यालीराम लोधी ने बहुमत का आंकड़ा हासिल कर जीत दर्ज कराई। ख्यालीराम लोधी को कुल 18 वोट मिले, जबकि सपा समर्थित प्रत्याशी नसरीन जहां को 13 मत मिले। वहीं संभल जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में शनिवार को भाजपा समर्थित डॉ. अनामिका विजयी हुई हैं। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी सपा समर्थित प्रिया को नौ मतों से हराया है। कुल 35 जिला पंचायत सदस्यों में से 22 ने डॉ. अनामिका के पक्ष में मतदान किया और 13 सदस्यों ने प्रिया के पक्ष में मतदान किया है। मुरादाबाद और अमरोहा में पहले ही निविर्रोध अध्यक्ष चुन लिया गया था।
आगरा : एटा में सपा को मिली जीत
बसपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए कोई प्रत्याशी नहीं उतारा। भाजपा और रालोद ही चुनाव मैदान में थे।
फिरोजाबाद मेें जिला पंचायत चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशी हर्षिता सिंह ने जीत दर्ज की जबकि सपा की प्रत्याशी रुचि सिंह को हार का सामना करना पड़ा। हर्षिता सिंह पूर्व मंत्री जयवीर सिंह की पुत्रवधू हैं। मैनपुरी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने अर्चना भदौरिया और सपा ने मनोज यादव को प्रत्याशी बनाया था। मतदान के बाद शनिवार को अर्चना भदौरिया ने 18 सदस्यों के वोट के साथ जीत दर्ज की। वहीं सपा प्रत्याशी को 11 वोट ही मिले।
वहीं एटा में सपा की रेखा यादव जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में जीत को लेकर सपा शुरू से आश्वस्त थी। वहीं भाजपा की विनीता यादव को कुल चार वोट मिल सके। दो सदस्यों के वोट निरस्त घोषित कर दिए गए। कासगंज में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी रत्नेश कश्यप ने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी समर्थ यादव को करारी मात दी है। जिला पंचायत के 23 सदस्यों ने मत डाले। विजेता रत्नेश कश्यप को 14 मत मिले जबकि प्रतिद्वंदी प्रत्याशी समर्थ यादव को 9 मत मिले।
अलीगढ़ : फिर लहराया भाजपा का परचम, सपाइयों का हंगामा
अलीगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में पूर्व सीएम कल्याण सिंह के रिश्तेदार विजय सिंह ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव की चचेरी बहन अर्चना यादव को 30 वोटों से हराया। मतदान के दौरान 46 जिला पंचायत सदस्यों ने अपने मत का प्रयोग किया। वहीं कोल्ड स्टोर में अवैध भंडारण के दो मामलों में नामजद व जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी अनिल चौधरी की वांछित जिला पंचायत सदस्य पत्नी ममता चौधरी अपना मतदान करने नहीं पहुंचीं। चुनाव में मतदान के लिए जा रहे सपा के जिला पंचायत सदस्यों को रोका तो हुआ हंगामा। इस दौरान अर्चना यादव को यूनिवर्सिटी सर्किल पर आधे घंटे तक रोका गया। उनके पति संजय यादव को भी रोका गया। इस पर सपाइयों ने जबरदस्त हंगामा किया। वहीं हाथरस में भाजपा प्रत्याशी पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय को मिली जीत। सीमा को 24 में से 13 वोट मिले, जबकि रालोद और सपा की संयुक्त उम्मीदवार शशि चौधरी को 11 वोट मिले। भाजपाइयों ने सीमा की जीत पर जमकर जश्न मनाया। मालूम हो कि पहले भी दो बार सीमा उपाध्याय जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं।
कानपुर : दस सीटों पर भाजपा को मिली जीत, एक निर्दलीय के खाते में
सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड में शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए हुए मतदान में 11 जिलों में से 10 पर भाजपा ने जीत हासिल कर ली है, जबकि एक पर भाजपा के ही सांसद के भाई की पत्नी ने निर्दलीय के रूप में जीत हासिल की है। तीन जिलों बांदा, चित्रकूट और इटावा में पहले ही अध्यक्ष निर्विरोध चुने जा सके हैं। निर्विरोध में भी इटावा को छोड़कर दो सीटों बांदा और चित्रकूट में भाजपा ने ही जीत हासिल की थी।
घोषित परिणाम में कानपुर सिटी में स्वप्निल वरुण (भाजपा) ने 25 मत पाकर राजू दिवाकर (सपा) को 20 मतों से हराया है। कानपुर देहात में नीरज रानी (निर्दलीय) ने 26 मत पाकर रामसिंह (सपा) को 21 मतों से, हरदोई में प्रेमावती (भाजपा) ने 65 मत लेकर मुन्नी गौतम (सपा) को 59 मतों से, औरैया में कमल दोहरे (भाजपा) ने 13 मत पाकर रवि त्यागी (सपा) को चार मतों से, फर्रुखाबाद में मोनिका यादव (भाजपा) ने 18 मत पाकर डॉ. सुबोध यादव(सपा) को छह मतों से, फतेहपुर में अभयप्रताप सिंह (भाजपा) ने 41 मत पाकर संगीत राज (सपा) को 36 मतों से, हमीरपुर में जयंती राजपूत (भाजपा) ने 11 मत पाकर दुष्यंत सिंह (निषाद पार्टी) को पांच मतों से, जालौन में घनश्याम अनुरागी (भाजपा) ने 18 मत पाकर उर्मिला सोनकर (कांग्रेस) को 12 मतों से, कन्नौज में प्रिया शाक्य (भाजपा) ने 15 मत पाकर श्यामसिंह यादव (सपा) को दो मतों से, महोबा में जयप्रकाश अनुरागी (भाजपा) ने 10 मत पाकर मृत्यंजय प्रताप (सपा) को छह मतों से और उन्नाव में शकुनसिंह (भाजपा) ने 28 मत पाकर अरुण सिंह (भाजपा विद्रोही) नौ मतों से हराया।
इसके अलावा इटावा में अंशुल यादव (सपा), बांदा में सुनील पटेल (भाजपा) और चित्रकूट में अशोक जाटव (भाजपा) पहले ही निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए जा चुके हैं।
प्रयागराज, कौशाम्बी में भाजपा व प्रतापगढ़ में राजा भैया की पार्टी समर्थित ने जीती सीट
प्रयागराज जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए शनिवार को हुए मतदान में भाजपा समर्थित डॉ. वीके सिंह 51 वोट पाकर विजयी हुए। उन्होंने सपा की मालती यादव को 18 मतों के अंतर से हराया। सपा ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पुनर्मतदान की मांग की है। प्रतापगढ़ में पूर्व मंत्री और कुंडा के बाहुबली विधायक राजाभैया की पार्टी जनसत्ता दल की माधुरी पटेल ने जिला पंचायत अध्यक्ष के पद पर कब्जा जमाया। भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन व पुलिस पर जनसत्ता दल के प्रत्याशी की मदद का आरोप लगाते हुए बवाल किया। एएसपी, सीओ से धक्कामुक्की और शहर कोतवाल समेत सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों से हाथापाई करते हुए मुख्य गेट तोड़ने का प्रयास किया। कौशाम्बी में भाजपा प्रत्याशी कल्पना सोनकर सपा की विजमा देवी को दो मतों से हराकर जिला पंचायत की मुखिया बनीं। मतदान के दौरान कई बार सपा समर्थकों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुईं।