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लोन चुकाने के लिए चाहिए था पैसा, खुद के अपहरण की कहानी गढ़ घरवालों से मांगी फिरौती

Sat, 19 Feb 2022 02:08 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 19 Feb 2022 02:08 AM IST
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youth created fake kidnaping for money
लखनऊ। सिर पर लोन था। इसे चुकाने के लिए घर वालों से पैसा चाहिए था। इसलिए कृष्णानगर इलाके के एक युवक ने खुद के अपहरण की कहानी रच डाली। परेशान घर वालों ने कृष्णानगर थाने में अपहरण की तहरीर दी तो पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर युवक को उन्नाव से बरामद कर सारी कहानी से पर्दा उठा दिया।
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प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर आलोक कुमार राय के मुताबिक मूलरूप से कानपुर के जूही इलाके का रमेश रविखंड बंगला बाजार में रहता है। वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। युवक के बहनोई प्रशांत विश्वकर्मा ने थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद युवक की तलाश शुरू की गई।
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एक लाख रुपये फिरौती के लिए भेजा मेसेज
पुलिस टीम ने सर्विलांस के जरिये युवक की लोकेशन निकाल रही थी, तभी युवक के घरवालों ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मेसेज आया है कि एक लाख रुपये दे दो नहीं तो बेटे की हत्या कर दी जाएगी। गुरुवार रात में युवक की लोकेशन कानपुर में मिली थी। इसके बाद पुलिस की एक टीम सुबह रवाना हुई, लेकिन सुबह युवक की लोकेशन उन्नाव के दही थाना क्षेत्र स्थित यूपीएसआईडीसी के खंडहर भवन के पास मिली। पुलिस टीम जब वहां पहुंची तो अपहृत बताया जा रहा युवक भवन के पास के बबूल के जंगल में लेटा मिला। पुलिस उसे लेकर कृष्णानगर थाने पहुंची। यहां पूछताछ में युवक ने अपहरण की झूठी कहानी रचने की बात बताई।
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कानपुर के घंटाघर में खड़ी की बाइक
पुलिस के मुताबिक युवक रमेश ने बताया कि उसने कई ऑनलाइन कंपनियों से करीब 35 हजार रुपये का लोन ले रखा है। यह रकम चुकाने के लिए कंपनियां लगातार फोन कर रही थीं। उसके पास रुपये नहीं थे, इसलिए उसने अपहरण की कहानी बनाई। बाइक से कानपुर गया। वहां घंटाघर बाइक खड़ी की और वहीं उसने अपनी बहन के मोबाइल पर मेसेज भेजकर एक लाख रुपये की फिरौती मांगी। इसके बाद बस से उन्नाव पहुंचा, जहां यूपीएसआईडीसी के भवन के पास जंगल में पहुंच गया। उसने यह मेसेज अपने ही मोबाइल से भेजा था। पुलिस ने चोट के बारे में पूछा तो उसने कहा, बबूल के जंगल में पहुंचने के बाद पेड़ से खुद को कई बार रगड़ा, यहीं नहीं अपने चेहरे पर कई बार घूंसे से वार किया, जिसकी तस्वीरें भी अपनी बहन के मोबाइल पर भेजी थी। पुलिस के मुताबिक परिवारीजनों ने बताया कि रमेश बुधवार रात स्टेशन रोड स्थित सीएमएस में काम करने गया था। बृहस्पतिवार को कानपुर रोड स्थित एलडीए कॉलोनी के सीएमएस में ड्यूटी थी। वहीं से वह गायब हुआ था।
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