योगी बोले, बस चले तो बच्चे पैदा करने के बाद उनकी जिम्मेदारी भी लोग सरकार पर डाल दें
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने के लिए लोगों में सिविक सेंस (नागरिक बोध) नहीं है। अगर उनके घरों के बाहर कूड़ेदान रख दिए जाएं तो उसे भी उठाकर अपने घर के अंदर रख लेंगे। लोग अपनी सारी जिम्मेदारी सरकार के ऊपर डाल देते हैं।
उन्होंने कहा कि यही हाल रहा तो एक दिन ऐसा आएगा कि बच्चे पैदा करेंगे और उसके एक-दो साल बाद कहने लगेंगे कि इनका लालन-पालन सरकार करे। हालांकि, उनके इस बयान की निंदा भी हो रही है। कांग्रेस ने योगी के इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।
योगी बुधवार को साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में स्टार्टअप यात्रा के शुभारंभ के अवसर पर अपने विचार रख रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्टार्टअप के लिए एक हजार करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। किसी भी युवा को स्वरोजगार शुरू करने के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के साथ 15 सितंबर तक एमओयू भी कर लिया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से अभिनव प्रयोग करने का आह्वान भी किया, ताकि आम लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सके। साथ ही डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए 27 हजार गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर लाइन पहुंचाने का अपनी सरकार का संकल्प भी दोहराया।
बनाया जाएगा एक हजार करोड़ का कॉर्पस फंड
प्रदेश में स्टार्टअप के लिए एक हजार करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाया जाएगा। किसी भी युवा को स्वरोजगार शुरू करने के लिए फंड की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलेपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के साथ 15 सितंबर तक एमओयू भी कर लिया जाएगा।
उन्होंने युवाओं से अभिनव प्रयोग करने का आह्वान भी किया, ताकि आम लोगों की जिंदगी में बदलाव आ सके। साथ ही डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए 27 हजार गांवों तक ऑप्टिकल फाइबर लाइन पहुंचाने का अपनी सरकार का संकल्प भी दोहराया।
कांग्रेसी निजाम ने नहीं की आम लोगों की चिंता
सीएम योगी ने कांग्रेस के निजाम पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद जो सरकारें बनीं, उनका उद्देश्य किसी भी तरह सत्ता में बने रहना था। समाज और आम लोग उनके केंद्र में नहीं थे। पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी ने उस दायित्व को निभाया है। वे जहां गरीबों के हित में लगातार नीतियां बना रहे हैं, वहीं उन्हें नेतृत्व दे सकने की क्षमता रखने वाले लोगों की भी उपेक्षा नहीं कर रहे हैं।
विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जाएंगे इन्क्युबेटर
सीएम ने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार के लिए मुद्रा योजना चलाई है। स्टार्टअप से संबंधित समस्याओं के हल के लिए कॉल सेंटर चलाया जा रहा है, वहीं जल्द ही एक मोबाइल एप भी लॉन्च किया जाएगा। सीएम ने कहा कि इन्क्युबेटर की स्थापना के लिए विश्वविद्यालयों को न सिर्फ एकमुश्त 25-25 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, बल्कि इनके संचालन के लिए हर साल 5 लाख रुपये देने की व्यवस्था भी की है। इतना ही नहीं नहीं यहां रखे जाने वाले सलाहकारों को दो लाख रुपये मानदेय भी दिया जाएगा।